कनाडा में हुए आम चुनाव में लिबरल पार्टी की जीत से मार्क कार्नी बने प्रधानमंत्री। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई। जानें कौन हैं मार्क कार्नी और कैसे ट्रंप की बयानबाज़ी ने पलटी चुनावी हवा।
डोनाल्ड ट्रंप के विरोध में उभरा नया वैश्विक चेहरा
कनाडा की राजनीति ने एक नया मोड़ ले लिया है। पूर्व केंद्रीय बैंकर और वैश्विक अर्थव्यवस्था के विशेषज्ञ मार्क जे. कार्नी अब कनाडा के नए प्रधानमंत्री बन गए हैं। यह केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिए भी एक संकेत है—खासतौर पर उस समय में जब डोनाल्ड ट्रंप जैसे नेताओं की बयानबाज़ी वैश्विक संतुलन को प्रभावित कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्नी और लिबरल पार्टी को उनकी जीत पर बधाई देते हुए भारत-कनाडा संबंधों को और मज़बूत करने की उम्मीद जताई है। मोदी का यह बयान केवल औपचारिक नहीं बल्कि रणनीतिक है। भारत और कनाडा के बीच लोकतांत्रिक मूल्यों, व्यापार और शिक्षा के क्षेत्र में गहरे रिश्ते रहे हैं, जिन्हें कार्नी के नेतृत्व में नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा सकता है।
ट्रंप की धमकियों ने बदली चुनावी तस्वीर?
चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में लिबरल पार्टी पिछड़ती नजर आ रही थी, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विवादित बयानों ने स्थिति पलट दी। ट्रंप की “कनाडा को अमेरिका में विलय” वाली टिप्पणी ने कनाडाई मतदाताओं में राष्ट्रवाद को हवा दी और मार्क कार्नी की प्रो-इंडिपेंडेंट नीति को मजबूती मिली।
कौन हैं मार्क कार्नी?
मार्क कार्नी का जन्म 1965 में हुआ और उन्होंने हार्वर्ड व ऑक्सफोर्ड से शिक्षा प्राप्त की। गोल्डमैन सैक्स जैसे वित्तीय संस्थानों में काम करने के बाद उन्होंने कनाडा और फिर ब्रिटेन में केंद्रीय बैंकिंग के क्षेत्र में असाधारण भूमिका निभाई। 2008 की वैश्विक मंदी से लेकर ब्रेक्सिट के दौरान आर्थिक स्थिरता तक, कार्नी ने दुनिया को दिखाया कि एक मजबूत नेतृत्व संकट में क्या कर सकता है।
भारत-कनाडा संबंधों की नई शुरुआत
कार्नी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत और कनाडा के द्विपक्षीय संबंधों में ताजगी आने की उम्मीद की जा रही है। दोनों देशों के बीच व्यापार, टेक्नोलॉजी, शिक्षा और सांस्कृतिक साझेदारी को नए स्तर पर ले जाने का यह उचित समय है। मोदी और कार्नी जैसे निर्णायक नेताओं के बीच सहयोग, वैश्विक दक्षिण और विकसित देशों के बीच पुल का काम कर सकता है।
मार्क कार्नी का प्रधानमंत्री बनना केवल कनाडा की राजनीति का घटनाक्रम नहीं है, बल्कि यह वैश्विक राजनीति के लिए भी एक संकेत है कि अब विशेषज्ञता और स्थिरता को महत्व मिल रहा है। भारत के लिए यह एक अवसर है—अपने पश्चिमी साझेदार के साथ नए युग की शुरुआत करने का।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।