सिक्किम के रिंबी गांव में लगातार बारिश के बीच बड़ा भूस्खलन हुआ, जिसमें 30 से ज्यादा घर और सरकारी क्वार्टर प्रभावित हुए हैं। अभी किसी मौत की पुष्टि नहीं हुई है। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने हालात को गंभीर बताते हुए अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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ग्यालशिंग, सिक्किम | 25 सितंबर 2026 | अपूर्वा चौधरी
सिक्किम के रिंबी में बड़ा भूस्खलन
सिक्किम के ग्यालशिंग जिले के रिंबी गांव में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच गुरुवार रात बड़ा भूस्खलन हुआ। पहाड़ी ढलानों से बड़ी मात्रा में मिट्टी, चट्टान और मलबा नीचे की ओर आने से रिहायशी इलाके प्रभावित हुए और कई मकानों तथा सरकारी ढांचों को नुकसान पहुंचा।
ताजा रिपोर्टों के मुताबिक भूस्खलन से 30 से ज्यादा घर प्रभावित हुए हैं। कई मकान क्षतिग्रस्त या पूरी तरह प्रभावित बताए गए हैं, जबकि बिजली विभाग के सरकारी क्वार्टर भी इसकी चपेट में आए हैं। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल इस घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
यह घटना पश्चिम सिक्किम के युक्सोम-ताशीडिंग क्षेत्र में हुई है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी ढलानों पर दबाव बढ़ने और मलबे के नीचे की ओर आने से आसपास के इलाकों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री ने हालात को गंभीर बताया
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने रिंबी की स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने, घटनाक्रम की लगातार निगरानी करने और प्रभावित लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्र के लोगों से सतर्क रहने और लगातार हो रही बारिश के बीच प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। राज्य सरकार की प्राथमिकता फिलहाल संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित रखना और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव व्यवस्था को सक्रिय रखना है।
30 से ज्यादा घरों पर असर, सरकारी क्वार्टर भी क्षतिग्रस्त
भूस्खलन के दौरान ऊपरी ढलानों से आया मलबा नीचे बसे इलाकों तक पहुंच गया। इससे कई मकानों को नुकसान हुआ और कुछ सरकारी आवास भी प्रभावित हुए। उपलब्ध रिपोर्टों में बिजली विभाग के सरकारी क्वार्टरों के क्षतिग्रस्त होने का उल्लेख है।
स्थानीय क्षेत्र में पहले से ही जमीन खिसकने की घटनाएं सामने आती रही हैं। ताजा भूस्खलन ने इस आशंका को बढ़ा दिया है कि यदि बारिश जारी रही तो आसपास की कमजोर ढलानों पर फिर से मलबा खिसक सकता है।
इसी वजह से प्रशासन के सामने तत्काल चुनौती प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, सड़क संपर्क बनाए रखना और संभावित नए भूस्खलन वाले क्षेत्रों की निगरानी करना है।
रिंबी में पहले से जारी थी Landslide Activity
रिंबी में यह पहली बार नहीं है जब लगातार जमीन खिसकने की स्थिति सामने आई है। सिक्किम सरकार ने अगस्त में रिंबी और सिंगलिताम क्षेत्र में सक्रिय भूस्खलन की जानकारी देते हुए बताया था कि रिंबी में 30 और सिंगलिताम में 8 परिवार प्रभावित क्षेत्र में थे। कुल मिलाकर 150 से ज्यादा लोग प्रभावित क्षेत्र में आते थे।
सितंबर में भी स्थिति को लेकर प्रशासन लगातार निगरानी करता रहा। 15 सितंबर को सिक्किम सरकार ने बताया था कि रिंबी में भारी बारिश और बाढ़ के बाद 28 घरों के 128 लोगों को एहतियाती तौर पर सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया था। प्रभावित लोगों के लिए राहत सामग्री और अस्थायी व्यवस्था भी की गई थी।
इससे साफ है कि मौजूदा भूस्खलन अचानक सामने आई एक अलग घटना के बजाय क्षेत्र में पहले से जारी slope instability की गंभीर स्थिति के बीच हुआ है। हालांकि मौजूदा घटना से हुए नुकसान का अंतिम सरकारी आंकड़ा विस्तृत damage assessment के बाद ही स्पष्ट होगा।
सड़क संपर्क पर भी असर
