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सुप्रीम कोर्ट से अडानी ग्रुप को बड़ी राहत

None • 2024-01-03 12:57:34
सुप्रीम कोर्ट से अडानी ग्रुप को बड़ी राहत

नई दिल्ली । अडानी-हिंडनबर्ग केस (Adani-Hindenburg case) में अडानी ग्रुप (Adani Group) को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बुधवार को अडानी-हिंडनबर्ग डिस्प्यूट (Adani-Hindenburg Dispute) की जांच के लिए कोई एसआईटी या विशेषज्ञों का समूह बनाने से इनकार कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने साफ कर दिया कि मामले की जांच सीबीआई से नहीं कराई जाएगी। चीफ जस्टिस डीवाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि सेबी को कानून के मुताबिक अपनी जांच को एक निष्कर्ष तक ले जाना चाहिए। इस मामले में जांच सेबी से हटाने की जरूरत नहीं है। पीठ ने बाजार नियामक को तीन महीने में लंबित दो जांचें पूरी करने के लिए कहा। पीठ में जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा (Justice Manoj Mishra) भी शामिल थे।

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सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा कि संगठित अपराध और भ्रष्टाचार रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट (OCCRP) और हिंडनबर्ग रिसर्च जैसे तीसरे पक्ष के संगठनों द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट को “निर्णायक सबूत” नहीं माना जा सकता। हालांकि, हिंडनबर्ग विवाद पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को लेकर उद्योगपति गौतम अडानी ने कहा कि सचाई की जीत हुई…‘सत्यमेव जयते’।

हिंडनबर्ग मामले (Hindenburg case) की SIT से आपराधिक जांच नहीं होगी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का आपराधिक जांच का आदेश देने से इनकार सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोई जानबूझकर निष्क्रियता नहीं हुई। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अडानी ग्रुप को क्लीन चिट देने वाली पैनल रिपोर्ट फिलहाल बरकरार रखी। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सेबी से 3 महीने के भीतर जांच पूरी करने पैनल या सेबी पर अविश्वास नहीं कर सकते। सेबी सभी आरोपों की जांच करने के लिए सक्षम निकाय सेबी को अपना काम करने दें और अर्ध न्यायिक कार्रवाई पूरी करने दें.-मीडिया रिपोर्टों के आधार पर जांच का आदेश नहीं दे सकते। निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए वित्तीय क्षेत्र में विनियामक तंत्र को मजबूत करने, सुधार करने के लिए तत्काल उपायों का सुझाव दिया गया सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि यह अस्थिरता का शिकार न हो, जो हिंडनबर्ग रिपोर्ट के जारी होने के बाद देखी गई थी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने जस्टिस ए एम सपरे कु अध्यक्षता में एससी द्वारा गठित समिति द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में सुझावों को शामिल करने के लिए भी आदेश दिया है।

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नई दिल्ली । अडानी-हिंडनबर्ग केस (Adani-Hindenburg case) में अडानी ग्रुप (Adani Group) को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बुधवार को अडानी-हिंडनबर्ग डिस्प्यूट (Adani-Hindenburg Dispute) की जांच के लिए कोई एसआईटी या विशेषज्ञों का समूह बनाने से इनकार कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने साफ कर दिया कि मामले की जांच सीबीआई से नहीं कराई जाएगी। चीफ जस्टिस डीवाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि सेबी को कानून के मुताबिक अपनी जांच को एक निष्कर्ष तक ले जाना चाहिए। इस मामले में जांच सेबी से हटाने की जरूरत नहीं है। पीठ ने बाजार नियामक को तीन महीने में लंबित दो जांचें पूरी करने के लिए कहा। पीठ में जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा (Justice Manoj Mishra) भी शामिल थे।

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सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा कि संगठित अपराध और भ्रष्टाचार रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट (OCCRP) और हिंडनबर्ग रिसर्च जैसे तीसरे पक्ष के संगठनों द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट को “निर्णायक सबूत” नहीं माना जा सकता। हालांकि, हिंडनबर्ग विवाद पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को लेकर उद्योगपति गौतम अडानी ने कहा कि सचाई की जीत हुई…‘सत्यमेव जयते’।

हिंडनबर्ग मामले (Hindenburg case) की SIT से आपराधिक जांच नहीं होगी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का आपराधिक जांच का आदेश देने से इनकार सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोई जानबूझकर निष्क्रियता नहीं हुई। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अडानी ग्रुप को क्लीन चिट देने वाली पैनल रिपोर्ट फिलहाल बरकरार रखी। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सेबी से 3 महीने के भीतर जांच पूरी करने पैनल या सेबी पर अविश्वास नहीं कर सकते। सेबी सभी आरोपों की जांच करने के लिए सक्षम निकाय सेबी को अपना काम करने दें और अर्ध न्यायिक कार्रवाई पूरी करने दें.-मीडिया रिपोर्टों के आधार पर जांच का आदेश नहीं दे सकते। निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए वित्तीय क्षेत्र में विनियामक तंत्र को मजबूत करने, सुधार करने के लिए तत्काल उपायों का सुझाव दिया गया सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि यह अस्थिरता का शिकार न हो, जो हिंडनबर्ग रिपोर्ट के जारी होने के बाद देखी गई थी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने जस्टिस ए एम सपरे कु अध्यक्षता में एससी द्वारा गठित समिति द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में सुझावों को शामिल करने के लिए भी आदेश दिया है।

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शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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