वक्फ अमेंडमेंट बिल पर बढ़ते विरोध के बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'हर सुधार का विरोध होता है'। जानें उन्होंने वक्फ बोर्ड और कानून व्यवस्था को लेकर क्या कहा।।
नई दिल्ली,(Shah Times)। वक्फ अमेंडमेंट बिल को लेकर देशभर में चल रहे विरोध के बीच उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी स्पष्ट राय रखी है। उन्होंने कहा कि "सुधार वक्त की मांग है और हर अच्छे काम का विरोध होता है।" उनका यह बयान वक्फ अमेंडमेंट बिल को लेकर देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में आया है।
केंद्र सरकार आगामी 2 अप्रैल को लोकसभा में वक्फ अमेंडमेंट बिल पेश करने की तैयारी में है। हालांकि, इस बिल के खिलाफ देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। हाल ही में ईद के मौके पर लाखों मुसलमानों ने काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की, जिससे यह संदेश दिया गया कि वे इस विधेयक के विरोध में हैं।
सीएम योगी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह विरोध कोई नई बात नहीं है। हर बड़े सुधार का प्रारंभ में विरोध होता है, लेकिन यह आवश्यक है कि राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा जाए।
एक न्यूज एजेंसी को दिए गए इंटरव्यू में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "मैं एक नागरिक के रूप में अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों का पालन करता हूं। मेरे लिए राष्ट्र सबसे ऊपर है। यदि देश सुरक्षित है, तो धर्म भी सुरक्षित रहेगा। धर्म का संरक्षण तभी संभव है जब देश उन्नति की राह पर आगे बढ़े।"
उन्होंने आगे कहा, "मैं राजनीति को पूर्णकालिक पेशा नहीं मानता। मैं एक योगी हूं और उत्तर प्रदेश की जनता की सेवा कर रहा हूं। पार्टी ने मुझे यह जिम्मेदारी दी है, और मैं इसे पूरी निष्ठा के साथ निभा रहा हूं।"
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वक्फ अमेंडमेंट बिल का विरोध कर रहे लोगों से सीधा सवाल किया कि क्या वक्फ बोर्ड ने मुसलमानों के कल्याण के लिए कोई ठोस कार्य किया है? उन्होंने कहा, "आज वक्फ संपत्तियां निजी स्वार्थ का केंद्र बन गई हैं। यह किसी भी सरकारी भूमि पर कब्जा करने का एक माध्यम बन गया है। ऐसे में इसमें सुधार की आवश्यकता है, और हर सुधार का विरोध होता ही है।"
सड़कों पर नमाज अदा करने को लेकर भी सीएम योगी ने अपनी स्पष्ट राय रखी। उन्होंने कहा, "सड़कों का उपयोग यातायात के लिए होता है। कोई भी धार्मिक आयोजन अनुशासन का पालन करते हुए किया जाना चाहिए। प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान 66 करोड़ श्रद्धालु आए, लेकिन कहीं भी कोई अव्यवस्था नहीं हुई। यही धार्मिक अनुशासन का उदाहरण है।"
उन्होंने आगे कहा, "यदि किसी भी समुदाय को सुविधाएं चाहिए, तो उन्हें अनुशासन का भी पालन करना होगा। सड़क पर नमाज अदा करने की परंपरा को समाप्त करना आवश्यक है।"
सीएम योगी से जब 'बुलडोजर मॉडल' के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "यह कोई उपलब्धि नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश की आवश्यकता थी। अवैध कब्जों और अराजकता को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया। बुलडोजर का उपयोग कानून व्यवस्था बनाए रखने और अवैध कब्जों को हटाने के लिए किया गया है। हमने इसे एक बेहतर और प्रभावी माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया है।"
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान से स्पष्ट है कि वक्फ अमेंडमेंट बिल को लेकर उनकी सरकार पूरी तरह दृढ़ है और वे इसे समय की आवश्यकता मानते हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन राष्ट्रहित से बढ़कर कुछ नहीं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में इस विधेयक को लेकर केंद्र सरकार क्या रणनीति अपनाती है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।