पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक बार फिर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ से मौसम बदलने के संकेत हैं। पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में ठंड व हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
📍New Delhi ✍️ Asif Khan
मौसम में फिर बदलाव के संकेत
देश के कई हिस्सों में हालिया बूंदाबांदी के बाद आसमान साफ हुआ है, लेकिन ठंड का असर अभी बना हुआ है। मौसम विभाग की ताजा जानकारी के अनुसार पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है। इसके चलते उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में ठंड के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सिस्टम 26 से 28 जनवरी के बीच अपना असर दिखा सकता है।
पश्चिमी हिमालय क्षेत्र पर असर
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 26 से 28 जनवरी के दौरान हल्की से मध्यम वर्षा और बर्फबारी हो सकती है। 27 जनवरी को कुछ स्थानों पर भारी वर्षा या बर्फबारी की आशंका भी जताई गई है। जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ जमने से तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। प्रशासन ने पर्वतीय जिलों में रहने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी है।
जम्मू कश्मीर में स्थिति
जम्मू कश्मीर के कई इलाकों में पहले से ही ठंड का प्रकोप देखा जा रहा है। बर्फबारी के चलते कई संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यातायात पर असर पड़ सकता है। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। डोडा, गुलमर्ग और पहलगाम जैसे इलाकों में बर्फ की चादर बिछी हुई है।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड
हिमाचल प्रदेश के शिमला, कुल्लू, लाहौल स्पीति और किन्नौर जिलों में बर्फबारी की संभावना है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। उत्तराखंड के चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों में भी बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है। पहाड़ी सड़कों पर फिसलन बढ़ने की आशंका के चलते यात्रियों से सतर्क रहने को कहा गया है।
मैदानी इलाकों में ठंड और बारिश
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ा सकती हैं। दिल्ली एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट संभव है।
दिल्ली एनसीआर का हाल
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में सुबह और रात के समय ठंड अधिक महसूस की जा रही है। दिन में धूप निकलने से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन सर्द हवाओं के कारण गलन बनी रहेगी। 27 जनवरी से पहले दिल्ली एनसीआर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। इससे ठंड का असर और बढ़ने की संभावना है।
यूपी में मौसम का मिजाज
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में मौसम बदलने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी यूपी के कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। इसके साथ ही ठंडी हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। पूर्वी यूपी में कोहरा और शीतलहर का असर बने रहने की संभावना है।
बिहार में शीतलहर और कोहरा
बिहार में ठंड का असर अभी कम नहीं हुआ है। कई जिलों में सुबह के समय घना कोहरा देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण राज्य के कुछ हिस्सों में आंधी और बारिश हो सकती है। इससे तापमान में हल्का उतार चढ़ाव संभव है, लेकिन ठंड बनी रह सकती है।
पंजाब और हरियाणा में कोहरा
पंजाब और हरियाणा के कई इलाकों में घना कोहरा छाया हुआ है। दृश्यता कम होने के कारण सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक सुबह के समय कोहरे की स्थिति बने रहने की संभावना जताई है। ठंडी हवाओं के चलते लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पूर्वी भारत की स्थिति
पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भी मौसम में बदलाव देखा जा सकता है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम के ऊंचाई वाले इलाकों में कोहरा छाए रहने की संभावना है। तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल भारी बारिश की आशंका नहीं है, लेकिन ठंड का असर बना रहेगा।
दक्षिण भारत में वर्षा
दक्षिण भारत के राज्यों तमिलनाडु और केरल में 26 जनवरी को गरज चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक तटीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं भी चल सकती हैं। स्थानीय प्रशासन ने मछुआरों को समुद्र में जाने से पहले मौसम की जानकारी लेने की सलाह दी है।
तापमान को लेकर अनुमान
मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में तापमान चार से छह डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। हालांकि इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के असर से तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है।
जनजीवन पर प्रभाव
ठंड और कोहरे के कारण कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों और कामकाजी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पतालों में ठंड से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से गर्म कपड़े पहनने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है।
यातायात और सतर्कता
बर्फबारी और कोहरे के कारण पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में यातायात प्रभावित हो सकता है। कई स्थानों पर सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं। मौसम विभाग और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। यात्रियों को यात्रा से पहले मौसम की ताजा जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद कुछ दिनों तक ठंड बनी रह सकती है। उत्तर भारत में शीतलहर की स्थिति देखने को मिल सकती है, जबकि दक्षिण भारत में छिटपुट बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने लोगों से आधिकारिक चेतावनियों और अपडेट पर ध्यान देने को कहा है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।