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गेम चेंजर साबित हुआ ऑनलाइन विवाद समाधान : चीफ जस्टिस

None • 2024-01-29 14:56:44
गेम चेंजर साबित हुआ ऑनलाइन विवाद समाधान : चीफ जस्टिस

नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ (DY Chandrachud) ने कहा आभासी अदालतों की पहल ऑनलाइन विवाद समाधान में गेम चेंजर साबित हुआ है।

उन्होंने कहा, 'भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन विश्लेषक के अनुसार, 2018 में ई-कोर्ट कुल इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन के मामले में भारतीय रेलवे को भी पीछे छोड़ दिया।'

उन्होंने शीर्ष अदालत की हीरक जयंती (Diamond jubilee) समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि लोगों तक न्याय की पहुंच आसान बनाने प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रक्रियात्मक निष्पक्षता बनाये रखने के प्रयासों के तहत कई बाधाओं और सुविधाओं के पहुंच के मामले में असमानता की पहचान कर उन्हें दूर किया जा रहा है।

न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ (Chandrachud) ने शीर्ष अदालत सभागार में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए विभिन्न परियोजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मई 2023 में उन्नत संस्करण के प्रौद्योगिकी लॉन्च होने के बाद से लगभग 1,28,000 ई-फाइलिंग की गई है।

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उन्होंने कहा, 'ई-फाइलिंग 25 राज्यों में उपलब्ध हैं, जहां 29 लाख से अधिक मामले दर्ज किए हैं। बार और बेंच के पर्याप्त समर्थन के साथ हम कोविड ​​​​-19 के दौरान तेजी से वर्चुअल यानी आभासी माध्यम से सुनवाई करने में सक्षम थे।'

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि महामारी के बाद परंपरागत और आभासी (Hybrid) तरीके से सुनवाई अदालतों की एक विशेषता बनी हुई है, जिससे देश या दुनिया के किसी भी हिस्से में बैठे किसी भी भारतीय वकील को इस अदालत के समक्ष बहस करने की अनुमति मिलती है। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि लगभग 10 करोड़ पृष्ठों वाले 13 लाख से अधिक पुराने और ताजा केस रिकॉर्ड को डिजिटल स्वरूप दिया गया गया है।

उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत ने अन्य उपायों के अलावा तीन कोर्ट रूम में 'फ्यूचरिस्टिक कोर्ट टेक्नोलॉजी' (Futuristic court technology) को सक्षम किया और जल्द ही अन्य कोर्ट रूम ऐसी तकनीक से लैस होंगे। आधुनिक प्रौद्योगिकी की मदद से तैयार इन अदालत कक्षों में कागज रहित कानूनी कार्यवाही, पीठ और अधिवक्ताओं के लिए एक बड़ी डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधाएं, बड़ी वीडियो दीवारें, स्मार्ट मॉनिटर और दस्तावेज़ विज़ुअलाइज़र अदालत कक्ष विशेषताओं में शामिल होंगी हैं। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि भविष्य में शीर्ष अदालत जल्द ही अपने डिजिटल डेटा को एक सुरक्षित, सुरक्षित और संप्रभु क्लाउड के रूप में स्थानांतरित करने जा रहा है। क्लाउड स्टोरेज उच्चतम न्यायालय के डोमेन डेटा की गोपनीयता, अखंडता, उच्च उपलब्धता और सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करेगा।

#ShahTimes

नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ (DY Chandrachud) ने कहा आभासी अदालतों की पहल ऑनलाइन विवाद समाधान में गेम चेंजर साबित हुआ है।

उन्होंने कहा, 'भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन विश्लेषक के अनुसार, 2018 में ई-कोर्ट कुल इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन के मामले में भारतीय रेलवे को भी पीछे छोड़ दिया।'

उन्होंने शीर्ष अदालत की हीरक जयंती (Diamond jubilee) समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि लोगों तक न्याय की पहुंच आसान बनाने प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रक्रियात्मक निष्पक्षता बनाये रखने के प्रयासों के तहत कई बाधाओं और सुविधाओं के पहुंच के मामले में असमानता की पहचान कर उन्हें दूर किया जा रहा है।

न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ (Chandrachud) ने शीर्ष अदालत सभागार में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए विभिन्न परियोजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मई 2023 में उन्नत संस्करण के प्रौद्योगिकी लॉन्च होने के बाद से लगभग 1,28,000 ई-फाइलिंग की गई है।

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उन्होंने कहा, 'ई-फाइलिंग 25 राज्यों में उपलब्ध हैं, जहां 29 लाख से अधिक मामले दर्ज किए हैं। बार और बेंच के पर्याप्त समर्थन के साथ हम कोविड ​​​​-19 के दौरान तेजी से वर्चुअल यानी आभासी माध्यम से सुनवाई करने में सक्षम थे।'

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि महामारी के बाद परंपरागत और आभासी (Hybrid) तरीके से सुनवाई अदालतों की एक विशेषता बनी हुई है, जिससे देश या दुनिया के किसी भी हिस्से में बैठे किसी भी भारतीय वकील को इस अदालत के समक्ष बहस करने की अनुमति मिलती है। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि लगभग 10 करोड़ पृष्ठों वाले 13 लाख से अधिक पुराने और ताजा केस रिकॉर्ड को डिजिटल स्वरूप दिया गया गया है।

उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत ने अन्य उपायों के अलावा तीन कोर्ट रूम में 'फ्यूचरिस्टिक कोर्ट टेक्नोलॉजी' (Futuristic court technology) को सक्षम किया और जल्द ही अन्य कोर्ट रूम ऐसी तकनीक से लैस होंगे। आधुनिक प्रौद्योगिकी की मदद से तैयार इन अदालत कक्षों में कागज रहित कानूनी कार्यवाही, पीठ और अधिवक्ताओं के लिए एक बड़ी डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधाएं, बड़ी वीडियो दीवारें, स्मार्ट मॉनिटर और दस्तावेज़ विज़ुअलाइज़र अदालत कक्ष विशेषताओं में शामिल होंगी हैं। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि भविष्य में शीर्ष अदालत जल्द ही अपने डिजिटल डेटा को एक सुरक्षित, सुरक्षित और संप्रभु क्लाउड के रूप में स्थानांतरित करने जा रहा है। क्लाउड स्टोरेज उच्चतम न्यायालय के डोमेन डेटा की गोपनीयता, अखंडता, उच्च उपलब्धता और सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करेगा।

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शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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