भोपाल विकास योजना-2047 के ड्राफ्ट में 254 गांवों को नियोजित क्षेत्र में शामिल करने और 45 लाख आबादी के लिए विकास ढांचा तैयार करने का प्रस्ताव है। 51 किमी Growth Corridor, 27% Green Area, EKAI City, Green TDR और सड़क की चौड़ाई आधारित Commercial Use इसके प्रमुख प्रस्ताव हैं। भोपाल, 2026।
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📍 भोपाल 📰 27 सितंबर 2026 ✍️ Apurva Choudhary
भोपाल के विकास का नया खाका सामने आया
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के लिए लंबे इंतजार के बाद नया Development Plan-2047 का ड्राफ्ट सामने आ गया है। पिछली स्वीकृत विकास योजना 1995 में अधिसूचित हुई थी और उसकी योजना अवधि 2005 तक थी। अब प्रस्तावित योजना में अगले दो दशकों से अधिक समय के शहरी विस्तार, आवास, परिवहन, रोजगार, पर्यावरण और आर्थिक गतिविधियों को एक नए नियोजित ढांचे में लाने की कोशिश की गई है।
ड्राफ्ट के मुताबिक भोपाल के नियोजित क्षेत्र को आसपास के 254 गांवों तक विस्तारित करने का प्रस्ताव है। योजना करीब 1,016.90 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को ध्यान में रखकर तैयार की गई है और लगभग 45 लाख की अनुमानित आबादी के लिए भविष्य की बुनियादी सुविधाओं का ढांचा प्रस्तावित करती है। कुल करीब 61,017 हेक्टेयर विकास योग्य क्षेत्र में आवासीय उपयोग का सबसे बड़ा हिस्सा रखा गया है।
51 किलोमीटर का Growth Corridor बनेगा विकास की रीढ़
भोपाल Development Plan-2047 की सबसे अहम योजनाओं में 51 किलोमीटर लंबा Growth Corridor शामिल है। इसके आसपास लगभग 3,000 हेक्टेयर क्षेत्र में विकास की परिकल्पना की गई है। यह कॉरिडोर सिर्फ सड़क या परिवहन परियोजना नहीं बल्कि अलग-अलग आर्थिक और शहरी गतिविधियों को जोड़ने वाले विकास क्षेत्र के रूप में प्रस्तावित है।
प्रस्तावित Growth Corridor को EKAI City, एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग क्षेत्र, प्रस्तावित शहरी केंद्रों और विभिन्न टाउनशिप से जोड़ने की योजना है। इसके आसपास Mixed Land Use और अपेक्षाकृत उच्च घनत्व वाले विकास की संभावना रखी गई है।
इस क्षेत्र में होटल, अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाएं, IT तथा AI इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स, थोक व्यापार, मॉल, कॉर्पोरेट ऑफिस, शिक्षा संस्थान और आवासीय परियोजनाओं जैसी गतिविधियों का प्रस्ताव है। इससे Growth Corridor को भोपाल के भविष्य के आर्थिक विस्तार के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल किया गया है।
61 हजार हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र का Land Use Plan
ड्राफ्ट में कुल 61,017.02 हेक्टेयर विकास योग्य क्षेत्र के लिए अलग-अलग Land Use प्रस्तावित किए गए हैं। इसमें करीब 43.85 प्रतिशत हिस्सा आवासीय उपयोग के लिए रखा गया है। हरित क्षेत्र का हिस्सा करीब 27 प्रतिशत, परिवहन के लिए 9.53 प्रतिशत और सार्वजनिक एवं अर्ध-सार्वजनिक उपयोग के लिए लगभग 8 प्रतिशत प्रस्तावित है।
इसके अलावा Mixed Use, Commercial, Industrial, Logistics और Warehousing जैसे अलग-अलग उपयोग क्षेत्रों का भी प्रावधान है। इसका मकसद भविष्य में आवासीय विस्तार के साथ रोजगार, कारोबार, परिवहन और नागरिक सुविधाओं के लिए अलग-अलग क्षेत्रों को एक नियोजित ढांचे में विकसित करना है।
Green Area 16 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने का प्रस्ताव
