यमन के ताइज में बाजार के पास हवाई हमले में 7 लोगों की मौत और 40 घायल हुए। हूती पक्ष ने बाजार को निशाना बताया, जबकि यमन सरकार ने हूती सैन्य ठिकाने पर हमले की बात कही।
ताइज, यमन | 28 सितंबर 2026
BY MOHD HARIS
यमन में संघर्ष एक बार फिर मानवीय संकट और क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाता दिखाई दे रहा है। ताइज प्रांत के माविया जंक्शन के पास एक बाजार क्षेत्र में हुए हवाई हमले में 7 लोगों की मौत और 40 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। हूती संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, मृतकों में बच्चे भी शामिल हैं।
हमले के बाद सामने आए वीडियो और तस्वीरों में क्षतिग्रस्त वाहन, मलबा और बाजार क्षेत्र में भारी तबाही दिखाई गई। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, घटनास्थल पर दुकानें और आसपास की इमारतें भी प्रभावित हुईं।
लेकिन हूती पक्ष और यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार ने हमले के निशाने को लेकर अलग-अलग दावे किए हैं।
हूती संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि ताइज के माविया जंक्शन के पास दुकानों वाले बाजार क्षेत्र पर हवाई हमला हुआ। उसके अनुसार 7 लोगों की मौत हुई और 40 लोग घायल हुए। घायलों में बच्चे भी शामिल बताए गए हैं।
रिपोर्टिंग के अनुसार, यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार ने बाद में कहा कि कार्रवाई का निशाना हूती सैन्य शिविर और वहां मौजूद वाहन थे। सरकार से जुड़े 3 सैन्य सूत्रों ने दावा किया कि हूती लड़ाकों ने हाल में बाजार के करीब यह ठिकाना स्थापित किया था।
इसलिए हमले की नागरिक कीमत सामने आने के बावजूद उसके सैन्य लक्ष्य को लेकर अभी स्पष्टता नहीं है।
हमला ताइज प्रांत के माविया जंक्शन के पास हुआ। यह इलाका लंबे समय से यमन के संघर्ष का अहम मोर्चा रहा है।
हूती पक्ष के मुताबिक, दो हवाई हमलों में बाजार की दुकानों को निशाना बनाया गया। उसके सैन्य प्रवक्ता ने सऊदी अरब पर हमले का आरोप लगाया और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी।
दूसरी तरफ यमन सरकार ने कहा कि उसकी कार्रवाई का निशाना हूती सैन्य ढांचा था। सरकार से जुड़े सूत्रों ने बाजार के करीब हूती सैन्य गतिविधि मौजूद होने का दावा किया।
इस तरह एक ही घटनास्थल को लेकर दो अलग नैरेटिव सामने आए हैं। एक पक्ष इसे बाजार पर हमला बता रहा है, जबकि दूसरा इसे सैन्य लक्ष्य के खिलाफ कार्रवाई बता रहा है।
उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक इस घटना में 7 लोगों की मौत हुई और 40 लोग घायल हुए। हूती स्वास्थ्य मंत्रालय ने बच्चों के भी प्रभावित होने की जानकारी दी है। एक रिपोर्ट में 5 बच्चों के घायल होने का उल्लेख है।
घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। घटनास्थल से सामने आई तस्वीरों में क्षतिग्रस्त वाहन, मलबा और प्रभावित इमारतें दिखाई दीं।
यमन में हालिया हिंसा का दायरा इस एक हमले से कहीं बड़ा है। WFP के अनुसार सितंबर में बढ़े संघर्ष के दौरान लगभग 700 लोगों की मौत हुई और 120,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए।
यमन में मानवीय स्थिति पहले से गंभीर है। WFP के अनुसार 18 मिलियन से अधिक लोग खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं और 5 वर्ष से कम उम्र के लगभग 2.2 मिलियन बच्चे गंभीर कुपोषण से प्रभावित हैं।
ताइज दक्षिण-पश्चिमी यमन का प्रमुख इलाका है और लंबे समय से हूती तथा यमन सरकार समर्थित बलों के बीच संघर्ष का केंद्र रहा है।
यमन का युद्ध 2014 में उस समय बड़े संकट में बदल गया, जब हूती लड़ाकों ने राजधानी सना पर नियंत्रण स्थापित किया। इसके बाद सऊदी अरब के नेतृत्व में गठबंधन ने हूती बलों के खिलाफ सैन्य हस्तक्षेप किया।
हाल के महीनों में क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के साथ यमन का संघर्ष फिर ज्यादा सक्रिय हुआ है। रेड सी क्षेत्र, बाब-अल-मंदब और सऊदी अरब की सुरक्षा इस संकट को स्थानीय युद्ध से आगे क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दा बना रहे हैं।
इसी पृष्ठभूमि में सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान के बीच मक्का संयुक्त रक्षा समझौता चर्चा में आया है।
31 अगस्त 2026 को तीनों देशों ने इस समझौते के तहत रक्षा सहयोग को संस्थागत रूप देने की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति जताई थी। संयुक्त बयान में क्षेत्रीय स्थिरता, संयम और संकटों के शांतिपूर्ण समाधान के प्रयास जारी रखने की बात कही गई थी।
सितंबर में हूती हमलों और सऊदी सुरक्षा चिंताओं के बीच तीनों देशों के सैन्य प्रमुखों के बीच भी बातचीत हुई। रिपोर्टों के अनुसार, बैठक का फोकस रक्षा समन्वय और क्षेत्रीय सुरक्षा था।
क्या तुर्किये और पाकिस्तान सऊदी के साथ यमन में हमला करेंगे?
22 सितंबर को तुर्किये, पाकिस्तान, सऊदी अरब और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने संयुक्त बयान में सऊदी अरब के अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप आत्मरक्षा के अधिकार की पुष्टि की। साथ ही उन्होंने क्षेत्रीय संघर्षों के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति को जरूरी बताया।
तुर्किये के विदेश मंत्री ने इससे पहले सऊदी अरब की रक्षा जरूरतों को पूरा करने में सहयोग की तत्परता जताई थी।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने भी मक्का रक्षा समझौते को हूती हमलों की स्थिति में सक्रिय किए जाने की संभावना पर टिप्पणी की है। लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों में पाकिस्तान द्वारा यमन में प्रत्यक्ष हवाई हमले शुरू करने की पुष्टि नहीं है।
इसलिए “मक्का समझौते के दबाव में तुर्किये और पाकिस्तान अब यमन पर हमला करेंगे” फिलहाल एक संभावित परिदृश्य के रूप में चर्चा योग्य है, स्थापित तथ्य के रूप में नहीं।
मक्का समझौते के कारण सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के बीच सुरक्षा सहयोग का नया ढांचा तैयार हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, तुर्की संसद के अध्यक्ष ने 25 सितंबर को कहा था कि यह रक्षा समझौता आगे चलकर व्यापक मुस्लिम देशों के लिए भी खुल सकता है, जिसमें ईरान का नाम भी शामिल किया गया।
लेकिन इस सहयोग का वास्तविक सैन्य इस्तेमाल किस परिस्थिति में होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
यमन का संघर्ष पहले ही ईरान, सऊदी अरब और दूसरे क्षेत्रीय खिलाड़ियों के बीच व्यापक रणनीतिक प्रतिस्पर्धा से जुड़ा हुआ है। इसलिए किसी नए सैन्य हस्तक्षेप का असर केवल यमन तक सीमित नहीं रहेगा।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।