राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने से रोके जाने पर कांग्रेस के 70 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर विरोध जताया। ओम बिरला ने राहुल गांधी को नियम 349 के तहत सदन में मर्यादित आचरण करने की नसीहत दी। पढ़ें पूरी खबर।
नई दिल्ली,(Shah Times) । लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बार-बार बोलने से रोके जाने के विरोध में कांग्रेस के 70 सांसदों ने बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। कांग्रेस सांसदों ने इस मामले पर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए राहुल गांधी को सदन में बोलने देने की मांग की।
लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल, मणिकम टैगोर सहित 70 सांसदों ने अध्यक्ष ओम बिरला के कक्ष में जाकर विरोध दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को जानबूझकर सदन में अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया जा रहा है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में राहुल गांधी को नियमों का पालन करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा,
"सदस्यों से अपेक्षा की जाती है कि वे सदन की गरिमा बनाए रखें। मेरे संज्ञान में कई घटनाएं आई हैं, जहां सदस्यों का आचरण संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं रहा है। नेता प्रतिपक्ष से उम्मीद की जाती है कि वे नियम 349 के तहत सदन में मर्यादित आचरण करें।"
इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही भोजनावकाश तक स्थगित कर दी। बताया जा रहा है कि अध्यक्ष की यह टिप्पणी राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के बीच सदन में हुई किसी बातचीत को लेकर थी।
बाद में संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा,
"लोकसभा अध्यक्ष ने मेरे बारे में कुछ कहा, लेकिन जब मैं खड़ा हुआ तो वे उठकर चले गए और कार्यवाही स्थगित कर दी। मैंने कुछ नहीं किया, मैं शांति से बैठा था। पिछले सात-आठ दिन में मैंने कुछ नहीं बोला। लोकतंत्र में विपक्ष की भी जगह होती है, लेकिन यहां ऐसा नहीं हो रहा। जब भी मैं बोलने के लिए खड़ा होता हूं, मुझे रोका जाता है।"
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने की साजिश कर रही है। उन्होंने कहा,
"संसदीय परंपरा हमें सिखाती है कि सदन सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए समान रूप से होता है। लेकिन जब भी विपक्ष, खासकर नेता प्रतिपक्ष बोलने की कोशिश करते हैं, उन्हें रोक दिया जाता है। संसद में ऐसा माहौल बना दिया गया है कि भाजपा के मंत्री और सांसद जब खड़े होते हैं, तो उनका माइक चालू हो जाता है, लेकिन विपक्ष को बोलने नहीं दिया जाता।"
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब कांग्रेस ने दिल्ली हाईकोर्ट के एक जज के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाने की कोशिश की, तो उसे खारिज कर दिया गया, जबकि संसदीय कार्य मंत्री को सरकार के पक्ष में झूठे आरोप लगाने का मौका दिया गया।
गोगोई ने कहा,
"आज हमने देखा कि जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए तो अध्यक्ष ने तुरंत सदन को स्थगित कर दिया। इसी के विरोध में हमने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर अपनी आपत्ति जताई है। सरकार ऐसा माहौल बना रही है, जहां विपक्ष और संसदीय परंपराओं को कमजोर किया जा रहा है।"
राहुल गांधी को बोलने से रोके जाने का यह मुद्दा अब तूल पकड़ सकता है। कांग्रेस के तेवर देखते हुए आने वाले दिनों में संसद में और ज्यादा हंगामा होने की संभावना है। विपक्ष लगातार सरकार पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को बाधित करने का आरोप लगा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इसे संसदीय नियमों का पालन न करने का मामला बता रहा है।
राहुल गांधी को सदन में बोलने से रोके जाने का मामला संसद के भीतर और बाहर चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस इसे विपक्ष की आवाज दबाने की साजिश बता रही है, वहीं लोकसभा अध्यक्ष का कहना है कि सभी को सदन की गरिमा बनाए रखनी चाहिए। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव आगे भी जारी रहने की संभावना है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।