📍 अबू धाबी | 2 अक्टूबर 2025 ✍️ आसिफ़ ख़ान
संयुक्त अरब अमीरात ने वीज़ा और रेज़िडेंसी सिस्टम में बड़े बदलाव किए। 4 नई कैटेगरी, मानवीय परमिट और बिज़नेस वीज़ा विकल्पों से भारतीय प्रवासियों पर गहरा असर पड़ेगा।
संयुक्त अरब अमीरात दुनिया के उन देशों में है जिसने पिछले पाँच दशकों में रेत के समंदर से गगनचुंबी इमारतों तक का सफ़र तय किया। आज दुबई और अबू धाबी जैसे शहर केवल ऑयल-इकॉनमी पर खड़े नहीं हैं बल्कि इंटरनेशनल टूरिज़्म, फ़ाइनेंस और टेक्नॉलजी के केंद्र बन चुके हैं।
इसी बदलते दौर में यूएई ने अपने वीज़ा और रेज़िडेंसी सिस्टम में बड़े बदलावों का एलान किया है। इन बदलावों का असर सीधा दक्षिण एशियाई प्रवासियों, ख़ासकर भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले लाखों लोगों पर होगा।
यूएई की इकॉनमी अब केवल ऑयल पर आधारित नहीं रह सकती। दुनिया renewable energy की तरफ़ बढ़ रही है और टेक्नॉलजी, आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस और ग्लोबल टूरिज़्म नए growth engines बन रहे हैं।
अगर दुबई खुद को सिंगापुर या लंदन जैसा ग्लोबल बिज़नेस हब बनाना चाहता है, तो उसे अपनी इमीग्रेशन पॉलिसी को भी लचीला और आकर्षक बनाना होगा।
यही वजह है कि अब वीज़ा सिस्टम को नया रूप दिया गया है। इसमें टैलेंट और टूरिज़्म दोनों पर बराबर ज़ोर है।
1. एआई स्पेशलिस्ट वीज़ा
आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस आज का सबसे बड़ा हथियार है। हर मुल्क टैलेंटेड इंजीनियर्स और डेटा साइंटिस्ट्स को खींचने में लगा है। यूएई ने AI Specialist Visa इसलिए बनाया ताकि ग्लोबल एक्सपर्ट्स यहाँ आकर कंपनियों के साथ प्रोजेक्ट्स कर सकें।
यह शॉर्ट टर्म और मल्टीपल एंट्री दोनों तरह से मिलेगा। किसी भी कंपनी का ऑफ़िशियल लेटर इसके लिए ज़रूरी होगा।
2. मनोरंजन वीज़ा
दुबई दुनिया का एंटरटेनमेंट कैपिटल बनता जा रहा है। फ़िल्म शूटिंग, म्यूज़िक फ़ेस्टिवल और क्रिकेट लीग जैसे इवेंट्स इसकी पहचान हैं। इस नए वीज़ा से विदेशी टूरिस्ट्स आसानी से यूएई आ सकेंगे और छोटे समय के लिए रह सकेंगे।
3. इवेंट वीज़ा
ग्लोबल कॉन्फ़्रेंस, बिज़नेस सम्मेलनों, ट्रेड शो और कल्चरल इवेंट्स के लिए खास वीज़ा बनाया गया है। इससे पार्टिसिपेंट्स को त्वरित एंट्री मिलेगी और कंपनियाँ भी आसानी से अपने डेलीगेट्स बुला सकेंगी।
4. क्रूज़ टूरिज़्म वीज़ा
खाड़ी देशों में क्रूज़ टूरिज़्म तेज़ी से बढ़ रहा है। दुबई पोर्ट अब बड़े क्रूज़ शिप्स का केंद्र बन चुका है। नया वीज़ा मल्टीपल एंट्री की सुविधा देगा, ताकि टूरिस्ट्स अलग-अलग गंतव्यों पर जा सकें।
मानवीय रेज़िडेंसी परमिट
