भारत में आयुर्वेद की परंपरा हजारों साल पुरानी है। मगर अब भी लोग आयुर्वेद को चिकित्सा को महत्व देते हैं। दरअसल दादी-नानी के घरेलू नुस्खे आज भी अचानक होने वाली कई परेशानियों में तुरंत राहत देने में मदद करते हैं। अक्सर घर में किसी को उल्टी, दस्त, पेट दर्द, दांत दर्द या चक्कर जैसी समस्या हो जाती है और तुरंत दवा उपलब्ध नहीं होती। ऐसे समय में आयुर्वेदिक उपाय बिना साइड इफेक्ट के राहत देने में मदद करते हैं। इन नुस्खों को याद रखना हर किसी के लिए फायदेमंद है।
सर्दियों में अक्सर होने वाली खांसी, जुकाम और पाचन संबंधी परेशानियों से बचने के लिए जरूरी नहीं कि हर बार डॉक्टर के पास जाया जाए। आयुर्वेद के अनुसार, हमारी किचन में मौजूद कई मसाले इन समस्याओं को आसानी से दूर कर सकते हैं। इन्हीं में से एक है लौंग, जिसे सर्दियों में सेहत की मजबूत ढाल माना जाता है।
कैसे फायदेमंद है लौंग?
लौंग हमारी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है। लौंग पाचन, श्वसन और प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करती है। आयुर्वेद में लौंग को औषधि रत्न माना गया है। औषधीय गुणों से भरपूर लौंग भोजन का स्वाद भी कई गुना बढ़ा देती है। लौंग देखने में भले छोटी हो, मगर कई समस्याओं की काट है। यह कफ और पित्त दोष को शांत करती है और खांसी, श्वास रोग और हिचकी दूर करने में भी कारगर है। लौंग रक्त, मांसपेशियों, नसों, पाचन, प्रजनन और श्वसन तंत्र को मजबूती देती है। यह जठराग्नि को बढ़ाती है, पाचन सुधारती है और भूख जगाती है।
लौंग का इस्तेमाल कैसे करें।
दांद दर्द होने पर
आयुर्वेद में लौंग के सेवन के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी मिलती है। दांत दर्द में रुई में भिगोकर दांत के गड्ढे में लौंग का तेल रखने से राहत मिलती है और कीड़े मर जाते हैं।
बॉडी पेन के लिए फायदेमंद
आमवात, कमर दर्द या वात विकारों में लौंग के तेल से मालिश करना फायदेमंद होता है।
मुंह की बदबू दूर होना
मुंह और गले के रोगों में लौंग चूसने से राहत मिलती है। इससे मुंह की बदबू को दूर करने में भी मदद मिल सकती है।
जुकाम में आराम मिलना
सिर दर्द या जुकाम में ललाट पर लौंग का लेप लगाना भी फायदेमंद हो सकता है।
पेट दर्द से राहत
पेट दर्द में लौंग का रस या इसका पानी पीना कारगर साबित हो सकता है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।