महाराष्ट्र भाजपा ने शिवसेना (यूबीटी) के संगठनात्मक ढांचे और नेतृत्व को लेकर तीखी टिप्पणी की है। पार्टी का दावा है कि यूबीटी गुट कुछ नेताओं तक सीमित हो गया है, जबकि शिवसेना (यूबीटी) की ओर से इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
📍 मुंबई
📰 03 जुलाई 2026
✍️ Apurva Choudhary
भाजपा का शिवसेना (यूबीटी) पर हमला, नेतृत्व और संगठन पर उठाए सवाल
महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाज़ी का दौर लगातार तेज़ होता जा रहा है। शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी अब आंतरिक लोकतंत्र से दूर होकर कुछ नेताओं तक सीमित रह गई है। भाजपा ने दावा किया कि संगठन में निर्णय लेने की प्रक्रिया सीमित दायरे में सिमट गई है।
राज्य भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) में लोकतांत्रिक व्यवस्था दिखाई नहीं देती और पार्टी का संचालन केवल कुछ प्रमुख नेताओं तक सीमित हो गया है। उन्होंने संजय राउत की राजनीतिक टिप्पणियों पर भी सवाल उठाए।
संजय राउत के बयानों पर भाजपा की प्रतिक्रिया
भाजपा ने कहा कि अदालत के किसी भी मामले में अंतिम और आधिकारिक आधार लिखित फैसला होता है। पार्टी का आरोप है कि न्यायिक फैसलों पर लगातार सार्वजनिक टिप्पणी करना उचित नहीं है। भाजपा ने कांग्रेस के शासनकाल के दौरान केंद्रीय जांच एजेंसियों को लेकर हुई राजनीतिक बहस का भी उल्लेख करते हुए मौजूदा सरकार के कामकाज का बचाव किया।
मुंबई की घटनाओं का भी किया उल्लेख
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा ने चेंबूर और साकीनाका की हालिया घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। पार्टी ने कहा कि भाजपा नेताओं के कुछ बयानों को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया, जबकि उनका उद्देश्य किसी भी त्रासदी के प्रति असंवेदनशीलता दिखाना नहीं था।
भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि जब शिवसेना (यूबीटी) सत्ता में थी, तब विभिन्न घटनाओं में प्रशासनिक जवाबदेही तय करने के लिए पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई। पार्टी ने नगर निगम के पुराने कार्यकाल को लेकर भी सवाल उठाए।
राजनीतिक बयानबाज़ी के बीच बढ़ी सियासी गर्मी
महाराष्ट्र में आगामी राजनीतिक गतिविधियों के बीच भाजपा और शिवसेना (यूबीटी) के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार तेज़ हो रहे हैं। हालिया बयान उसी राजनीतिक टकराव का हिस्सा माने जा रहे हैं। हालांकि, इस बयान पर शिवसेना (यूबीटी) की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।