अनंत अंबानी ने अपनी जामनगर-द्वारका पदयात्रा के दौरान 250 मुर्गियों को बचाया। जानें उनकी धार्मिक आस्था और पशु कल्याण के प्रति समर्पण की पूरी कहानी।
New Delhi,(Shah Times)। रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के चेयरपर्सन मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी 140 किलोमीटर की पदयात्रा कर रहे हैं। यह यात्रा जामनगर से द्वारका तक की है, जो 28 मार्च को मोती खावड़ी से शुरू हुई थी। अनंत अंबानी के साथ दिव्य भास्कर के रिपोर्टर हिरेन हिरपरा भी इस यात्रा में शामिल हैं।
यात्रा के दौरान, अनंत अंबानी ने एक अनोखी मिसाल पेश की। उन्होंने बूचड़खाने ले जाई जा रही 250 मुर्गियों को दोगुनी कीमत देकर खरीदा और उन्हें आज़ाद कर दिया। इसके बाद वे एक मुर्गी को अपने हाथ में लेकर चलते भी दिखे। उनकी इस मानवीय पहल की सराहना हो रही है।
अनंत अंबानी और उनके परिवार की भगवान द्वारकाधीश में गहरी आस्था है। उनकी यह पदयात्रा इसी आस्था का प्रतीक है। 10 अप्रैल को अनंत अंबानी अपना 30वां जन्मदिन द्वारका में ही मनाएंगे।
यात्रा के दौरान ट्रैफिक और सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए अनंत अंबानी रात में यात्रा कर रहे हैं। पांचवें दिन तक वे 50 किलोमीटर की दूरी तय कर चुके हैं और सोनारडी गांव के पाटिया पहुंचे हैं।
अनंत अंबानी का खंभालिया के फुललीया हनुमान मंदिर में स्वागत किया गया। वहां के भरतदास बापू ने उन्हें द्वारकाधीश की फोटो भेंट की। इसके अलावा, विश्वनाथ वेद संस्कृत पाठशाला के संस्थापक मगनभाई राज्यगुरु से उन्होंने आशीर्वाद लिया।
अनंत अंबानी ने युवाओं से भगवान द्वारकाधीश पर विश्वास रखने की अपील की। उन्होंने कहा, "मैं हर कार्य से पहले भगवान द्वारकाधीश को याद करता हूं। जब भगवान हमारे साथ होते हैं, तो कोई चिंता करने की जरूरत नहीं होती।"
अनंत अंबानी वन्यजीव संरक्षण से जुड़े अपने ड्रीम प्रोजेक्ट 'वनतारा' के लिए भी चर्चा में हैं। यह केंद्र 2000 से अधिक प्रजातियों और 1.5 लाख से अधिक बचाए गए लुप्तप्राय व संकटग्रस्त जानवरों का घर है। हाल ही में, केंद्र सरकार ने वनतारा को पशु कल्याण में सर्वोच्च सम्मान 'प्राणी मित्र राष्ट्रीय पुरस्कार' से सम्मानित किया।
अनंत अंबानी की यह यात्रा और उनके मानवीय कार्य समाज को प्रेरणा देने वाले हैं। उनकी आस्था, सेवा और संरक्षण की भावना को पूरे देश से सराहना मिल रही है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।