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मेरठ में सीएम योगी का अखिलेश-राहुल पर हमला, राम और परिवारवाद को लेकर विपक्ष पर निशाना

Wasi Siddiqui • 2026-09-21 16:17:44
मेरठ में सीएम योगी का अखिलेश-राहुल पर हमला, राम और परिवारवाद को लेकर विपक्ष पर निशाना

📍 मेरठ, उत्तर प्रदेश
🗓️ 21 सितंबर 2026
✍️ Wasi Siddiqui

मेरठ में शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों की राजनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने राम, परिवारवाद, जातिवाद और उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर अपने सरकार के रुख को सामने रखा।


मेरठ में योगी का सियासी हमला

उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बयानबाजी तेज हो गई है। सोमवार को मेरठ में आयोजित शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर तीखा सियासी हमला बोला। उनके निशाने पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस सहित विपक्ष की वह राजनीति रही, जिसे उन्होंने परिवारवाद और जातिवाद से जोड़कर पेश किया।

मुख्यमंत्री ने भगवान राम के मुद्दे को भी अपने संबोधन में प्रमुखता से उठाया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने विपक्ष पर राम के नाम को लेकर विरोध की राजनीति करने का आरोप लगाया। इसी संदर्भ में उन्होंने बाबर का जिक्र करते हुए विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा।


राम के नाम पर विपक्ष को घेरा

योगी आदित्यनाथ के भाषण में राम मंदिर और राम के नाम से जुड़ा राजनीतिक विमर्श एक अहम मुद्दा रहा। उन्होंने विपक्ष पर भगवान राम से दूरी रखने का आरोप लगाया और इसे अपनी राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाया।

यह बयान ऐसे वक्त आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल संगठनात्मक स्तर पर सक्रिय हो रहे हैं। मेरठ का कार्यक्रम भी भाजपा की पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक तैयारियों से जुड़ा था। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान कार्यकर्ताओं से संवाद किया।


परिवारवाद और जातिवाद पर निशाना

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में परिवारवाद और जातिवाद को भारतीय राजनीति की पुरानी समस्या बताया। उन्होंने समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस पर सत्ता को परिवार तथा निजी हितों से जोड़ने का आरोप लगाया। ये आरोप मुख्यमंत्री के राजनीतिक वक्तव्य का हिस्सा हैं, इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

योगी ने भाजपा की राजनीतिक सोच को इससे अलग बताते हुए कहा कि राजनीति में व्यक्ति से ऊपर दल और दल से ऊपर देश को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से राष्ट्रहित को राजनीतिक गतिविधियों का आधार बनाने की अपील की।


कानून-व्यवस्था पर सरकार का दावा

मेरठ के संबोधन में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था भी चर्चा का प्रमुख विषय रही। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पहले प्रदेश की पहचान ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ जैसी स्थिति से जुड़ी हुई थी, जबकि मौजूदा सरकार ने कानून के राज को मजबूत किया है।

‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ वाला राजनीतिक तंज योगी आदित्यनाथ पहले भी अलग-अलग सार्वजनिक कार्यक्रमों में इस्तेमाल करते रहे हैं। अगस्त और सितंबर 2026 में भी उन्होंने पिछली सरकारों की कानून-व्यवस्था पर इसी तरह सवाल उठाए थे।

यहां यह अंतर समझना जरूरी है कि किसी राजनीतिक नेता का पिछली सरकारों के बारे में दावा और उस दावे का स्वतंत्र तथ्यात्मक मूल्यांकन अलग-अलग चीजें हैं। योगी का बयान भाजपा के राजनीतिक नैरेटिव का हिस्सा है।


कांवड़ यात्रा और जन्माष्टमी का भी जिक्र

मुख्यमंत्री ने धार्मिक आयोजनों और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को भी अपने भाषण में उठाया। उन्होंने विपक्ष पर कांवड़ यात्रा और जन्माष्टमी जैसे धार्मिक आयोजनों को लेकर प्रतिबंध या रोक की राजनीति करने का आरोप लगाया।

