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इमरान खान की रिहाई की मांग, इस्लामाबाद पहुंचने वाले रास्तों पर रोक
Harish Qureshi
•
2026-09-23 13:09:55
इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर पीटीआई के 27 सितंबर के मार्च से पहले पाकिस्तान ने इस्लामाबाद जाने वाले कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंध लगाए हैं।
इस्लामाबाद, पाकिस्तान | 23 सितंबर 2026
Mohd Haris
पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर प्रस्तावित मार्च से पहले राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी गई हैं। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद मार्च का आह्वान किया है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने राजधानी की ओर आने वाले कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है।
जरूरी तथ्य
पाकिस्तान की राष्ट्रीय राजमार्ग एवं मोटरवे पुलिस के अनुसार, इस्लामाबाद और पेशावर को जोड़ने वाला एम-1 मोटरवे 23 सितंबर की रात 11 बजे से इस्लामाबाद टोल प्लाजा और चाच इंटरचेंज के बीच दोनों दिशाओं में सभी तरह के यातायात के लिए बंद रहेगा।
इसके अलावा एम-14, एन-5 और खैबर पख्तूनख्वा से इस्लामाबाद की ओर आने वाले कुछ अन्य मार्गों पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि सभी रास्तों को पूरी तरह बंद किए जाने की बात सही नहीं है। लाहौर और इस्लामाबाद के बीच एम-2 मोटरवे को खुला रखने की जानकारी दी गई है।
मुख्य घटनाक्रम
पीटीआई ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद में मार्च का ऐलान किया है। पार्टी का मुख्य उद्देश्य अपने जेल में बंद संस्थापक इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर दबाव बनाना है। पार्टी के अनुसार, यह अभियान देशव्यापी राजनीतिक लामबंदी का हिस्सा है।
राजधानी में पहले से ही बड़ी संख्या में कंटेनर और सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। डॉन के अनुसार, इस्लामाबाद और अटक में 2,000 से अधिक कंटेनर तैनात किए जाने की तैयारी की गई है। अधिकारियों ने बड़ी संख्या में अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की योजना भी बनाई है।
सरकार का रुख
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने पीटीआई के प्रस्तावित मार्च का विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि सरकार मार्च को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाएगी। उन्होंने पार्टी से प्रस्तावित प्रदर्शन वापस लेने की अपील भी की है।
पाकिस्तानी सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने भी कहा है कि सरकार राजधानी में सड़कों और सार्वजनिक आवाजाही को बाधित नहीं होने देगी। सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
पीटीआई का पक्ष
पीटीआई इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर 27 सितंबर को इस्लामाबाद की ओर मार्च की तैयारी कर रही है। रॉयटर्स के अनुसार, पार्टी ने इसे इमरान खान की रिहाई के लिए राजनीतिक दबाव बढ़ाने की मुहिम के रूप में पेश किया है।
इमरान खान 2023 से जेल में हैं। उनके समर्थक उनके खिलाफ चल रहे मामलों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते रहे हैं। यह पीटीआई का दावा है, जबकि पाकिस्तानी अधिकारियों और अदालतों की कार्यवाही का अपना अलग कानूनी संदर्भ है।
सुरक्षा व्यवस्था
इस्लामाबाद और रावलपिंडी में प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। राजधानी के प्रवेश मार्गों और संवेदनशील इलाकों में कंटेनर लगाए गए हैं। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों की संभावित संख्या को देखते हुए हजारों अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैयारी की है।
इस्लामाबाद पुलिस ने पहले यह भी कहा था कि शहर के सभी मार्ग तत्काल पूरी तरह बंद नहीं किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, किसी विशेष मार्ग को स्थिति के आधार पर यातायात योजना के तहत बंद किया जा सकता है।
इमरान खान के परिवार पर कार्रवाई
मार्च से पहले इमरान खान के परिवार और पीटीआई कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई भी हुई है। रॉयटर्स के अनुसार, इमरान खान की बहन अलीमा खान को 20 सितंबर को लाहौर में गिरफ्तार किया गया था। प्रशासन ने उन्हें 30 दिनों की हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इमरान खान के परिवार के सदस्यों और पीटीआई कार्यकर्ताओं की हिरासत पर आपत्ति जताई है। संगठन ने इन कार्रवाइयों को अभिव्यक्ति, संगठन और शांतिपूर्ण सभा की स्वतंत्रता से जुड़े अधिकारों के संदर्भ में आलोचना की है। यह मानवाधिकार संगठन का आकलन है, न कि पाकिस्तान सरकार का आधिकारिक पक्ष।
न्यायिक संदर्भ
प्रदर्शन को लेकर इस्लामाबाद हाई कोर्ट की कार्यवाही भी महत्वपूर्ण है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, अदालत ने राजनीतिक दलों को सार्वजनिक सड़कों, राजमार्गों या सरकारी इमारतों पर कब्जा करने से रोकने से जुड़ी व्यवस्था की है। सरकार इसी कानूनी संदर्भ का हवाला देकर मार्च पर प्रतिबंधात्मक कदमों को उचित ठहरा रही है।
आर्थिक असर
पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने चेतावनी दी है कि हड़ताल, धरना, लंबे मार्च और सड़कों की बंदी से आर्थिक गतिविधियों को नुकसान हो सकता है। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने संभावित आर्थिक नुकसान का अनुमान प्रतिदिन 120 अरब पाकिस्तानी रुपये तक बताया। यह सरकार द्वारा दिया गया
अनुमान है, स्वतंत्र आर्थिक आकलन नहीं।
सरकार का तर्क है कि लंबे समय तक यातायात और इंटरनेट व्यवस्था प्रभावित होने से व्यापार, छोटे कारोबार और सूचना प्रौद्योगिकी निर्यात पर असर पड़ सकता है। पीटीआई का अभियान दूसरी ओर राजनीतिक अधिकारों और इमरान खान की रिहाई की मांग पर केंद्रित है।
आगे क्या
फिलहाल सबसे अहम तारीख 27 सितंबर है। इसी दिन पीटीआई ने इस्लामाबाद मार्च का कार्यक्रम घोषित किया है। इससे पहले 23 सितंबर की रात से एम-1 मोटरवे के एक प्रमुख हिस्से को बंद करने की घोषणा की गई है।
सरकार और पीटीआई के बीच टकराव बढ़ने की स्थिति में राजधानी के प्रवेश मार्गों, सार्वजनिक परिवहन और सामान्य आवाजाही पर और प्रतिबंध लग सकते हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि 27 सितंबर को प्रशासन किस स्तर तक यातायात नियंत्रण लागू करेगा।
निष्कर्ष
इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर पीटीआई के प्रस्तावित इस्लामाबाद मार्च से पहले पाकिस्तान में सुरक्षा और यातायात प्रतिबंध बढ़ गए हैं। एम-1 समेत कई प्रमुख मार्गों पर निर्धारित समय से यातायात रोकने की घोषणा हुई है, जबकि राजधानी में कंटेनर और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जा रहे हैं।
फिलहाल सरकार कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक आवाजाही का हवाला दे रही है, जबकि पीटीआई इमरान खान की रिहाई की मांग पर मार्च की तैयारी कर रही है। 27 सितंबर का घटनाक्रम इस राजनीतिक टकराव की अगली महत्वपूर्ण कड़ी होगा।
Harish Qureshi
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।