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गैंगस्टर एक्ट के तहत खनन माफिया इकबाल  बाला की 275 करोड़ की संपत्तियां कुर्क

None 2026-02-19 04:58:30
गैंगस्टर एक्ट के तहत खनन माफिया इकबाल  बाला की 275 करोड़ की संपत्तियां कुर्क

सहारनपुर में गैंगस्टर इकबाल  बाला की 56 प्रॉपर्टी पर प्रशासन की कार्रवाई

सहारनपुर में इकबाल उर्फ बाला की संपत्तियां सरकारी नियंत्रण में

सहारनपुर में जिला प्रशासन ने गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई की है। खनन और लकड़ी तस्करी से जुड़ी जांच में 56 अचल संपत्तियां कुर्क की गई हैं।इनकी अनुमानित कीमत करीब 2 अरब 75 करोड़ रुपये बताई गई है।जिला प्रशासन ने गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत इकबाल उर्फ बाला की 56 संपत्तियां कुर्क की हैं। प्रशासन के अनुसार ये संपत्तियां कथित तौर पर अवैध गतिविधियों से अर्जित की गई थीं। सभी संपत्तियों को सरकारी नियंत्रण में लेकर उनके प्रबंधन के लिए तहसीलदार बेहट को प्रशासक नियुक्त किया गया है।

📍 Saharanpur ✍️ Asif Khan

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद में जिला प्रशासन ने गैंगस्टर एक्ट के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिलाधिकारी मनीष बंसल द्वारा जारी आदेश के अनुसार मोहम्मद इकबाल उर्फ हाजी इकबाल उर्फ बाला की 56 अचल संपत्तियों को कुर्क कर लिया गया है। प्रशासन ने बताया कि यह कार्रवाई गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के प्रावधानों के अंतर्गत की गई है।

आदेश में कहा गया है कि जिन संपत्तियों को आपराधिक गतिविधियों से अर्जित किया गया हो, उन्हें विधिक प्रक्रिया के तहत कुर्क किया जा सकता है। इसी आधार पर यह निर्णय लिया गया।

संपत्तियों की कीमत

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार कुर्क की गई संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब 2 अरब 75 करोड़ 97 लाख रुपये आंकी गई है। यह संपत्तियां सहारनपुर जिले के अलग-अलग गांवों में स्थित हैं।

इनमें कृषि भूमि, रिहायशी प्लॉट, व्यवसायिक भूखंड और अन्य अचल संपत्तियां शामिल हैं। जांच के दौरान राजस्व अभिलेखों और रजिस्ट्री दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि कई संपत्तियां आरोपी, उसके परिजनों, सहयोगियों तथा कुछ कंपनियों के नाम पर दर्ज पाई गईं।

जांच का आधार

प्रशासन के मुताबिक वर्ष 2022 में थाना मिर्जापुर में गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज एक मुकदमे की जांच के दौरान इन संपत्तियों का खुलासा हुआ था। जांच एजेंसियों ने आरोप लगाया कि वन क्षेत्र से खैर की लकड़ी की तस्करी, अवैध खनन तथा अन्य गतिविधियों के जरिए बड़ी मात्रा में संपत्ति अर्जित की गई।

जांच रिपोर्ट के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि संबंधित संपत्तियां कथित तौर पर आपराधिक आय से खरीदी गई थीं। इसके बाद जिलाधिकारी न्यायालय में वाद की सुनवाई हुई और कुर्की का आदेश पारित किया गया।

प्रशासन की प्रक्रिया

जिलाधिकारी ने आदेश में कहा कि गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को कुर्क कर सरकारी नियंत्रण में लिया जा सकता है।

https://youtu.be/gQXSGmhgD-0?si=86nmOsh_Oze78x6O

कार्रवाई के बाद सभी 56 संपत्तियों के प्रबंधन और संरक्षण के लिए तहसीलदार बेहट को प्रशासक नियुक्त किया गया है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि संपत्तियों को विधिवत कब्जे में लेकर उनका रखरखाव सुनिश्चित करें।

राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीमों ने संबंधित गांवों में जाकर संपत्तियों का भौतिक सत्यापन भी किया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सीमांकन और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की।

आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले

प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार इकबाल उर्फ बाला के खिलाफ विभिन्न थानों में करीब 50 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें खनन, वन संपदा से संबंधित प्रकरण और अन्य आपराधिक धाराएं शामिल हैं।

वर्ष 2022 में गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे के बाद से संपत्तियों की जांच का सिलसिला जारी था। पूर्व में भी कुछ संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं।

