* काला सागर में टैंकर पर हमला, सभी 23 भारतीय नाविक सुरक्षित
* रूस के सोची तट के पास तेल टैंकर में लगी आग, 23 भारतीयों का रेस्क्यू
* Aframax Rio पर ड्रोन हमला, आग के बीच 23 भारतीयों को सुरक्षित बचाया गया
काला सागर में सोची के पास Aframax Rio तेल टैंकर पर मानवरहित पोत से हमला हुआ। आग लगने के बाद सभी 23 भारतीय क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
सोची, रूस | 6 अक्टूबर 2026
By Mohd Haris
काला सागर में तेल टैंकर पर ड्रोन हमला, 23 भारतीय सुरक्षित
काला सागर में एक Liberian-flagged तेल टैंकर पर मानवरहित पोत से हमला होने के बाद आग लग गई। घटना रूस के Black Sea तट पर सोची के पास 6 अक्टूबर 2026 को हुई। राहत की बात यह रही कि टैंकर पर मौजूद सभी 23 क्रू सदस्य सुरक्षित निकाल लिए गए। रूसी परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, पूरे क्रू में भारतीय नागरिक शामिल थे और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
Aframax Rio को बनाया गया निशाना
रूसी अधिकारियों के अनुसार, तेल टैंकर Aframax Rio पर “naval drones” यानी मानवरहित नौसैनिक पोत से हमला हुआ। हमले के बाद जहाज में आग फैल गई और काला सागर के ऊपर घना काला धुआं दिखाई दिया। रूसी परिवहन मंत्रालय ने बताया कि आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि शुरुआती चरण में दमकल दल टैंकर के करीब पहुंचकर कार्रवाई नहीं कर पा रहे थे। बाद में आग की तीव्रता कम होने पर उसे नियंत्रित करने के लिए अभियान आगे बढ़ाया गया।
23 भारतीयों का सुरक्षित रेस्क्यू
इस घटना में सबसे अहम पहलू टैंकर पर मौजूद 23 भारतीय क्रू सदस्यों की सुरक्षा है। रूसी परिवहन मंत्रालय के मुताबिक सभी 23 लोगों को जहाज से सुरक्षित निकालकर तट तक पहुंचाया गया। प्रारंभिक जानकारी में किसी क्रू सदस्य के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर इस घटना में भारतीय क्रू के बीच किसी मौत या चोट की सूचना नहीं है।
हमले के जिम्मेदार कौन?
हमले को लेकर एक अहम सावधानी जरूरी है। रूसी अधिकारियों ने टैंकर पर मानवरहित पोत से हमला होने की बात कही है, लेकिन उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में हमले के जिम्मेदार पक्ष की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। कुछ रिपोर्टों में इसे यूक्रेनी ड्रोन हमला बताया गया है, लेकिन इसे तथ्य के रूप में पेश करना जल्दबाजी होगी। इसलिए फिलहाल इसे रूसी अधिकारियों द्वारा बताए गए “मानवरहित पोत के हमले” के रूप में ही दर्ज करना अधिक सटीक है।
सोची के पास समुद्री इलाका प्रभावित
घटना के बाद रूस के Sirius क्षेत्र में सुरक्षा उपाय बढ़ाए गए। स्थानीय प्रशासन ने एहतियाती तौर पर आसपास के समुद्र तटों तक लोगों की पहुंच प्रतिबंधित की। आग और बचाव अभियान के बीच अधिकारियों ने क्षेत्र में सामान्य गतिविधियों को सीमित रखा। टैंकर में कच्चे तेल के जलने की जानकारी भी रूसी परिवहन मंत्रालय ने दी।
Black Sea Shipping पर बढ़ता जोखिम
यह घटना ऐसे वक्त हुई है जब रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच काला सागर में Commercial Shipping की सुरक्षा लगातार गंभीर मुद्दा बनी हुई है। काला सागर से होकर तेल, अनाज और दूसरे माल की अंतरराष्ट्रीय आवाजाही होती है। समुद्री ड्रोन, मिसाइल और अन्य सैन्य गतिविधियों के कारण इस क्षेत्र से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों के लिए जोखिम बढ़ा है। भारतीय नागरिकों की बड़ी संख्या वैश्विक Merchant Shipping सेक्टर में काम करती है। इसलिए Black Sea जैसे संघर्ष प्रभावित समुद्री मार्गों पर होने वाली घटनाओं का भारत के लिए सीधा मानवीय और Maritime Security महत्व है।
एक दिन पहले भी सामने आई थी समुद्री घटना
Aframax Rio की घटना से एक दिन पहले Black Sea क्षेत्र में एक अन्य Commercial Vessel के साथ भी गंभीर घटना हुई थी। उस मामले में जहाज में आग लगने के बाद 2 विदेशी नाविकों की मौत की सूचना सामने आई थी और 3 भारतीय क्रू सदस्यों के सुरक्षित होने की जानकारी दी गई थी। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने Commercial Shipping और Civilian Seafarers की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है।
भारत के लिए क्यों अहम है मामला
इस घटना में 23 भारतीय नागरिकों का सुरक्षित बचना सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। Merchant Navy में काम करने वाले भारतीय नाविक दुनिया के अलग-अलग समुद्री मार्गों पर तैनात रहते हैं। युद्ध क्षेत्र के नजदीक Commercial Vessel पर हमला होने से केवल जहाज और माल की सुरक्षा प्रभावित नहीं होती। इससे चालक दल की जान, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय Shipping Routes पर भी असर पड़ता है। भारत पहले भी Black Sea में Commercial Shipping पर हुए हमलों को लेकर चिंता जाहिर कर चुका है। हालिया घटनाक्रम इस बात को रेखांकित करता है कि संघर्ष क्षेत्रों में Civilian Shipping की सुरक्षा एक अलग Maritime Security Priority बनी हुई है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।