सर्दियों के मौसम में सर्दी-जुकाम के साथ बलगम की समस्या होना बहुत आम बात है। दरअसल मौसम बदलते ही शरीर की इम्यूनिटी कमजोर होने लगती है, जिससे संक्रमण और मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। खासतौर पर जिन लोगों की इम्यूनिटी पहले से कम होती है, उन्हें इस मौसम में ज्यादा परेशानी होती है। ऐसे लोग अगर गलती से ठंडी तासीर वाले खाद्य पदार्थ खा लें, तो तुरंत गले में खराश, खांसी और जुकाम की दिक्कत शुरू हो सकती है। हमारे पुराने नुस्खों में एक ऐसा रामबाण इलाज छिपा है जो बिल्कुल सस्ता, आसान और असरदार है।
हम बात कर रहे हैं एक ऐसे हरे पत्ते की, जिसे सिर्फ लौंग और अजवाइन के साथ मिलाकर खा लेने से आपकी छाती का सारा बलगम मोम की तरह पिघलकर बाहर निकल जाएगा, और खांसी भी झटपट रुक जाएगी. आइए, जानते हैं क्या है यह नुस्खा और इसे इस्तेमाल कैसे करना है। यह ‘हरा पत्ता' और कोई नहीं, बल्कि पान का पत्ता है, जिसे सदियों से हमारे देश में पूजा और आयुर्वेदिक दवाइयों में इस्तेमाल किया जाता रहा है। जब इस पत्ते को लौंग और अजवाइन के साथ मिलाया जाता है, तो यह कफ और खांसी के लिए एक चमत्कारी दवा बन जाता है।
पान के पत्ते के साथ लौंग और अजवायन चबाने से क्या होता है।
पान का पत्ता
पान के पत्ते में एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजन कम करने वाले) और एंटी-माइक्रोबियल यानी किटाणुओं को मारने वाले गुण होते हैं। यह फेफड़ों की नसों को आराम देता है और बलगम को ढीला करने में मदद करता है।
लौंग
लौंग की तासीर बहुत गर्म होती है। इसमें यूजेनॉल नाम का कंपाउंड होता है जो गले की खराश और दर्द को तुरंत खत्म करता है। यह एक बेहतरीन एक्सपेक्टोरेंट (बलगम बाहर निकालने वाला) भी है।
अजवाइन
अजवाइन में थाइमोल होता है, जो इसे एक बेहतरीन एंटी-सेप्टिक बनाता है। यह सांस की नली को साफ करता है, सीने की जकड़न को खोलता है, और खांसी के दौरे को कम करता है।
इन तीनों चीजों का सेवन करें।
जब ये तीनों चीजें एक साथ मिलाकर खाई जाती है तो सर्दी-खांसी, गले की खराश और छाती में जमे कफ पर तिहरा वार होता है। इस देसी दवा को दिन में दो बार, सुबह और शाम, खाने के बाद इस्तेमाल करें।
इसके फायदे
यह नुस्खा सिर्फ 1-2 बार लेने से ही सीने में जमा गाढ़ा बलगम पतला होकर बाहर निकलना शुरू हो जाता है, जिससे सांस लेना आसान हो जाता है। लौंग और पान की गर्माहट तुरंत खांसी के दौरे को रोकती है और गले की जलन को शांत करती है। अजवाइन की वजह से सीने की मांसपेशियों को आराम मिलता है और जकड़न दूर होती है। इस तरह के घरेलू नुस्खे हमारी दादी-नानी के जमाने से ही बहुत मददगार है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।