गुरुवार, 08 October 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
🔔 Google पर Shah Times की खबरें पाने के लिए क्लिक करें
EDITION:
BREAKING
#ShahTimes #Muzaffarnagar #Bijnor #Moradabad #BreakingNews #Politics #Education #Crime #Sports #Business
Advertisement Advertisement
None

चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा हम नहीं चाहते सुप्रीम कोर्ट तारीख-पे-तारीख अदालत बने

None • 2023-11-03 15:15:44
चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा हम नहीं चाहते सुप्रीम कोर्ट तारीख-पे-तारीख अदालत बने

नई दिल्ली। चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ (DY Chandrachud) ने शुक्रवार को कहा कि वह नहीं चाहते हैं यह न्यायालय ‘तारीख-पे- तारीख' अदालत’ बने।

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई टालने की गुहार पर मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने आज कहा, "हम नहीं चाहते कि यह अदालत तारीख-पे-तारीख अदालत बने।" पीठ ने खुली अदालत में यह टिप्पणी की और वकीलों से अनुरोध किया कि वे केवल तभी सुनवाई टालने की मांग करें जब यह वास्तव में बहुत जरूरी हो।

चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ (Chief Justice Chandrachud) ने सुनवाई को बार-बार स्थगित करने से देश की शीर्ष अदालत (Supreme Court) में नागरिकों के भरोसे की स्थिति बयां करते हुए कहा, "मैं बार के सदस्यों से अनुरोध करता हूं कि जब तक वास्तव में जरूरी न हो तब तक स्थगन की मांग न करें। यह तारीख-पे-तारीख अदालत नहीं बन सकती। यह हमारी अदालत में नागरिकों के भरोसे को कमजोर करता है।"

व्हाट्सएप पर शाह टाइम्स चैनल को फॉलो करें

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि सितंबर और अक्टूबर 2023 के दौरान पिछले दो महीनों में वकीलों द्वारा 3688 स्थगन की मांग की गईं। उन्होंने अत्यधिक स्थगन की मांग पर कहा कि इससे मामले को दाखिल करने और उसे सूचीबद्ध करने का उद्देश्य विफल हो गया।

मुख्य न्यायाधीश ने वकीलों से कहा, "मेरा एक अनुरोध है। आज 178 स्थगन के अनुरोध की पर्चियां हैं। एक और तीन सितंबर तक प्रति विविध दिन औसतन 154 स्थगन की मांग कई हैं।"
इसके उलट सितंबर 2023 से अब तक 2361 मामलों का उल्लेख (शीघ्र सुनवाई का अनुरोध) किया गया है। हर दिन औसतन 59 मामलों का उल्लेख किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर जहां मामलों को शीघ्र सूचीबद्ध जाता है, वहीं दूसरी ओर उनका उल्लेख किया जाता है, फिर उन्हें स्थगित कर दिया जाता है।

https://shahtimesnews.com/suresh-khanna-becomes-the-convener-of-the-group-of-ministers-of-the-gst-council/

#ShahTimes

नई दिल्ली। चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ (DY Chandrachud) ने शुक्रवार को कहा कि वह नहीं चाहते हैं यह न्यायालय ‘तारीख-पे- तारीख' अदालत’ बने।

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई टालने की गुहार पर मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने आज कहा, "हम नहीं चाहते कि यह अदालत तारीख-पे-तारीख अदालत बने।" पीठ ने खुली अदालत में यह टिप्पणी की और वकीलों से अनुरोध किया कि वे केवल तभी सुनवाई टालने की मांग करें जब यह वास्तव में बहुत जरूरी हो।

चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ (Chief Justice Chandrachud) ने सुनवाई को बार-बार स्थगित करने से देश की शीर्ष अदालत (Supreme Court) में नागरिकों के भरोसे की स्थिति बयां करते हुए कहा, "मैं बार के सदस्यों से अनुरोध करता हूं कि जब तक वास्तव में जरूरी न हो तब तक स्थगन की मांग न करें। यह तारीख-पे-तारीख अदालत नहीं बन सकती। यह हमारी अदालत में नागरिकों के भरोसे को कमजोर करता है।"

व्हाट्सएप पर शाह टाइम्स चैनल को फॉलो करें

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि सितंबर और अक्टूबर 2023 के दौरान पिछले दो महीनों में वकीलों द्वारा 3688 स्थगन की मांग की गईं। उन्होंने अत्यधिक स्थगन की मांग पर कहा कि इससे मामले को दाखिल करने और उसे सूचीबद्ध करने का उद्देश्य विफल हो गया।

मुख्य न्यायाधीश ने वकीलों से कहा, "मेरा एक अनुरोध है। आज 178 स्थगन के अनुरोध की पर्चियां हैं। एक और तीन सितंबर तक प्रति विविध दिन औसतन 154 स्थगन की मांग कई हैं।"
इसके उलट सितंबर 2023 से अब तक 2361 मामलों का उल्लेख (शीघ्र सुनवाई का अनुरोध) किया गया है। हर दिन औसतन 59 मामलों का उल्लेख किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर जहां मामलों को शीघ्र सूचीबद्ध जाता है, वहीं दूसरी ओर उनका उल्लेख किया जाता है, फिर उन्हें स्थगित कर दिया जाता है।

https://shahtimesnews.com/suresh-khanna-becomes-the-convener-of-the-group-of-ministers-of-the-gst-council/

#ShahTimes

-->
ADVERTISEMENT
None

None

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर