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मुख्यमंत्री धामी ने संस्कृत को रोजगार से जोड़ने पर दिया ज़ोर

None • 2025-04-24 16:45:59
मुख्यमंत्री धामी ने संस्कृत को रोजगार से जोड़ने पर दिया ज़ोर


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में संस्कृत अकादमी की बैठक में युवाओं को संस्कृत के माध्यम से रोजगार से जोड़ने के प्रयासों पर ज़ोर दिया।

देहरादून ,(Shah Times) । उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सचिवालय में उत्तराखण्ड संस्कृत अकादमी की सामान्य समिति की 10वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने संस्कृत भाषा को रोजगार से जोड़ने के लिए विशेष रणनीति अपनाने पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यज्ञ, कर्मकांड एवं वेद विषयों में प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम (Certificate Courses) प्रारंभ किए जाएं, जिससे युवा इन पारंपरिक विधाओं के माध्यम से स्वरोजगार की ओर बढ़ सकें।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संस्कृत का अध्ययन कर रहे छात्रों को "16 संस्कारों" का सुनियोजित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। पहले चरण में 100 छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और आगे हर वर्ष इस योजना का विस्तार होगा।

मुख्यमंत्री धामी ने सुझाव दिया कि संस्कृत शिक्षण, लेखन एवं इसके संरक्षण और संवर्द्धन में योगदान देने वाले विद्वानों को सम्मान राशि देकर सम्मानित किया जाए।

उन्होंने कहा, “उत्तराखंड योग, आयुष, ऋषि-मुनियों और संस्कृत की पावन भूमि रही है। हमें चाहिए कि स्कूलों और कॉलेजों में संस्कृत आधारित वाद-विवाद, निबंध लेखन और श्लोक पाठ प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं।”

सभी जनपदों में संस्कृत को समर्पित नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे और सरकारी कार्यालयों में संस्कृत भाषा में नाम पट्टिकाएं अनिवार्य की जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि जिन राज्यों में संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए अच्छे कार्य हुए हैं, उनकी बेस्ट प्रैक्टिसेस को अपनाकर उत्तराखंड में प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। साथ ही, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत संस्कृत को पाठ्यक्रम से जोड़ने के लिए और अधिक प्रयास किए जाएं।

बैठक की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष पर्यटकों को श्रद्धांजलि देने हेतु दो मिनट का मौन रखा गया।

इस अवसर पर संस्कृत शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, प्रमुख सचिव न्याय प्रदीप पंत, सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार, सचिव वी. षणमुगम, संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार के कुलपति प्रो. दिनेश चन्द्र शास्त्री, अपर सचिव ललित मोहन रयाल समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे।



मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में संस्कृत अकादमी की बैठक में युवाओं को संस्कृत के माध्यम से रोजगार से जोड़ने के प्रयासों पर ज़ोर दिया।

देहरादून ,(Shah Times) । उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सचिवालय में उत्तराखण्ड संस्कृत अकादमी की सामान्य समिति की 10वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने संस्कृत भाषा को रोजगार से जोड़ने के लिए विशेष रणनीति अपनाने पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यज्ञ, कर्मकांड एवं वेद विषयों में प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम (Certificate Courses) प्रारंभ किए जाएं, जिससे युवा इन पारंपरिक विधाओं के माध्यम से स्वरोजगार की ओर बढ़ सकें।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संस्कृत का अध्ययन कर रहे छात्रों को "16 संस्कारों" का सुनियोजित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। पहले चरण में 100 छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और आगे हर वर्ष इस योजना का विस्तार होगा।

मुख्यमंत्री धामी ने सुझाव दिया कि संस्कृत शिक्षण, लेखन एवं इसके संरक्षण और संवर्द्धन में योगदान देने वाले विद्वानों को सम्मान राशि देकर सम्मानित किया जाए।

उन्होंने कहा, “उत्तराखंड योग, आयुष, ऋषि-मुनियों और संस्कृत की पावन भूमि रही है। हमें चाहिए कि स्कूलों और कॉलेजों में संस्कृत आधारित वाद-विवाद, निबंध लेखन और श्लोक पाठ प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं।”

सभी जनपदों में संस्कृत को समर्पित नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे और सरकारी कार्यालयों में संस्कृत भाषा में नाम पट्टिकाएं अनिवार्य की जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि जिन राज्यों में संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए अच्छे कार्य हुए हैं, उनकी बेस्ट प्रैक्टिसेस को अपनाकर उत्तराखंड में प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। साथ ही, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत संस्कृत को पाठ्यक्रम से जोड़ने के लिए और अधिक प्रयास किए जाएं।

बैठक की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष पर्यटकों को श्रद्धांजलि देने हेतु दो मिनट का मौन रखा गया।

इस अवसर पर संस्कृत शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, प्रमुख सचिव न्याय प्रदीप पंत, सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार, सचिव वी. षणमुगम, संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार के कुलपति प्रो. दिनेश चन्द्र शास्त्री, अपर सचिव ललित मोहन रयाल समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे।


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Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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