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तोशाखाना मामले में इमरान खान को बड़ी राहत,रिहाई के हुक्म

None • 2023-08-29 14:42:40
तोशाखाना मामले में इमरान खान को बड़ी राहत,रिहाई के हुक्म

इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने सजा पर लगाई रोक

इस्लामाबाद। जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व पीएम और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के नेता इमरान खान (Imran Khan) को तोशाखाना (Toshakhana) मामले में बड़ी राहत मिली है। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (IHC) ने उन्हें इस मामले में जमानत दे दी है। इसी के साथ इमरान खान के जेल से निकलने का रास्ता साफ हो गया है।

गौरतलब है कि आईएचसी ने इमरान खान (Imran Khan) की उस याचिका पर सोमवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें उन्होंने तोशाखाना (Toshakhana) भ्रष्टाचार मामले में अपनी तीन साल की जेल की सजा को निलंबित करने की मांग की थी। आईएचसी के मुख्य न्यायाधीश आमिर फारूक और न्यायमूर्ति तारिक महमूद जहांगीरी की खंडपीठ ने दोनों पक्षों के वकीलों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था।

एक निचली अदालत ने इस मामले में पांच अगस्त को पीटीआई के प्रमुख खान को दोषी ठहराते हुए तीन साल कैद की सजा सुनाई थी। इमरान खान (Imran Khan) पर आरोप था कि उन्होंने 2018-2022 तक के कार्यकाल के दौरान उन्हें और उनके परिवार को मिले राज्य के उपहारों को गैरकानूनी रूप से बेचा। एक सत्र अदालत ने उन्हें इस मामले में दोषी ठहराया था। उन्हें पांच साल के लिए राजनीति से प्रतिबंधित किया गया है। इससे इमरान खान अब आगामी आम चुनाव में भी हिस्सा नहीं ले पाते।

दरअसल, पाकिस्तान (Pakistan) के कानून के अनुसार किसी विदेशी राज्य के गणमान्य लोगों से प्राप्त कोई भी उपहार स्टेट डिपॉजिटरी यानी तोशाखाना में रखना होता है। अगर राज्य का मुखिया उपहार को अपने पास रखना चाहता है तो उसके लिए उसे इसके मूल्य के बराबर राशि का भुगतान करना होगा। यह एक नीलामी की प्रक्रिया के जरिए तय किया जाता है। ये उपहार या तो तोशाखाना में जमा रहते हैं या नीलाम किए जा सकते हैं और इसके माध्यम से अर्जित धन को राष्ट्रीय खजाने में जमा किया जाता है।

पीटीआई पार्टी के प्रमुख खान पर प्रधानमंत्री रहते हुए स्टेट डिपॉजिटरी यानी तोशाखाना से रियायती मूल्य पर प्राप्त एक महंगी ग्राफ कलाई घड़ी सहित अन्य उपहार खरीदने और लाभ के लिए उन्हें बेचने का आरोप है। इमरान खान (Imran Khan) को आधिकारिक यात्राओं के दौरान करीब 14 करोड़ रुपये के 58 उपहार मिले थे। इन महंगे उपहारों को तोशाखाना में जमा किया गया था। बाद में इमरान खान ने इन्हें तोशाखाना से सस्ते दाम पर खरीद लिया और फिर महंगे दाम पर बाजार में बेच दिया। इस पूरी प्रक्रिया के लिए उन्होंने सरकारी कानून में बदलाव भी किए।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इमरान ने 2.15 करोड़ रुपये में इन उपहारों को तोशाखाना से खरीदा और इन्हें बेचकर 5.8 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। इन उपहारों में एक ग्राफ घड़ी, कफलिंक का एक जोड़ा, एक महंगा पेन, एक अंगूठी और चार रोलेक्स घड़ियां शामिल थे। बिक्री का विवरण साझा न करने के कारण उन्हें पिछले साल अक्तूबर में पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ECP) द्वारा अयोग्य घोषित कर दिया गया था।

इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने सजा पर लगाई रोक

इस्लामाबाद। जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व पीएम और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के नेता इमरान खान (Imran Khan) को तोशाखाना (Toshakhana) मामले में बड़ी राहत मिली है। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (IHC) ने उन्हें इस मामले में जमानत दे दी है। इसी के साथ इमरान खान के जेल से निकलने का रास्ता साफ हो गया है।

गौरतलब है कि आईएचसी ने इमरान खान (Imran Khan) की उस याचिका पर सोमवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें उन्होंने तोशाखाना (Toshakhana) भ्रष्टाचार मामले में अपनी तीन साल की जेल की सजा को निलंबित करने की मांग की थी। आईएचसी के मुख्य न्यायाधीश आमिर फारूक और न्यायमूर्ति तारिक महमूद जहांगीरी की खंडपीठ ने दोनों पक्षों के वकीलों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था।

एक निचली अदालत ने इस मामले में पांच अगस्त को पीटीआई के प्रमुख खान को दोषी ठहराते हुए तीन साल कैद की सजा सुनाई थी। इमरान खान (Imran Khan) पर आरोप था कि उन्होंने 2018-2022 तक के कार्यकाल के दौरान उन्हें और उनके परिवार को मिले राज्य के उपहारों को गैरकानूनी रूप से बेचा। एक सत्र अदालत ने उन्हें इस मामले में दोषी ठहराया था। उन्हें पांच साल के लिए राजनीति से प्रतिबंधित किया गया है। इससे इमरान खान अब आगामी आम चुनाव में भी हिस्सा नहीं ले पाते।

दरअसल, पाकिस्तान (Pakistan) के कानून के अनुसार किसी विदेशी राज्य के गणमान्य लोगों से प्राप्त कोई भी उपहार स्टेट डिपॉजिटरी यानी तोशाखाना में रखना होता है। अगर राज्य का मुखिया उपहार को अपने पास रखना चाहता है तो उसके लिए उसे इसके मूल्य के बराबर राशि का भुगतान करना होगा। यह एक नीलामी की प्रक्रिया के जरिए तय किया जाता है। ये उपहार या तो तोशाखाना में जमा रहते हैं या नीलाम किए जा सकते हैं और इसके माध्यम से अर्जित धन को राष्ट्रीय खजाने में जमा किया जाता है।

पीटीआई पार्टी के प्रमुख खान पर प्रधानमंत्री रहते हुए स्टेट डिपॉजिटरी यानी तोशाखाना से रियायती मूल्य पर प्राप्त एक महंगी ग्राफ कलाई घड़ी सहित अन्य उपहार खरीदने और लाभ के लिए उन्हें बेचने का आरोप है। इमरान खान (Imran Khan) को आधिकारिक यात्राओं के दौरान करीब 14 करोड़ रुपये के 58 उपहार मिले थे। इन महंगे उपहारों को तोशाखाना में जमा किया गया था। बाद में इमरान खान ने इन्हें तोशाखाना से सस्ते दाम पर खरीद लिया और फिर महंगे दाम पर बाजार में बेच दिया। इस पूरी प्रक्रिया के लिए उन्होंने सरकारी कानून में बदलाव भी किए।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इमरान ने 2.15 करोड़ रुपये में इन उपहारों को तोशाखाना से खरीदा और इन्हें बेचकर 5.8 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। इन उपहारों में एक ग्राफ घड़ी, कफलिंक का एक जोड़ा, एक महंगा पेन, एक अंगूठी और चार रोलेक्स घड़ियां शामिल थे। बिक्री का विवरण साझा न करने के कारण उन्हें पिछले साल अक्तूबर में पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ECP) द्वारा अयोग्य घोषित कर दिया गया था।

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शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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