भोपाल की पहचान झीलों और प्राकृतिक क्षेत्र से जुड़ी रही है। नए ड्राफ्ट में इसी पर्यावरणीय पहचान को विकास योजना का अहम हिस्सा बनाने का प्रस्ताव है। 2005 की योजना में लगभग 16 प्रतिशत क्षेत्र हरित उपयोग के लिए था, जिसे नए ड्राफ्ट में करीब 27 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रस्ताव है।
योजना में भोजताल और उसके Catchment Area, जंगल, पहाड़, तालाब और अन्य जलस्रोतों के संरक्षण पर जोर दिया गया है। इसके साथ Tiger Movement Corridors जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को भी नियोजन में शामिल करने की बात कही गई है।
इसका अर्थ यह है कि शहर के विस्तार के साथ पर्यावरणीय संवेदनशील क्षेत्रों को अलग रखने और उनके आसपास नियंत्रित विकास का ढांचा तैयार करने की कोशिश की गई है।
Green TDR से Green Zone की जमीन के लिए व्यवस्था
ड्राफ्ट में Green Transferable Development Rights यानी Green TDR का भी प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य उन निजी जमीन मालिकों के हितों को संबोधित करना है जिनकी जमीन प्रस्तावित Green Zone में आती है।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ऐसी जमीनों के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार Development Rights दिए जा सकते हैं, जिन्हें दूसरी अनुमत जगहों पर इस्तेमाल या ट्रांसफर किया जा सकेगा। इस तरह हरित क्षेत्र सुरक्षित रखने के साथ जमीन मालिकों के Development Rights को एक नियोजित व्यवस्था में शामिल करने की कोशिश की गई है।
Bhauri में बनेगी EKAI City
भोपाल के Bhauri क्षेत्र में Education Knowledge Artificial Intelligence यानी EKAI City विकसित करने का प्रस्ताव भी योजना का प्रमुख हिस्सा है। इसका उद्देश्य शिक्षा, रिसर्च, Innovation और Artificial Intelligence आधारित गतिविधियों के लिए एक विशेष क्षेत्र तैयार करना है।
EKAI City को Growth Corridor के साथ जोड़ने का प्रस्ताव है। इससे शिक्षा और तकनीक आधारित संस्थानों के साथ रोजगार तथा नई आर्थिक गतिविधियों के लिए भी जगह तैयार करने की योजना है।
सड़क की चौड़ाई से तय होगी Commercial Activity
नए ड्राफ्ट में Residential Areas में Commercial Activity को सड़क की चौड़ाई से जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया है। इसका मतलब यह है कि हर Residential Road पर एक जैसी Commercial Activity की अनुमति देने के बजाय सड़क की क्षमता और चौड़ाई के आधार पर अलग-अलग उपयोग तय करने की व्यवस्था प्रस्तावित है।
12 मीटर से कम चौड़ी सड़कों पर Full-scale Commercial Activity की अनुमति प्रस्तावित नहीं है। ऐसी सड़कों पर सीमित Professional Use की व्यवस्था हो सकती है, वह भी प्रस्तावित शर्तों के तहत।
12 से 18 मीटर चौड़ी सड़कों पर Neighbourhood-level सुविधाओं जैसे ATM, स्टेशनरी और मेडिकल स्टोर जैसी सीमित गतिविधियों की अनुमति प्रस्तावित है।
18 से 24 मीटर चौड़ी सड़कों पर अपेक्षाकृत ज्यादा Commercial Activity की गुंजाइश रखी गई है। इनमें Nursing Home, Restaurant, Hotel या Cafe, Coaching Centre और Showroom जैसी गतिविधियां शामिल हो सकती हैं।
30 मीटर से अधिक चौड़ी सड़कों पर Shopping Complex जैसी बड़ी Commercial Activity की संभावना प्रस्तावित है। रिपोर्ट के मुताबिक ऐसे Commercial Status के लिए Residential और Commercial Collector Guideline Rates के अंतर के 20 प्रतिशत के बराबर शुल्क का प्रावधान भी प्रस्ताव में बताया गया है।
मौजूदा दुकानों और Commercial Properties के लिए क्या बदलेगा?
