भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच चीन ने पाकिस्तान को समर्थन देने का ऐलान किया। राष्ट्रपति जरदारी और चीनी राजदूत की मुलाकात ने क्षेत्रीय हलचल को बढ़ाया।
इस्लामाबाद/नई दिल्ली (शाह टाइम्स) भारत और पाकिस्तान के बीच पहलगाम आतंकी हमले के बाद उत्पन्न तनाव और बढ़ गया है। सोमवार को एक अहम घटनाक्रम में पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और चीन के राजदूत जियांग जैदोंग की मुलाकात ने दक्षिण एशिया में भू-राजनीतिक समीकरणों को नई दिशा दे दी। इस बैठक में चीन ने स्पष्ट तौर पर पाकिस्तान को अपना समर्थन देने की बात कही है, जिससे क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है।
पाकिस्तान को चीन का दोहराया समर्थन
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद स्थित ऐवान-ए-सदर में राष्ट्रपति जरदारी और चीनी राजदूत जियांग जैदोंग के बीच हुई मुलाकात में भारत-पाक तनाव सहित द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की गई। चीनी राजदूत ने कहा कि चीन और पाकिस्तान 'लौह भाई' हैं और कठिन समय में एक-दूसरे का साथ देते आए हैं। उन्होंने बीजिंग की ओर से यह भरोसा दिलाया कि चीन, दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता के लिए पाकिस्तान को समर्थन देता रहेगा।
जरदारी ने भारत की सैन्य तैयारियों पर जताई चिंता
राष्ट्रपति जरदारी ने चीनी दूत के समक्ष भारत की कथित सैन्य तैयारियों को लेकर चिंता जताई और कहा कि भारत की ओर से संभावित हमला क्षेत्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा है। उन्होंने पहलगाम हमले की निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग भी दोहराई, जिसे भारत पहले ही खारिज कर चुका है। उन्होंने चीन के अटूट समर्थन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कठिन समय में बीजिंग का साथ पाकिस्तान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
भारत की तैयारियां और उच्च स्तरीय बैठकें
दूसरी ओर, भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह से मुलाकात की। इससे एक दिन पहले भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने प्रधानमंत्री को पहलगाम हमले के बाद की सैन्य तैयारियों और संभावित जवाबी कदमों की जानकारी दी थी। सरकार इस हमले को लेकर बेहद गंभीर है और विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही है।
संयुक्त राष्ट्र में हलचल, पाकिस्तान ने मांगी आपात बैठक
पाकिस्तान ने इस बढ़ते तनाव को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आपात बैठक की मांग की है। खबर है कि सुरक्षा परिषद इस मुद्दे पर बंद कमरे में चर्चा करेगी। भारत ने हाल के दिनों में पाकिस्तान के खिलाफ कई सख्त कदम उठाए हैं, जिनमें सिंधु जल संधि का निलंबन और राजनयिक संबंधों में कटौती शामिल हैं।
खुला समर्थन
भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच चीन का पाकिस्तान को खुला समर्थन देना क्षेत्रीय स्थिरता के लिए नई चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस घटनाक्रम पर क्या रुख अपनाता है और भारत किस प्रकार से आगे की कार्रवाई करता है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।