होली 2025 पर साल का पहला चंद्र ग्रहण लगेगा। ब्लड मून का नजारा ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और अमेरिका सहित कई देशों में दिखेगा, लेकिन भारत में यह दृश्य नहीं होगा।
मुंबई, (Shah Times)। इस साल होली के दिन एक अद्भुत खगोलीय घटना घटने जा रही है। होली पर साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) लगेगा, जो कई मायनों में बेहद खास रहेगा। इस दौरान चंद्रमा सुर्ख लाल रंग का नजर आएगा, जिसे खगोल विज्ञान में 'ब्लड मून' (Blood Moon) कहा जाता है। यह चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार सुबह 09:29 बजे शुरू होकर दोपहर 03:29 बजे तक रहेगा। हालांकि, भारत में यह नजारा नजर नहीं आएगा, लेकिन इसका लाइव प्रसारण ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर किया जाएगा।
ज्योतिषविदों के अनुसार, इस बार चंद्र ग्रहण के साथ एक दुर्लभ संयोग भी बन रहा है। होली के दिन चंद्र ग्रहण सिंह राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा। इसके अलावा, इस दौरान सूर्य का मीन राशि में गोचर होगा। ज्योतिष के अनुसार, यह संयोग पूरे 100 साल बाद हो रहा है। इस ग्रहण के दौरान चंद्रमा पर शनि और सूर्य की विशेष दृष्टि रहेगी, जिससे इसका ज्योतिषीय प्रभाव और भी गहरा होगा।
ब्लड मून एक खगोलीय घटना है, जिसमें चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा गहरे लाल रंग का दिखाई देता है। जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं, तब सूर्य की रोशनी पृथ्वी से होकर चंद्रमा तक पहुंचती है। इस दौरान पृथ्वी की छाया से गुजरने वाली सूर्य की रोशनी वायुमंडल में मौजूद धूल, गैस और अन्य कणों के कारण फिल्टर हो जाती है, जिससे लाल रंग की किरणें चंद्रमा तक पहुंचती हैं। यही वजह है कि चंद्रमा लाल रंग का नजर आता है, जिसे ब्लड मून कहा जाता है।
यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। हालांकि, भारत के लोग इस खगोलीय घटना का लाइव प्रसारण यूट्यूब और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए देख सकते हैं।
ब्लड मून का अद्भुत नजारा दुनिया के विभिन्न हिस्सों में देखा जा सकेगा। यह खगोलीय घटना मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, अफ्रीका, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर, आर्कटिक महासागर और पूर्वी एशिया के क्षेत्रों में नजर आएगी।
जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं, तो सूर्य की रोशनी पृथ्वी के कारण चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाती है। इस स्थिति में चंद्रमा पृथ्वी की छाया में आ जाता है, जिससे चंद्र ग्रहण होता है। चंद्र ग्रहण के दो मुख्य प्रकार होते हैं:
पूर्ण चंद्र ग्रहण – जब चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की छाया में आ जाता है।
आंशिक चंद्र ग्रहण – जब चंद्रमा का कुछ हिस्सा पृथ्वी की छाया में ढक जाता है।
ज्योतिष के अनुसार, सिंह राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में लगने वाले इस चंद्र ग्रहण का प्रभाव विभिन्न राशियों पर भी पड़ेगा। हालांकि, भारत में यह ग्रहण दृश्य नहीं होगा, इसलिए इसका सीधा ज्योतिषीय प्रभाव भारतीय लोगों पर नहीं पड़ेगा।
होली पर लगने वाला यह चंद्र ग्रहण खगोल विज्ञान और ज्योतिष के लिहाज से एक महत्वपूर्ण घटना है। भारत में भले ही इसे देखा न जा सके, लेकिन इसे ऑनलाइन माध्यम से लाइव देखा जा सकता है। दुनिया के विभिन्न हिस्सों में लोग इस अद्भुत खगोलीय नजारे का आनंद ले सकेंगे।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।