जिन मुल्कों में जंग, दहशतगर्दी या कुदरती आफ़तें हैं, वहाँ से आए लोगों को अस्थायी राहत देने के लिए यह परमिट बनाया गया है। यह एक साल का होगा लेकिन ज़रूरत पड़ने पर बढ़ाया जा सकेगा।
विधवा और तलाक़शुदा के लिए रेज़िडेंसी
विदेशी महिलाओं के लिए यह बहुत अहम कदम है। अगर किसी का शौहर गुज़र जाता है या तलाक़ हो जाता है तो छह महीने के भीतर उन्हें यूएई रेज़िडेंसी मिल सकती है। इससे उनका रहन-सहन और बच्चों की पढ़ाई सुरक्षित रहेगी।
रिश्तेदारों और दोस्तों को बुलाने का नियम
अब प्रवासी अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को थर्ड डिग्री तक बुला सकेंगे। eligibility उनके इनकम लेवल पर निर्भर करेगी। इससे फैमिली यूनिटी मजबूत होगी।
बिज़नेस एक्सप्लोरेशन वीज़ा
स्टार्टअप्स और विदेशी कंपनियों को मौका देने के लिए नया विकल्प आया है। इसके लिए वित्तीय क्षमता और ownership proof दिखाना होगा। यह वीज़ा short term exploratory trips के लिए होगा ताकि नए उद्यमी बाज़ार समझ सकें।
ट्रक ड्राइवर वीज़ा
गल्फ़ का लॉजिस्टिक्स सेक्टर बहुत बड़ा है। सऊदी, क़तर और ओमान के साथ कनेक्शन के लिए विदेशी ड्राइवर्स की ज़रूरत होती है। अब ट्रक ड्राइवर वीज़ा उन्हें दिया जाएगा, जिससे सप्लाई चेन मजबूत होगी।
भारत यूएई के लिए सबसे बड़ा प्रवासी बेस है। दुबई की सड़कों, मेट्रो, टैक्सी या दफ्तर— हर जगह भारतीय काम करते दिख जाते हैं।
आईटी प्रोफेशनल्स: अब AI Specialist Visa से उन्हें प्रोजेक्ट्स में आसानी होगी।
बिज़नेस क्लास: मुंबई और दिल्ली के कारोबारी बिज़नेस एक्सप्लोरेशन वीज़ा से यूएई में नए अवसर तलाश पाएंगे।
टूरिस्ट्स: क्रूज़ टूरिज़्म और इवेंट वीज़ा भारतीय टूरिस्ट्स के लिए नए दरवाज़े खोलेंगे।
सोशल सिक्योरिटी: विधवा और तलाक़शुदा रेज़िडेंसी भारतीय महिलाओं के लिए राहत होगी।
यह सिर्फ़ इमीग्रेशन पॉलिसी नहीं है, बल्कि ग्लोबल पॉलिटिक्स का हिस्सा है।
यूएई अब सॉफ्ट पावर बढ़ा रहा है।
दुनिया को दिखाना चाहता है कि वह टैलेंट और टूरिज़्म का सबसे खुला दरवाज़ा है।
अमेरिका और यूरोप में जब इमीग्रेशन पॉलिसी टाइट हो रही है, यूएई अपने दरवाज़े खोल रहा है।
हर बदलाव आसान नहीं होता।
डॉक्युमेंटेशन और eligibility ज्यादा सख़्त होंगे।
भारतीय लेबर क्लास के लिए वीज़ा कंडीशंस और महंगी हो सकती हैं।
बिज़नेस एक्सप्लोरेशन वीज़ा का misuse रोकना होगा।
यूएई का नया वीज़ा सिस्टम उसकी पॉलिसी का साफ़ ऐलान है— अब वह सिर्फ़ ऑयल बेस्ड मुल्क नहीं रहना चाहता।
इंडियन प्रवासियों के लिए इसमें नए मौके भी हैं और नई चुनौतियाँ भी।
अगर कोई समझदारी से rules follow करता है तो यूएई आने वाले सालों में भी सबसे बड़ा डेस्टिनेशन रहेगा।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।