नागौर के मारवाड़ मूंडवा में ATM तोड़ने पहुंचे 2 आरोपी ई-सर्विलांस अलर्ट के बाद पकड़े गए। ATM में 16 लाख 900 रुपये थे और कैश डोर तक आरोपी नहीं पहुंच सके।
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मारवाड़ मूंडवा, नागौर, राजस्थान
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29 सितंबर 2026
✍️ Mohd Naved
रात के करीब 2 बजे नागौर के मारवाड़ मूंडवा में एक ATM बूथ के भीतर 2 युवक दाखिल हुए। पुलिस के मुताबिक, दोनों ATM को नुकसान पहुंचाकर उसमें रखा कैश निकालने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान ATM में लगे ई-सर्विलांस सिस्टम ने संदिग्ध गतिविधि का अलर्ट बैंक के सुरक्षा तंत्र तक पहुंचाया।
अलर्ट मिलने के बाद बैंक की ब्रांच मैनेजर सारिका चौधरी अपने पति के साथ मौके पर पहुंचीं। वह बैंक की इमारत के ऊपर बने क्वार्टर में परिवार के साथ रहती थीं। मौके पर पहुंचने के बाद उन्होंने ATM बूथ के अंदर हलचल देखी और सीधे अंदर जाने के बजाय बाहर से शटर बंद कर दिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को ATM बूथ के भीतर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भरत प्रजापत और कोमल कुमार राजपूत के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में दोनों की भूमिका सामने आई है। पुलिस अब इस मामले के दूसरे पहलुओं की भी जांच कर रही है।
ई-सर्विलांस से मिला अहम अलर्ट
पुलिस और बैंक से सामने आई जानकारी के मुताबिक, घटना रात करीब 2:13 बजे शुरू हुई। दोनों युवक ATM बूथ में दाखिल हुए। ATM में लगे ई-सर्विलांस सिस्टम ने संदिग्ध गतिविधि को दर्ज किया और बैंक के अजमेर रीजनल सुरक्षा अधिकारी गौतम नागर को सूचना मिली। उन्होंने तत्काल ब्रांच मैनेजर को अलर्ट किया।
बैंक मैनेजर के मौके पर पहुंचने तक ATM बूथ का शटर नीचे था और अंदर से हलचल सुनाई दे रही थी। उन्होंने स्थिति को देखते हुए बाहर से शटर बंद कर दिया। इससे दोनों आरोपी बूथ के अंदर ही रह गए और पुलिस के पहुंचने तक बाहर नहीं निकल सके।
ATM में मौजूद था 16 लाख 900 रुपये कैश
इस घटना में ATM के भीतर मौजूद नकदी महत्वपूर्ण पहलू है। ब्रांच मैनेजर के मुताबिक, बैंक में हड़ताल प्रस्तावित होने के कारण ATM में पर्याप्त नकदी पहले से रखी गई थी। उस समय मशीन में 16 लाख 900 रुपये मौजूद थे।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ATM के उस हिस्से तक नहीं पहुंच सके जहां कैश सुरक्षित था। इसलिए नकदी की लूट नहीं हो सकी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वारदात की कोशिश के दौरान ATM को नुकसान जरूर पहुंचा, लेकिन कैश डोर नहीं टूटा।
ATM को नुकसान पहुंचाने की कोशिश
ब्रांच मैनेजर के मुताबिक, आरोपियों ने ATM का ऊपरी कवर तोड़ दिया था। CCTV कैमरे की निगरानी को प्रभावित करने की भी कोशिश की गई। कैमरे पर ग्रीस लगाने और ATM की कनेक्टिविटी वायर काटने की बात सामने आई है।
हालांकि, यह कोशिश कैश डोर तक पहुंचने से पहले ही रुक गई। ई-सर्विलांस अलर्ट के बाद बैंक मैनेजर और उनके पति मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। इस वजह से संदिग्धों को ATM के भीतर ही रोक लिया गया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
थाना प्रभारी पूरबाराम के मुताबिक, पुलिस ने भरत प्रजापत और कोमल कुमार राजपूत को मौके से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, भरत प्रजापत मूंडवा में चाय का ढाबा चलाता है और कोमल कुमार उसकी दुकान पर मजदूरी करता है।
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी किसी दूसरे व्यक्ति की मोटरसाइकिल से ATM तक पहुंचे थे। मोटरसाइकिल के मालिक से भी पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ATM लूट की योजना कब बनाई गई और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच
इस केस में CCTV फुटेज और ATM से जुड़े तकनीकी साक्ष्य जांच का अहम हिस्सा हैं। पुलिस यह देख रही है कि आरोपियों ने ATM तक पहुंचने के लिए किस रास्ते का इस्तेमाल किया और वारदात से पहले उन्होंने किस तरह तैयारी की थी।
ATM की कनेक्टिविटी वायर काटने और CCTV को प्रभावित करने की कोशिश से यह संकेत मिलता है कि आरोपियों ने निगरानी व्यवस्था को बाधित करने का प्रयास किया था। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर इस कार्रवाई की पूरी योजना और संभावित नेटवर्क को लेकर अभी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इस हिस्से में पुलिस की जांच जारी है।
सुरक्षा व्यवस्था का अहम पहलू
इस घटना में ई-सर्विलांस सिस्टम की भूमिका सामने आई है। संदिग्ध गतिविधि का अलर्ट मिलने के बाद बैंक सुरक्षा अधिकारी ने ब्रांच मैनेजर को तत्काल सूचना दी। मैनेजर का बैंक परिसर के ऊपर रहना भी मौके तक तेजी से पहुंचने में अहम रहा।
घटना यह भी दिखाती है कि ATM सुरक्षा में केवल भौतिक सुरक्षा पर्याप्त नहीं होती। निगरानी सिस्टम, तत्काल अलर्ट, CCTV और स्थानीय स्तर पर तेज प्रतिक्रिया एक साथ काम करें तो संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते कार्रवाई की जा सकती है। इस मामले में उपलब्ध तथ्यों के अनुसार यही क्रम सामने आया।
आगे क्या होगा
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब वारदात की पूरी कड़ी की जांच कर रही है। मोटरसाइकिल की जानकारी, CCTV फुटेज, ATM से जुड़े तकनीकी रिकॉर्ड और आरोपियों की कथित तैयारी की पड़ताल की जा रही है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में कैश की लूट होने की पुष्टि नहीं है। ATM में मौजूद 16 लाख 900 रुपये सुरक्षित रहे और आरोपी कैश डोर तक नहीं पहुंच सके। पुलिस की आगे की जांच से यह स्पष्ट होगा कि इस कोशिश के पीछे कितने लोग शामिल थे और वारदात की योजना किस स्तर पर तैयार की गई थी।
नागौर के मारवाड़ मूंडवा में ATM लूट की कोशिश उस समय नाकाम हो गई जब ई-सर्विलांस सिस्टम ने संदिग्ध गतिविधि का अलर्ट समय पर पहुंचाया। बैंक मैनेजर ने मौके पर पहुंचकर सीधे टकराव के बजाय बाहर से शटर बंद किया और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद 2 आरोपियों को ATM बूथ के भीतर से गिरफ्तार कर लिया गया। ATM में मौजूद 16 लाख 900 रुपये सुरक्षित रहे। मामले में पुलिस की जांच जारी है और अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।