इंडिगो संकट के बाद केंद्र सरकार ने विमानन बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने दो नई एयरलाइंस को एनओसी जारी की है।
📍नई दिल्ली, 25 दिसंबर 2025✍️Asif Khan
नागरिक उड्डयन क्षेत्र में हालिया इंडिगो संकट के बाद केंद्र सरकार ने विमानन बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की दिशा में अहम कदम उठाया है। इस महीने की शुरुआत में इंडिगो को परिचालन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा था। बड़ी संख्या में उड़ानें रद हुईं, यात्री एयरपोर्ट पर फंसे और सामान की डिलीवरी में भी दिक्कतें सामने आईं। इस स्थिति ने पूरे सिस्टम पर दबाव बढ़ा दिया।
सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, देश के घरेलू हवाई यातायात का बड़ा हिस्सा कुछ चुनिंदा एयरलाइंस के पास है। ऐसे में किसी एक कंपनी में गड़बड़ी होने पर यात्रियों को व्यापक परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी पृष्ठभूमि में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने नए ऑपरेटरों को बढ़ावा देने की प्रक्रिया तेज की है।
दो नई एयरलाइंस को एनओसी
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अल हिंद एयर और फ्लाईएक्सप्रेस को उड़ान संचालन के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जारी किया है। मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला सभी नियामकीय प्रक्रियाओं और दस्तावेजों की जांच के बाद लिया गया है।
इन दोनों कंपनियों के अलावा उत्तर प्रदेश स्थित शंख एयर को पहले ही एनओसी मिल चुका है। शंख एयर के 2026 में परिचालन शुरू करने की संभावना है। मंत्रालय का कहना है कि देश में और अधिक विमानन संचालकों को लाने के लिए नीति स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
वर्तमान बाजार संरचना
डीजीसीए के आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में देश में नौ नियमित घरेलू विमानन कंपनियां सेवाएं दे रही हैं। इनमें इंडिगो और टाटा समूह की एयर इंडिया का दबदबा बना हुआ है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, घरेलू यात्रियों का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं दो समूहों की सेवाओं का उपयोग करता है।
इंडिगो अकेले लगभग 65 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी रखती है। ऐसी स्थिति को विमानन क्षेत्र में ‘डुओपोली’ के रूप में देखा जाता है। मंत्रालय का मानना है कि नए खिलाड़ियों के आने से बाजार में संतुलन बनेगा।
सरकार का बयान
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा है कि सरकार का उद्देश्य यात्रियों को अधिक विकल्प देना है। उन्होंने बताया कि मंत्रालय नई एयरलाइंस को प्रोत्साहित कर रहा है ताकि किरायों में पारदर्शिता आए और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सुरक्षा और नियामकीय मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सभी नई एयरलाइंस को डीजीसीए के दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।
इंडिगो से जुड़ी शिकायतें
उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने जानकारी दी कि इंडिगो टिकट रद करने से संबंधित लगभग 100 शिकायतें मंत्रालय को प्राप्त हुई हैं। ये शिकायतें राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के माध्यम से दर्ज की गई थीं।
इन शिकायतों को विमानन नियामक के पास भेज दिया गया है। इनमें टिकट रद्दीकरण, धन वापसी और मुआवजे से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी पर असर
इसी बीच टाटा समूह द्वारा संचालित एयर इंडिया ने रोम के लिए उड़ान सेवाएं फिर से शुरू करने की घोषणा की है। वहीं इंडिगो ने दिल्ली से लंदन हीथ्रो के लिए अपनी सेवाएं शुरू करने की योजना बताई है।
इन घोषणाओं से अगले वर्ष भारत और यूरोप के बीच हवाई कनेक्टिविटी में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
अल हिंद एयर का परिचय
अल हिंद एयर केरल स्थित अल हिंद ग्रुप द्वारा प्रवर्तित की जा रही है। यह समूह पहले से ट्रैवल और टूरिज्म सेक्टर में सक्रिय है। कंपनी की योजना शुरुआत में एटीआर-72 विमानों के जरिए क्षेत्रीय मार्गों पर उड़ान भरने की है।
भविष्य में एयरबस ए320 विमानों के साथ अंतरराष्ट्रीय मार्गों, विशेष रूप से खाड़ी देशों को जोड़ने की योजना है। कंपनी के चेयरमैन टी. मोहम्मद हारिस हैं, जिनका ट्रैवल इंडस्ट्री में लंबा अनुभव रहा है।
शंख एयर की तैयारी
शंख एयर उत्तर प्रदेश की पहली घरेलू एयरलाइन होगी। इसका हब लखनऊ और नोएडा में प्रस्तावित है। कंपनी का फोकस उत्तर भारत के शहरों को प्रमुख महानगरों से जोड़ने पर रहेगा।
कंपनी के अनुसार, इसके पास 50 करोड़ रुपये का शेयर कैपिटल है। नेतृत्व टीम में श्रवण कुमार, अनुराग छाबड़ा और कौशिक सेनगुप्ता शामिल हैं।
फ्लाईएक्सप्रेस की पृष्ठभूमि
फ्लाईएक्सप्रेस को भी मंत्रालय से एनओसी मिल चुकी है। यह एयरलाइन हैदराबाद स्थित एक लॉजिस्टिक्स और कुरियर कंपनी द्वारा प्रमोट की जा रही है। कंपनी का अनुभव घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कार्गो संचालन में रहा है।
प्रमोटर्स का मानना है कि लॉजिस्टिक्स में मिला अनुभव यात्री सेवाओं में भी उपयोगी साबित होगा।
आगे की राह
हालांकि नए खिलाड़ियों के आने से प्रतिस्पर्धा बढ़ने की संभावना है, लेकिन भारतीय विमानन बाजार चुनौतियों से भरा रहा है। ईंधन कीमतें, परिचालन लागत और वित्तीय प्रबंधन नई एयरलाइंस के लिए अहम मुद्दे होंगे।
सरकार का कहना है कि वह नियामकीय निगरानी के साथ बाजार को स्थिर और संतुलित रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।