इस ड्राफ्ट को लेकर भोपाल के व्यापारियों और Residential Areas में Commercial Activity चला रहे Property Owners के लिए सबसे अहम सवाल इसकी तत्काल लागू स्थिति को लेकर है।
सिर्फ नया Draft Master Plan जारी होने से किसी मौजूदा Residential Property में चल रही Commercial Activity अपने आप वैध नहीं हो जाती। सुप्रीम कोर्ट के हालिया अंतरिम निर्देश के अनुसार किसी Property या Construction की वैधता फिलहाल मौजूदा Master Plan और लागू Building Bye-Laws के अनुरूप होने के आधार पर देखी जानी है।
इसलिए नए ड्राफ्ट में किसी Road Width या Land Use के लिए भविष्य की जो व्यवस्था प्रस्तावित की गई है, उसे मौजूदा Commercial Property की तत्काल वैधता के बराबर नहीं माना जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
भोपाल के नए Master Plan का मामला केवल शहरी नियोजन तक सीमित नहीं है। मौजूदा Residential Areas में Commercial Activity और नए Master Plan की प्रक्रिया को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट के समक्ष भी रहा है।
22 सितंबर की सुनवाई के बाद सरकार को नया Master Plan प्रकाशित करने की दिशा में अनुमति मिली, जिसके बाद 26 सितंबर को ड्राफ्ट सामने आया। हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि ड्राफ्ट प्रकाशित होते ही वही अंतिम और लागू Master Plan बन गया है। अंतिम रूप देने से पहले निर्धारित प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।
जनता से मांगे जाएंगे दावे और आपत्तियां
भोपाल Development Plan-2047 फिलहाल Draft Stage में है। इसके प्रकाशन के बाद नागरिकों, जमीन मालिकों, व्यापारियों और अन्य संबंधित पक्षों से दावे, आपत्तियां और सुझाव लेने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। प्राप्त सुझावों और आपत्तियों के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इस प्रक्रिया के कारण अलग-अलग इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए Proposed Land Use Map को समझना महत्वपूर्ण होगा। किसी क्षेत्र का Residential, Commercial, Green, Transport या किसी अन्य Zone में प्रस्तावित होना भविष्य में वहां के विकास और निर्माण नियमों पर असर डाल सकता है, लेकिन ड्राफ्ट और अंतिम स्वीकृत योजना के बीच कानूनी अंतर बना रहेगा।
भोपाल के लिए क्या बदल सकता है?
अगर योजना प्रस्तावित ढांचे के अनुसार आगे बढ़ती है तो भोपाल का शहरी विस्तार मौजूदा शहर की सीमाओं से काफी आगे जाएगा। 254 गांवों को नियोजित क्षेत्र में शामिल करने और करीब 45 लाख आबादी के लिए आधारभूत सुविधाओं की योजना बनाने से सड़क, सार्वजनिक परिवहन, आवास, जलापूर्ति, सीवेज, रोजगार और सामाजिक सुविधाओं की जरूरत भी बढ़ेगी।
दूसरी तरफ 27 प्रतिशत Green Area का प्रस्ताव शहर के विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने की कोशिश को दिखाता है। Growth Corridor, EKAI City, Mixed Land Use और Road Width आधारित Commercial Development को मिलाकर ड्राफ्ट में भोपाल के लिए एक बड़े Metropolitan-scale Development Framework की परिकल्पना की गई है।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भोपाल Development Plan-2047 अभी अंतिम Master Plan नहीं है। आने वाली आपत्तियों, सुझावों, प्रशासनिक प्रक्रिया और कानूनी स्थिति के बाद इसके प्रावधानों में बदलाव संभव है। इसलिए किसी Property, Shop या Land के भविष्य के उपयोग को लेकर केवल इस Draft के आधार पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।