दिल्ली में भारी मानसूनी बारिश के बीच एक बहुमंजिला आवासीय इमारत ढह गई, जिसमें कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। राहत और बचाव अभियान जारी है तथा मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका है। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
📍 Location: नई दिल्ली
📰 Date: 09 जुलाई 2026
✍️ Apurva Choudhary
Delhi Building Collapse: भारी बारिश के बीच दिल्ली में इमारत ढही, कई लोगों के दबे होने की आशंका
भारी बारिश के बाद हुआ दर्दनाक हादसा
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार हो रही मानसूनी बारिश के बीच एक आवासीय इमारत ढहने से कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इमारत गिरने से पहले तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी, जिसके बाद पूरी इमारत मलबे में तब्दील हो गई। स्थानीय लोगों ने भी शुरुआती बचाव कार्य में प्रशासन की मदद की।
मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी
बचाव दल भारी मशीनों, क्रेन, थर्मल इमेजिंग उपकरणों और स्निफर डॉग्स की मदद से मलबा हटाने में जुटा है। अधिकारियों के अनुसार कई घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है, जबकि कुछ लोगों के अभी भी मलबे में फंसे होने की आशंका है।
उत्तर भारत में जारी है मानसून का कहर
दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में लगातार भारी बारिश हो रही है। जलभराव, ट्रैफिक जाम और सामान्य जनजीवन पर व्यापक असर देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के लिए भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
अन्य राज्यों में भी बारिश से तबाही
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, केरल और अन्य राज्यों में भी भारी बारिश के कारण भूस्खलन और बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। कई सड़कों पर यातायात बाधित है और स्थानीय प्रशासन राहत कार्य में जुटा हुआ है।
जांच के दायरे में इमारत की मजबूती
नगर निगम और संबंधित एजेंसियों ने इमारत गिरने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। इंजीनियर यह पता लगाएंगे कि हादसे के पीछे लगातार बारिश, पुरानी संरचना या निर्माण संबंधी कमियां जिम्मेदार थीं।
साथ ही आसपास की अन्य पुरानी इमारतों का भी निरीक्षण किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
सरकार और प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे क्षतिग्रस्त या जर्जर इमारतों से दूर रहें, मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और किसी भी प्रकार की संरचनात्मक दरार या खतरे की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।