ऐसे आरोपों की पुष्टि के लिए प्रत्येक घटना, संबंधित प्रशासनिक आदेश और संबंधित समय की परिस्थितियों को अलग-अलग देखना जरूरी है। इसलिए इन दावों को मुख्यमंत्री के राजनीतिक आरोप के रूप में ही रिपोर्ट किया जाना उचित है।


मेरठ में संगठन पर भाजपा का फोकस

मुख्यमंत्री का यह संबोधन भाजपा के संगठनात्मक कार्यक्रम के बीच हुआ। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन 21 और 22 सितंबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं। मेरठ में युवा संवाद और शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन के बाद संगठन के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकें निर्धारित थीं।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार सम्मेलन में योगी ने शक्ति केंद्र संयोजकों को भाजपा के जमीनी संगठन की अहम कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि शक्ति केंद्र स्तर पर संगठन और चुनावी गतिविधियों में संयोजकों की भूमिका महत्वपूर्ण है।


पश्चिमी यूपी पर नजर

भाजपा का मेरठ दौरा केवल एक सार्वजनिक सभा तक सीमित नहीं रहा। कार्यक्रम में युवा संवाद, संगठनात्मक बैठक और क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ संवाद शामिल रहा। इसके बाद नितिन नबीन का सहारनपुर जाने का कार्यक्रम है, जहां पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकें प्रस्तावित हैं।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की दृष्टि से महत्वपूर्ण राजनीतिक क्षेत्र है। इसी वजह से भाजपा का संगठनात्मक नेतृत्व यहां जमीनी कार्यकर्ताओं और शक्ति केंद्र स्तर की तैयारियों पर जोर दे रहा है।


सियासी नैरेटिव में राम और कानून-व्यवस्था

योगी आदित्यनाथ के मेरठ भाषण में दो प्रमुख राजनीतिक मुद्दे दिखाई दिए। पहला धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा राम का मुद्दा रहा। दूसरा कानून-व्यवस्था और कथित माफिया प्रभाव का सवाल रहा।

भाजपा लंबे समय से उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को अपने शासन की प्रमुख उपलब्धियों में गिनाती रही है। मुख्यमंत्री ने हालिया भाषणों में ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ के मुकाबले ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ और विकास आधारित योजनाओं का उल्लेख भी किया है।

दूसरी तरफ विपक्ष इन मुद्दों पर सरकार के दावों को राजनीतिक दृष्टिकोण से देखता रहा है। इसलिए चुनावी विमर्श में आने वाले ऐसे दावों को आंकड़ों, सरकारी रिकॉर्ड और स्वतंत्र रिपोर्टों के साथ परखना महत्वपूर्ण रहेगा।


2027 से पहले बयानबाजी तेज

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। भाजपा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक बैठकों का सिलसिला तेज किया है। इसी दौरान सपा के खिलाफ ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ जैसे पोस्टर भी कई शहरों में सामने आए हैं। इन पोस्टरों के पीछे किस संगठन या व्यक्ति की आधिकारिक भूमिका है, इस पर उपलब्ध रिपोर्टों में स्पष्टता नहीं है।

इस माहौल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मेरठ भाषण भाजपा के राजनीतिक नैरेटिव को स्पष्ट करता है। राम, कानून-व्यवस्था, परिवारवाद और जातिवाद जैसे मुद्दे आने वाले महीनों में उत्तर प्रदेश की चुनावी बहस के प्रमुख विषयों में शामिल रह सकते हैं।


आगे क्या

मेरठ के बाद भाजपा का संगठनात्मक फोकस पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दूसरे हिस्सों तक बढ़ेगा। नितिन नबीन का सहारनपुर दौरा भी इसी क्रम में है। वहां स्थानीय पदाधिकारियों, पूर्व जनप्रतिनिधियों और संगठन से जुड़े नेताओं के साथ संवाद प्रस्तावित है।

फिलहाल मेरठ सम्मेलन से साफ है कि भाजपा ने जमीनी संगठन को सक्रिय करने के साथ अपने प्रमुख राजनीतिक मुद्दों को भी सामने रखना शुरू कर दिया है। विपक्ष की तरफ से इन आरोपों पर आने वाली प्रतिक्रियाएं उत्तर प्रदेश के चुनावी विमर्श को और धार दे सकती हैं।

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Wasi Siddiqui

Wasi Siddiqui

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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