बालों में खुजली और चिपचिपाहट को न करें नजरअंदाज
बालों में खुजली, तैलीयपन और चिपचिपाहट कई लोगों के लिए रोजमर्रा की परेशानी बन जाती है। ऐसे में अक्सर लोग दादी-नानी के बताए घरेलू नुस्खे आजमाने लगते हैं। हालांकि, हर व्यक्ति के स्कैल्प की समस्या का कारण एक जैसा नहीं होता। विशेषज्ञों के अनुसार रूसी, तैलीय त्वचा, हेयर केयर प्रोडक्ट से होने वाली जलन और सेबोरिक डर्मेटाइटिस जैसी स्थितियां स्कैल्प में खुजली और परत जमने का कारण बन सकती हैं।
चिपचिपाहट के साथ रूसी भी हो तो क्या समझें?
अगर स्कैल्प पर सफेद या पीली परत, खुजली और तैलीयपन एक साथ दिखाई दे रहे हैं, तो यह डैंड्रफ या सेबोरिक डर्मेटाइटिस से जुड़ा हो सकता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार सेबोरिक डर्मेटाइटिस अक्सर शरीर के तैलीय हिस्सों, खासकर स्कैल्प पर होता है और इसमें खुजली के साथ चिकनी या परतदार त्वचा दिखाई दे सकती है।
दादी-नानी के नुस्खों में क्या सावधानी रखें?
घरेलू देखभाल के नाम पर स्कैल्प पर कोई भी चीज लगाने से पहले सावधानी जरूरी है। नींबू, सिरका, बेकिंग सोडा या तेज खुशबू वाले पदार्थ सीधे स्कैल्प पर लगाने से संवेदनशील त्वचा में जलन बढ़ सकती है। खासकर अगर पहले से लालिमा, घाव या जलन मौजूद हो तो ऐसे प्रयोग से बचना बेहतर है।
इसके बजाय बालों और स्कैल्प को हल्के हाथ से साफ करना, अच्छी तरह पानी से धोना और समस्या बढ़ाने वाले हेयर प्रोडक्ट से बचना ज्यादा सुरक्षित शुरुआती कदम हो सकते हैं। AAD भी सेबोरिक डर्मेटाइटिस में त्वचा को धीरे से साफ करने और जलन पैदा करने वाले उत्पादों से बचने की सलाह देता है।
तेल लगाने से हर समस्या ठीक नहीं होती
बालों में तेल लगाना भारतीय परिवारों में लंबे समय से प्रचलित घरेलू देखभाल का हिस्सा है, लेकिन खुजली और चिपचिपे स्कैल्प की समस्या में अधिक तेल लगाना हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं माना जा सकता। यदि स्कैल्प पहले से बहुत तैलीय है या परतें जम रही हैं, तो समस्या का वास्तविक कारण पहचानना जरूरी है।
एंटी-डैंड्रफ शैंपू कब उपयोगी हो सकता है?
हल्की रूसी में नियमित बाल धोने से मदद मिल सकती है। अगर इससे राहत न मिले तो AAD के अनुसार ऐसे एंटी-डैंड्रफ शैंपू इस्तेमाल किए जा सकते हैं जिनमें जिंक पाइरिथियोन, सैलिसिलिक एसिड, सल्फर, सेलेनियम सल्फाइड, केटोकोनाजोल या कोल टार जैसे सक्रिय तत्व हों। शैंपू को बोतल पर दिए निर्देश के अनुसार इस्तेमाल करना जरूरी है।
NHS के अनुसार डैंड्रफ में केटोकोनाजोल, कोल टार या सैलिसिलिक एसिड वाले एंटी-डैंड्रफ शैंपू विकल्प हो सकते हैं और इन्हें निर्देश के अनुसार इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
बार-बार खुजली हो तो कारण जानना जरूरी
स्कैल्प की खुजली हमेशा रूसी की वजह से नहीं होती। हेयर डाई, शैंपू या अन्य हेयर केयर प्रोडक्ट से एलर्जिक रिएक्शन, एक्जिमा, सोरायसिस या फंगल इंफेक्शन जैसी स्थितियां भी खुजली और परत का कारण बन सकती हैं।
इसलिए लंबे समय तक समस्या बनी रहने पर केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर स्कैल्प बहुत ज्यादा खुजली करता है, लाल या सूजा हुआ है, दर्द हो रहा है, समस्या लगातार बनी हुई है या एंटी-डैंड्रफ शैंपू के करीब चार सप्ताह इस्तेमाल के बाद भी सुधार नहीं होता, तो चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
निष्कर्ष
बालों में खुजली और चिपचिपाहट को केवल गंदगी मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। साफ-सफाई, अपने स्कैल्प के अनुरूप शैंपू और जलन पैदा करने वाले उत्पादों से दूरी शुरुआती देखभाल का हिस्सा हो सकती है। वहीं, लगातार या गंभीर समस्या में सही कारण की पहचान और विशेषज्ञ की सलाह ज्यादा महत्वपूर्ण है।
नोट: घरेलू नुस्खे हर व्यक्ति पर समान रूप से काम नहीं करते। स्कैल्प पर किसी भी नए पदार्थ का इस्तेमाल करने से पहले संवेदनशीलता और जलन की संभावना को ध्यान में रखें।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।