मुजफ्फरनगर,( नदीम सिद्दीकी )। जिला प्रशासन ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव के निर्देश पर बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन कराने के लिए शासन के निर्देशों को अमली जामा पहनाना शुरू कर दिया है। जनपद में बोर्ड परीक्षा केंद्रों को बनाने के लिए डीएम ने जिले में चार कमेटी बनाई है, जिसमें अध्यक्ष और सदस्य नियुक्त किए गए हैं। कमेटी अपने-अपने क्षेत्रों में निरीक्षण के बाद बोर्ड परीक्षा केंद्र बनाने लायक विद्यालयों के नाम तय करेगी, जिनका प्रस्ताव बोर्ड में परीक्षा केंद्र बनाने के लिए भेजा जाएगा।
इस बार होने जा रही बोर्ड परीक्षा के लिए बनने वाले केंद्रों में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
परीक्षा केंद्र बनाने के लिए 285 विद्यालयों का कमेटी करेगी भौतिक सत्यापन
माध्यमिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव के निर्देश पर डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने जनपद की चारों तहसील में चार समिति बनाई है। इस समिति को जनपद में बने माध्यमिक शिक्षा परिषद के 285 विद्यालयों का बोर्ड परीक्षा बनाने के लिए भौतिक सत्यापन करना है। तहसील सदर, खतौली, जानसठ और बुढ़ाना में बनी कमेटी के अध्यक्ष और सदस्य विद्यालयों में जाकर देखेंगे कि विद्यालय का भवन कैसा है। वहां सीसीटीवी, पेयजल व्यवस्था, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, चार दीवारी, फर्नीचर आदि व्यवस्थाओं किस प्रकार की है। इसके आधार पर बोर्ड परीक्षा केंद्र बनाने के लिए विद्यालयों का चयन होगा।
डीआइओएस डा. धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि चारों कमेटी अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों का भौतिक सत्यापन कर 10 अक्टूबर तक बोर्ड परीक्षा केंद्र बनने लायक विद्यालयों की सूची देंगे। इसके बाद परीक्षार्थियों की संख्या के हिसाब से बोर्ड परीक्षा केंद्र बनाने के लिए विद्यालयों का प्रस्ताव बोर्ड में भेजा जाएगा।
एसडीएम बनाए समिति के अध्यक्ष
बोर्ड परीक्षा केंद्रों के सत्यापन को बनी कमेटियों में सभी तहसीलों में एसडीएम को अध्यक्ष बनाया गया है। सदर तहसील में एसडीएम अध्यक्ष व छह सदस्य बने हैं। खतौली में भी अध्यक्ष के साथ चार सदस्य बने हैं। जानसठ और बुढ़ाना में भी अध्यक्ष के साथ चार-चार सदस्य बनाए गए हैं। सदस्य के रूप में जीआइसी के प्रधानाचार्य और लोक निर्माण विभाग के अभियंता को जिम्मेदारी दी गई है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।