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बसपा प्रमुख मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से निकालना,पार्टी की मजबूती या आंतरिक कलह?

None 2025-03-04 10:37:13
बसपा प्रमुख मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से निकालना,पार्टी की मजबूती या आंतरिक कलह?

आकाश आनंद के वायरल भाषण के बाद मायावती का सख्त फैसला, कहा— "पार्टी को नुकसान पहुंचाने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा"

बसपा प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से बाहर कर दिया है। आकाश आनंद का एक भाषण वायरल होने के बाद यह फैसला लिया गया। मायावती ने इसके लिए आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ को जिम्मेदार ठहराया है।

आकाश आनंद को बाहर करने का मायावती का फैसला— पार्टी की मजबूती या आंतरिक कलह?

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। यह कदम तब उठाया गया जब सोशल मीडिया पर आकाश आनंद का एक भाषण वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने बिना किसी का नाम लिए पार्टी की मौजूदा कार्यशैली पर सवाल उठाए। इस निर्णय से न केवल पार्टी के भीतर बल्कि राजनीतिक हलकों में भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

क्या कहा आकाश आनंद ने?

वायरल भाषण में आकाश आनंद ने इशारों-इशारों में यह जताया कि बसपा में कुछ पदाधिकारी पार्टी को आगे बढ़ाने के बजाय नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी की मौजूदा संरचना में कई खामियां हैं, जिन्हें सुधारने की जरूरत है। उनके इस बयान को पार्टी के आंतरिक मामलों पर खुली आलोचना के रूप में देखा जा रहा है।

मायावती का कड़ा रुख

इस घटनाक्रम के बाद मायावती ने साफ कर दिया कि आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने का निर्णय बसपा के हित में लिया गया है। उन्होंने इसके लिए आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि उन्होंने ही आकाश आनंद के राजनीतिक करियर को गलत दिशा में मोड़ा।

क्या बसपा में आंतरिक कलह बढ़ रही है?

विश्लेषकों का मानना है कि बसपा लंबे समय से आंतरिक संघर्ष का सामना कर रही है। मायावती का यह फैसला पार्टी की अनुशासन नीति को दर्शाता है, लेकिन इससे यह भी स्पष्ट होता है कि बसपा में नेतृत्व को लेकर असंतोष पनप रहा है। आकाश आनंद को पार्टी में मायावती के उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा था, ऐसे में उनका निष्कासन बसपा की भविष्य की रणनीति को लेकर कई सवाल खड़े करता है।

क्या मायावती की पकड़ कमजोर हो रही है?

बसपा प्रमुख मायावती ने हमेशा पार्टी पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है, लेकिन आकाश आनंद को बाहर करने का यह निर्णय दर्शाता है कि पार्टी में नेतृत्व को लेकर मतभेद गहराते जा रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस फैसले के बाद बसपा के कार्यकर्ताओं और समर्थकों की प्रतिक्रिया कैसी रहती है।

आगे क्या?

अब सवाल यह उठता है कि क्या आकाश आनंद अपनी राजनीतिक पारी किसी अन्य पार्टी में जारी रखेंगे या बसपा में वापसी की संभावनाएं अभी भी बनी हुई हैं? साथ ही, क्या मायावती का यह सख्त निर्णय बसपा को एकजुट करने में सफल होगा या पार्टी में और दरारें पैदा करेगा? इन सभी सवालों के जवाब आने वाले समय में सामने आएंगे।

BSP Chief Mayawati Expels Nephew Akash Anand, Blames Father-in-Law Ashok Siddharth

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Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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