खाड़ी में समुद्री सुरक्षा पर नया संकट, क़तर के पास टैंकर को बनाया निशाना
होर्मुज से दूर टैंकर पर कई प्रोजेक्टाइल गिरे, हताहतों की संख्या अस्पष्ट
क़तर के उत्तरी तट से 94 किलोमीटर दूर एक टैंकर पर कई प्रोजेक्टाइल टकराने की पुष्टि हुई है। ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने हताहतों की सूचना दी है, लेकिन संख्या और हमलावर की पहचान स्पष्ट नहीं है।
क़तर | 8 अक्टूबर 2026
By Mohd Haris
क़तर के उत्तरी तट के पास एक टैंकर पर कई अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला होने की सूचना सामने आई है। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के मुताबिक, घटना 7 अक्टूबर 2026 को भारतीय समयानुसार 8 अक्टूबर की रात करीब 12:30 बजे हुई। एजेंसी की चेतावनी संख्या 158-26 के अनुसार, टैंकर क़तर के मदीनत अश शमाल से लगभग 51 नॉटिकल मील यानी 94 किलोमीटर उत्तर में था। जहाज़ से कई प्रोजेक्टाइल टकराने और हताहत होने की सूचना मिली है।
हताहतों की संख्या और जहाज़ की पहचान स्पष्ट नहीं
UKMTO ने अपनी शुरुआती सूचना में हताहतों की पुष्टि की है, लेकिन यह नहीं बताया कि कितने लोग मारे गए या घायल हुए। हमले का शिकार हुए टैंकर का नाम, राष्ट्रीयता और स्वामित्व भी उपलब्ध आधिकारिक सूचना में स्पष्ट नहीं किया गया है। किसने हमला किया और किस हथियार का इस्तेमाल हुआ, इसकी भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित अधिकारी घटना की जांच कर रहे हैं।
होर्मुज में बढ़ते हमलों के बीच नई वारदात
क़तर के पास यह हमला ऐसे वक्त हुआ है, जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और आसपास के समुद्री रास्तों पर व्यापारिक जहाज़ों को लगातार सुरक्षा जोखिम का सामना करना पड़ रहा है। 28 सितंबर से 5 अक्टूबर के बीच समुद्री सुरक्षा स्रोतों ने कम से कम 12 हमलों, हमले की कोशिशों और उत्पीड़न की घटनाओं की जानकारी दी थी। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के अलग रिकॉर्ड में इसी अवधि की 9 घटनाएं दर्ज थीं।
क़तर के पास हुई घटना को इन पुराने मामलों से अलग समझना ज़रूरी है। इस टैंकर पर हमले की ज़िम्मेदारी किसी पक्ष पर आधिकारिक तौर पर तय नहीं हुई है।
अंतरराष्ट्रीय तेल व्यापार पर संभावित असर
खाड़ी क्षेत्र से होकर दुनिया की बड़ी मात्रा में तेल और गैस की आपूर्ति होती है। ऐसे में जहाज़ों पर बढ़ते हमले समुद्री परिवहन, बीमा और ऊर्जा सप्लाई की लागत पर दबाव डालते हैं। 8 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड की कीमत $102 प्रति बैरल से ऊपर पहुंची। हालांकि कीमतों में तेजी के पीछे समुद्री सुरक्षा के साथ अमेरिकी उत्पादन से जुड़ी चिंताएं भी थीं।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।