गुरुवार, 09 July 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
EDITION:
BREAKING
#ShahTimes #Muzaffarnagar #Bijnor #Moradabad #BreakingNews #Politics #Education #Crime #Sports #Business
SmarterASP.NET Hosting
None

कोर्ट ने ED की शिकायत ठुकराई, राहुल गांधी और सोनिया गांधी को अंतरिम राहत

None 2025-12-16 15:07:36
कोर्ट ने ED की शिकायत ठुकराई, राहुल गांधी और सोनिया गांधी को अंतरिम राहत

राउज एवेन्यू कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड केस में ईडी चार्जशीट पर संज्ञान से इनकार

📍 New Delhi
✍️ Asif Khan 

 दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि शिकायत प्राथमिकी के बिना निजी शिकायत पर आधारित है।

अदालत का आदेश और पृष्ठभूमि

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दायर चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया है। इस मामले में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य को राहत मिली है। अदालत ने मंगलवार को दिए आदेश में कहा कि ईडी की ओर से दायर शिकायत सुनवाई योग्य नहीं पाई गई, क्योंकि यह किसी प्राथमिकी के बजाय निजी शिकायत पर आधारित है।

संज्ञान से इनकार का आधार

विशेष न्यायाधीश पीसी एक्ट विशाल गोगने ने आदेश में कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून के तहत जांच और अभियोजन तब तक कायम नहीं हो सकता, जब तक संबंधित अनुसूचित अपराध पर एफआईआर दर्ज न हो या वह अपराध कानून की अनुसूची में शामिल न किया गया हो। अदालत के अनुसार, मौजूदा शिकायत में यह शर्त पूरी नहीं होती, इसलिए चार्जशीट पर संज्ञान नहीं लिया जा सकता।

ईडी की शिकायत पर टिप्पणी

अदालत ने ईडी की शिकायत को आधारहीन बताते हुए कहा कि बिना प्राथमिकी के कार्यवाही आगे बढ़ाना उचित नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज की गई नई एफआईआर से जुड़ी स्थिति पर विचार करना अभी जल्दबाजी होगी। इस चरण पर ईडी के बयानों और दावों पर अंतिम निर्णय नहीं दिया जा सकता।

एफआईआर की प्रति का प्रश्न

इसी कार्यवाही के दौरान राउज एवेन्यू कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि नेशनल हेराल्ड मामले में राहुल गांधी, सोनिया गांधी और अन्य आरोपियों को एफआईआर की प्रति पाने का अधिकार नहीं है। यह आदेश दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग द्वारा दर्ज की गई नई एफआईआर से संबंधित प्रक्रिया में दिया गया। अदालत ने कहा कि कानून के तहत इस स्तर पर एफआईआर की प्रति देने का प्रावधान नहीं बनता।

किन-किन को आरोपी बनाया गया

इस मामले में गांधी परिवार के अलावा सुमन दुबे, सैम पित्रोदा, यंग इंडियन, डोटेक्स मर्चेंडाइज और सुनील भंडारी को भी ईडी ने आरोपी बनाया था। ईडी का आरोप रहा है कि नेशनल हेराल्ड के प्रकाशक एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड की संपत्तियों पर कथित तौर पर धोखाधड़ी से कब्जा किया गया, जिनकी कीमत दो हजार करोड़ रुपये से अधिक बताई गई।

ईडी के आरोप क्या हैं

ईडी के अनुसार, एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड की अचल संपत्तियों और उनसे मिलने वाले किराये को अपराध की कमाई बताया गया है। एजेंसी का दावा है कि इस कथित अपराध की कमाई का इस्तेमाल यंग इंडियन नाम की कंपनी के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया गया। ईडी ने यह भी कहा कि यंग इंडियन में गांधी परिवार की हिस्सेदारी अधिक है और कथित आपराधिक साजिश के तहत एजेएल के शेयर यंग इंडियन को ट्रांसफर किए गए।

कांग्रेस का पक्ष

कांग्रेस नेताओं ने ईडी के सभी आरोपों का खंडन किया है। पार्टी का कहना है कि एजेएल और यंग इंडियन से जुड़े सभी लेन-देन कानून के दायरे में हैं और किसी तरह की धोखाधड़ी या मनी लॉन्ड्रिंग नहीं हुई। कांग्रेस का यह भी दावा रहा है कि मामले में राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया गया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रतिक्रिया

कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। कांग्रेस के मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने कहा कि पार्टी लंबे समय से जो कहती आ रही थी, वही अदालत के आदेश से सामने आया है। उन्होंने केंद्र सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उनके बयान पार्टी के आधिकारिक पक्ष के रूप में दर्ज किए गए।

बयान और आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री का नाम लिए बिना टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया गया। इन बयानों पर सरकार या ईडी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

आगे की प्रक्रिया

कानूनी जानकारों के अनुसार, अदालत के इस आदेश के बाद ईडी के पास आगे की कानूनी विकल्प खुले रहेंगे। यदि संबंधित अनुसूचित अपराध पर एफआईआर दर्ज होती है या आवश्यक कानूनी शर्तें पूरी की जाती हैं, तो एजेंसी आगे की कार्यवाही कर सकती है। फिलहाल, राउज एवेन्यू कोर्ट के आदेश के चलते ईडी की मौजूदा शिकायत पर सुनवाई आगे नहीं बढ़ेगी।

मामले की मौजूदा स्थिति

नेशनल हेराल्ड मामले में अदालत का यह आदेश मौजूदा चरण पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कानून के तहत तय प्रक्रियाओं का पालन अनिवार्य है। आगे की कार्रवाई संबंधित एजेंसियों द्वारा कानूनी प्रावधानों के अनुसार की जाएगी।

ADVERTISEMENT
None

None

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर