अमेरिका का 'महाबम हमला': फोर्दो समेत ईरान के 3 न्यूक्लियर ठिकानों पर बरसे B-2 बमवर्षक, अब क्या करेगा ईरान?
अमेरिका ने बी-2 बॉम्बर्स से ईरान के फोर्दो, नतांज और इस्फाहान परमाणु ठिकानों पर MOP बंकर बस्टर बम गिराए। जानें क्या है इस बम की खासियत और अब क्या प्रतिक्रिया दे सकता है ईरान? ट्रंप के फैसले के पीछे की रणनीति पर खास संपादकीय विश्लेषण।
ईरान और इज़रायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अचानक बड़ी सैन्य कार्रवाई करते हुए ईरान के तीन सबसे सुरक्षित परमाणु ठिकानों — फोर्दो, नतांज और इस्फाहान — पर हमला कर दिया। अमेरिकी बी-2 स्टील्थ बॉम्बर्स ने 'GBU-57 A/B MOP' यानी बंकर बस्टर महाबम गिराए, जिनकी मारक क्षमता इतनी अधिक है कि ये चट्टानों के भीतर छिपे अंडरग्राउंड न्यूक्लियर साइट्स को भी नष्ट कर सकते हैं।
इस कार्रवाई के बाद ईरान का सरकारी मीडिया और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स भड़क उठे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अब अमेरिकी सैनिक और नागरिक ईरान के निशाने पर हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या यह हमला एक नए युद्ध की शुरुआत है या फिर ट्रंप प्रशासन की एक सीमित चेतावनी?
‘मैसिव ऑर्डनेंस पेनिट्रेटर’ (MOP), यानी GBU-57, 30,000 पाउंड वजनी एक ऐसा हथियार है जिसे खासतौर से उन ठिकानों को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है जो जमीन के सैकड़ों फीट नीचे बने होते हैं। यह बम GPS-गाइडेड होता है और केवल B-2 बॉम्बर्स से ही छोड़ा जा सकता है।
यह बम इतनी ताकतवर है कि यह पहले से मौजूद बंकर बम BLU-109 की तुलना में दस गुना अधिक प्रभावशाली माना जाता है। इसके भीतर भरा 5,300 पाउंड विस्फोटक, किसी भी स्टील-रेइनफोर्स्ड कंक्रीट बंकर को तोड़ने की क्षमता रखता है।
ईरान के ये तीन परमाणु ठिकाने उसकी परमाणु नीति के आधार हैं। फोर्दो, जो 2009 में सार्वजनिक हुआ था, भूमिगत सुरंगों के भीतर बना है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे सबसे सुरक्षित साइटों में से एक माना जाता है।
नतांज और इस्फाहान में उन्नत सेंट्रीफ्यूज और यूरेनियम संवर्धन की गतिविधियाँ चलती हैं। इन ठिकानों पर हमले से ईरान का पूरा परमाणु कार्यक्रम अस्त-व्यस्त हो सकता है।
ट्रंप प्रशासन ने पहले कूटनीतिक प्रयास किए लेकिन ईरान ने यूरेनियम संवर्धन पर कोई रोक नहीं लगाई। IAEA (अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) ने भी पुष्टि की कि फोर्दो में उच्च स्तर का यूरेनियम उत्पादन हो रहा था।
ऐसे में जब वार्ता विफल हुई तो ट्रंप ने इजरायली पीएम नेतन्याहू के कहने पर सीधी सैन्य कार्रवाई को प्राथमिकता दी।
हमले के तुरंत बाद ईरान के सरकारी मीडिया ने बयान जारी किया कि अब उनका जवाब सीमित नहीं रहेगा। अमेरिका के इस हमले को उन्होंने 'सीधी आक्रामकता' बताया है और सैन्य एवं असैन्य अमेरिकी ठिकानों को संभावित लक्ष्य बताया है।
रूस और चीन ने अमेरिका की इस कार्रवाई को क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ाने वाला बताया है, जबकि इज़रायल ने इसे ऐतिहासिक कदम कहा है। यूरोपियन यूनियन ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
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Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।