भूस्खलन के साथ मलबा और पानी सड़क मार्गों पर पहुंचने से क्षेत्र की connectivity भी प्रभावित हुई है। रिंबी और आसपास के इलाकों में पहले भी भूस्खलन के कारण सड़कें बाधित होती रही हैं।
सिक्किम सरकार की पूर्व रिपोर्टों के अनुसार रिंबी-सिंगलिताम क्षेत्र में सड़क और सार्वजनिक ढांचे को नुकसान के बाद Roads and Bridges Department की टीमें debris clearance और road restoration में लगी रही हैं।
ताजा घटना के बाद भी प्रभावित मार्गों से मलबा हटाने और जरूरी संपर्क बहाल करने की कोशिशें प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई हैं। लगातार बारिश के बीच restoration work करना भी जोखिमपूर्ण हो सकता है, इसलिए संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है।
प्रशासन कर रहा नुकसान का आकलन
बारिश और भूस्खलन से प्रभावित इलाकों में प्रशासनिक और तकनीकी टीमें नुकसान का जायजा ले रही हैं। मकानों, सरकारी भवनों, सड़कों और दूसरी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का आकलन किया जा रहा है।
गंगटोक और ग्यालशिंग क्षेत्र में हालिया बारिश से कई स्थानों पर landslide और debris flow की घटनाएं सामने आई हैं। जिला आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमें प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही हैं और जरूरत के अनुसार राहत एवं सुरक्षा उपायों को लागू किया जा रहा है।
प्रशासन की कोशिश है कि कमजोर ढलानों के पास रहने वाले लोगों को जोखिम वाले स्थानों से दूर रखा जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों या राहत केंद्रों में पहुंचाया जाए।
लगातार बारिश ने बढ़ाई चिंता
रिंबी में मौजूदा खतरे की सबसे बड़ी वजह लगातार बारिश है। भारी वर्षा के कारण मिट्टी में पानी की मात्रा बढ़ने से कमजोर ढलानों पर दबाव बढ़ सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में ऐसी परिस्थितियों में पहले से अस्थिर जमीन के खिसकने का खतरा बढ़ जाता है।
India Today की रिपोर्ट के मुताबिक रिंबी और आसपास का इलाका अगस्त से लगातार slope instability से जूझ रहा है और हालिया भूस्खलन इसी लंबे दौर के बीच हुआ है। रिपोर्ट में क्षेत्र की steep terrain और rainfall-triggered landslide risk का भी उल्लेख किया गया है।
इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन के सामने सिर्फ मौजूदा नुकसान से निपटना ही चुनौती नहीं है, बल्कि आने वाले घंटों में संभावित नए भूस्खलन से लोगों को सुरक्षित रखना भी अहम है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन और मुख्यमंत्री की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। लगातार बारिश के दौरान लोगों को अनावश्यक रूप से जोखिम वाले पहाड़ी मार्गों पर जाने से बचने और स्थानीय प्रशासन की advisory का पालन करने को कहा गया है।
जमीन में नई दरारें दिखाई देना, ढलान का अचानक खिसकना, पत्थरों या मलबे का गिरना और पानी के बहाव में अचानक बदलाव जैसे संकेत खतरे का संकेत हो सकते हैं। ऐसे हालात में लोगों को खुद जोखिम का आकलन करने के बजाय सुरक्षित स्थान पर जाने और प्रशासन को सूचना देने की सलाह दी जाती है।
अभी तक क्या स्थिति है?
25 सितंबर 2026 तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार रिंबी में 30 से ज्यादा घर प्रभावित हुए हैं और कई सरकारी क्वार्टरों को भी नुकसान पहुंचा है। फिलहाल किसी मौत की पुष्टि नहीं हुई है।
हालांकि स्थिति को सामान्य नहीं माना जा रहा है। लगातार बारिश और पहले से सक्रिय landslide zone को देखते हुए प्रशासन की निगरानी जारी है। नुकसान का अंतिम आंकड़ा और प्रभावित परिवारों की संख्या विस्तृत assessment के बाद बदल सकती है।
रिंबी में मौजूदा घटनाक्रम यह भी दिखाता है कि हिमालयी क्षेत्रों में लगातार बारिश के दौरान landslide-prone इलाकों की निगरानी और समय पर evacuation कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है। फिलहाल प्रशासन का मुख्य फोकस लोगों की सुरक्षा, प्रभावित परिवारों को सहायता और बाधित संपर्क मार्गों को बहाल करने पर है।