पटना के मनेर में एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान हुई गोलीबारी में 3 संदिग्धों की मौत हो गई। थानाध्यक्ष घायल हुए। पुलिस ने हथियार बरामद करने का दावा किया है।
पटना | 6 नवंबर 2026
By Mohd Haris
पटना ज़िले के मनेर थाना क्षेत्र में शुक्रवार तड़के पुलिस और संदिग्ध अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में 3 लोगों की मौत हो गई। शेरपुर में गंगा नदी के नज़दीक हुई इस कार्रवाई के दौरान मनेर थाने के प्रभारी रजनीश कुमार भी गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक़, यह ऑपरेशन पटना की स्पेशल टास्क फोर्स और ज़िला पुलिस की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि संदिग्ध किसी बड़ी आपराधिक वारदात की तैयारी में थे। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां गोलीबारी शुरू हो गई। मुठभेड़ के बाद घायल मिले 3 लोगों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
खुफ़िया सूचना के बाद शेरपुर पहुंची पुलिस
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिक कुमार शर्मा के मुताबिक़, ज़िले में अपराध की रोकथाम के लिए अलग-अलग इलाकों में पुलिस और एसटीएफ की टीमें अभियान चला रही थीं।
इसी दौरान सूचना मिली कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले कुछ लोग मनेर के शेरपुर इलाके में पहुंचे हैं और किसी गंभीर वारदात की योजना बना रहे हैं।
इस जानकारी के आधार पर संयुक्त टीम ने संबंधित स्थान पर कार्रवाई की। एसएसपी के अनुसार, पुलिस टीम के पहुंचते ही संदिग्धों की तरफ़ से फायरिंग शुरू कर दी गई। पुलिसकर्मियों ने जवाबी कार्रवाई की। हालांकि, गोलीबारी के घटनाक्रम का यह विवरण पुलिस के बयान पर आधारित है। स्वतंत्र फॉरेंसिक जांच के नतीजे अभी उपलब्ध नहीं हैं।
थानाध्यक्ष रजनीश कुमार के बाएं हाथ में गोली लगी
मुठभेड़ के दौरान मनेर थानाध्यक्ष रजनीश कुमार घायल हो गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक़, गोली उनके बाएं हाथ में लगी।
एसएसपी ने बताया कि गोली थानाध्यक्ष की वर्दी को छूते हुए निकली। घटना के बाद उन्हें इलाज के लिए पटना भेजा गया।
पुलिस के मुताबिक़, संदिग्धों की तरफ़ से अन्य पुलिसकर्मियों पर भी फायरिंग की गई। हालांकि, किसी अन्य पुलिसकर्मी के घायल होने की पुष्टि उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं की गई है।
पुलिस ने 18 राउंड, संदिग्धों ने 24 से अधिक राउंड फायरिंग की
गोलीबारी के आंकड़े पटना एसएसपी के बयान के मुताबिक़ हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुठभेड़ में पुलिस की तरफ़ से कुल 18 राउंड फायरिंग की गई, जबकि संदिग्धों की ओर से 24 से अधिक राउंड गोलियां चलाए जाने का दावा किया गया है। फायरिंग बंद होने के बाद पुलिस टीम आगे बढ़ी तो 3 व्यक्ति घायल अवस्था में मिले। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी मौत की पुष्टि हुई।
घटनास्थल से 2 पिस्तौल, 1 देसी हथियार और कई खाली कारतूस बरामद किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। बरामद हथियारों की बैलिस्टिक जांच या विस्तृत फॉरेंसिक रिपोर्ट के बारे में अभी कोई पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।
हत्या के मामले में वांछित होने का पुलिस का दावा
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिक कुमार शर्मा के मुताबिक़, मुठभेड़ में मारे गए तीनों लोगों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड था।
पुलिस ने दावा किया है कि तीनों मनेर में अष्टमी के दिन हुई एक हत्या के मामले में वांछित थे। इसके अलावा दानापुर और शाहपुर सहित अन्य इलाकों में दर्ज आपराधिक मामलों से भी उनका संबंध बताया गया है।
वीडियोग्राफी के साथ होगा पोस्टमार्टम
एसएसपी ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए तीनों व्यक्तियों का पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी के साथ कराया जाएगा।
यह प्रक्रिया मौत के कारण, गोली लगने की प्रकृति और अन्य चिकित्सकीय साक्ष्यों के दस्तावेज़ीकरण के लिहाज़ से अहम है।
फिलहाल पोस्टमार्टम की अंतिम रिपोर्ट, मृतकों की औपचारिक शिनाख़्त और घटनास्थल की फॉरेंसिक जांच से संबंधित विस्तृत जानकारी का इंतज़ार है।
दरभंगा में अलग घटना, एएसआई को गोली लगी
इसी बीच बिहार के दरभंगा ज़िले से भी एक पुलिसकर्मी के घायल होने की ख़बर सामने आई है।
सकतपुर थाने में तैनात सहायक अवर निरीक्षक रणधीर कुमार को एक बाग़ के नज़दीक गश्त के दौरान घुटने के पास गोली लगी।
उन्हें दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस के मुताबिक़, उनकी हालत स्थिर है और चोट जानलेवा नहीं है।
यह घटना पटना के मनेर एनकाउंटर से अलग है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।