पुलिस अभिलेखों के अनुसार आरोपी पर इनामी घोषणा भी की गई है। उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं।

अदालती कार्यवाही

एक प्रकरण की सुनवाई जिला अधिकारी की अदालत में चल रही थी। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत दस्तावेजों और जांच रिपोर्ट के आधार पर 56 संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया गया।

आदेश में कहा गया कि आरोपी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर एक गिरोह का गठन किया और संगठित तरीके से संपत्ति अर्जित की।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई विधि सम्मत प्रक्रिया के तहत की गई है और सभी संबंधित पक्षों को सुनवाई का अवसर दिया गया।

प्रशासन का बयान

जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कहा कि गैंगस्टर एक्ट के प्रावधानों के अंतर्गत यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि आदेश के अनुसार संपत्तियों को सरकारी नियंत्रण में लिया गया है और आगे की कार्यवाही कानून के अनुसार जारी रहेगी।

अधिकारियों ने कहा कि अपराध से अर्जित संपत्ति के विरुद्ध यह कदम उठाया गया है और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

बचाव पक्ष की प्रतिक्रिया

आरोपी के अधिवक्ताओं ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे इस आदेश को उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देंगे। उनका कहना है कि आदेश उच्चतम न्यायालय के पूर्व निर्देशों के विपरीत है।

उन्होंने बताया कि विधिक सलाह के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।

पूर्व राजनीतिक पृष्ठभूमि

इकबाल उर्फ बाला पूर्व में विधान परिषद सदस्य रह चुके हैं। विभिन्न अवधियों में उनका नाम खनन कारोबार से जुड़ा रहा है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि के बावजूद वर्तमान कार्रवाई पूरी तरह आपराधिक मामलों और जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई केवल उपलब्ध साक्ष्यों और विधिक प्रक्रिया के आधार पर की गई है।

आगे की प्रक्रिया

कुर्क की गई संपत्तियां फिलहाल सरकारी नियंत्रण में रहेंगी। प्रशासक नियुक्त अधिकारी इनके संरक्षण और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे।

यदि किसी पक्ष द्वारा उच्च न्यायालय में अपील दायर की जाती है तो आगे की स्थिति न्यायालय के आदेश पर निर्भर करेगी।

प्रशासन ने कहा है कि राजस्व अभिलेखों में आवश्यक प्रविष्टियां की जा रही हैं और सभी संपत्तियों का रिकॉर्ड अपडेट किया जा रहा है।

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सहारनपुर में गैंगस्टर इकबाल  बाला की 56 प्रॉपर्टी पर प्रशासन की कार्रवाई

सहारनपुर में इकबाल उर्फ बाला की संपत्तियां सरकारी नियंत्रण में

सहारनपुर में जिला प्रशासन ने गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई की है। खनन और लकड़ी तस्करी से जुड़ी जांच में 56 अचल संपत्तियां कुर्क की गई हैं।इनकी अनुमानित कीमत करीब 2 अरब 75 करोड़ रुपये बताई गई है।जिला प्रशासन ने गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत इकबाल उर्फ बाला की 56 संपत्तियां कुर्क की हैं। प्रशासन के अनुसार ये संपत्तियां कथित तौर पर अवैध गतिविधियों से अर्जित की गई थीं। सभी संपत्तियों को सरकारी नियंत्रण में लेकर उनके प्रबंधन के लिए तहसीलदार बेहट को प्रशासक नियुक्त किया गया है।

📍 Saharanpur ✍️ Asif Khan

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद में जिला प्रशासन ने गैंगस्टर एक्ट के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिलाधिकारी मनीष बंसल द्वारा जारी आदेश के अनुसार मोहम्मद इकबाल उर्फ हाजी इकबाल उर्फ बाला की 56 अचल संपत्तियों को कुर्क कर लिया गया है। प्रशासन ने बताया कि यह कार्रवाई गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के प्रावधानों के अंतर्गत की गई है।

आदेश में कहा गया है कि जिन संपत्तियों को आपराधिक गतिविधियों से अर्जित किया गया हो, उन्हें विधिक प्रक्रिया के तहत कुर्क किया जा सकता है। इसी आधार पर यह निर्णय लिया गया।

संपत्तियों की कीमत

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार कुर्क की गई संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब 2 अरब 75 करोड़ 97 लाख रुपये आंकी गई है। यह संपत्तियां सहारनपुर जिले के अलग-अलग गांवों में स्थित हैं।

इनमें कृषि भूमि, रिहायशी प्लॉट, व्यवसायिक भूखंड और अन्य अचल संपत्तियां शामिल हैं। जांच के दौरान राजस्व अभिलेखों और रजिस्ट्री दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि कई संपत्तियां आरोपी, उसके परिजनों, सहयोगियों तथा कुछ कंपनियों के नाम पर दर्ज पाई गईं।

जांच का आधार

प्रशासन के मुताबिक वर्ष 2022 में थाना मिर्जापुर में गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज एक मुकदमे की जांच के दौरान इन संपत्तियों का खुलासा हुआ था। जांच एजेंसियों ने आरोप लगाया कि वन क्षेत्र से खैर की लकड़ी की तस्करी, अवैध खनन तथा अन्य गतिविधियों के जरिए बड़ी मात्रा में संपत्ति अर्जित की गई।

जांच रिपोर्ट के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि संबंधित संपत्तियां कथित तौर पर आपराधिक आय से खरीदी गई थीं। इसके बाद जिलाधिकारी न्यायालय में वाद की सुनवाई हुई और कुर्की का आदेश पारित किया गया।

प्रशासन की प्रक्रिया

जिलाधिकारी ने आदेश में कहा कि गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को कुर्क कर सरकारी नियंत्रण में लिया जा सकता है।

https://youtu.be/gQXSGmhgD-0?si=86nmOsh_Oze78x6O

कार्रवाई के बाद सभी 56 संपत्तियों के प्रबंधन और संरक्षण के लिए तहसीलदार बेहट को प्रशासक नियुक्त किया गया है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि संपत्तियों को विधिवत कब्जे में लेकर उनका रखरखाव सुनिश्चित करें।

राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीमों ने संबंधित गांवों में जाकर संपत्तियों का भौतिक सत्यापन भी किया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सीमांकन और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की।

आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले

प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार इकबाल उर्फ बाला के खिलाफ विभिन्न थानों में करीब 50 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें खनन, वन संपदा से संबंधित प्रकरण और अन्य आपराधिक धाराएं शामिल हैं।

वर्ष 2022 में गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे के बाद से संपत्तियों की जांच का सिलसिला जारी था। पूर्व में भी कुछ संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं।

पुलिस अभिलेखों के अनुसार आरोपी पर इनामी घोषणा भी की गई है। उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं।

अदालती कार्यवाही

एक प्रकरण की सुनवाई जिला अधिकारी की अदालत में चल रही थी। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत दस्तावेजों और जांच रिपोर्ट के आधार पर 56 संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया गया।

आदेश में कहा गया कि आरोपी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर एक गिरोह का गठन किया और संगठित तरीके से संपत्ति अर्जित की।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई विधि सम्मत प्रक्रिया के तहत की गई है और सभी संबंधित पक्षों को सुनवाई का अवसर दिया गया।

प्रशासन का बयान

जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कहा कि गैंगस्टर एक्ट के प्रावधानों के अंतर्गत यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि आदेश के अनुसार संपत्तियों को सरकारी नियंत्रण में लिया गया है और आगे की कार्यवाही कानून के अनुसार जारी रहेगी।

अधिकारियों ने कहा कि अपराध से अर्जित संपत्ति के विरुद्ध यह कदम उठाया गया है और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

बचाव पक्ष की प्रतिक्रिया

आरोपी के अधिवक्ताओं ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे इस आदेश को उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देंगे। उनका कहना है कि आदेश उच्चतम न्यायालय के पूर्व निर्देशों के विपरीत है।

उन्होंने बताया कि विधिक सलाह के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।

पूर्व राजनीतिक पृष्ठभूमि

इकबाल उर्फ बाला पूर्व में विधान परिषद सदस्य रह चुके हैं। विभिन्न अवधियों में उनका नाम खनन कारोबार से जुड़ा रहा है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि के बावजूद वर्तमान कार्रवाई पूरी तरह आपराधिक मामलों और जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई केवल उपलब्ध साक्ष्यों और विधिक प्रक्रिया के आधार पर की गई है।

आगे की प्रक्रिया

कुर्क की गई संपत्तियां फिलहाल सरकारी नियंत्रण में रहेंगी। प्रशासक नियुक्त अधिकारी इनके संरक्षण और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे।

यदि किसी पक्ष द्वारा उच्च न्यायालय में अपील दायर की जाती है तो आगे की स्थिति न्यायालय के आदेश पर निर्भर करेगी।

प्रशासन ने कहा है कि राजस्व अभिलेखों में आवश्यक प्रविष्टियां की जा रही हैं और सभी संपत्तियों का रिकॉर्ड अपडेट किया जा रहा है।

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Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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