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स्पेन में आवास संकट के खिलाफ बर्तन पीटकर प्रदर्शन, किरायेदारों ने सरकार से कार्रवाई मांगी

Harish Qureshi • 2026-10-02 16:14:07
स्पेन में आवास संकट के खिलाफ बर्तन पीटकर प्रदर्शन, किरायेदारों ने सरकार से कार्रवाई मांगी
  • मैड्रिड में कड़ाही और बर्तनों के साथ विरोध, आवास संकट पर सरकार पर दबाव
  • महंगे किराये और बेदखली के खिलाफ स्पेन में ‘कसेरोलादा’, कई शहरों में प्रदर्शन
  • आवास संकट पर स्पेन में सड़क से संसद तक विरोध, किरायेदारों ने उठाई आवाज

  • स्पेन में आवास संकट के खिलाफ मैड्रिड और अन्य शहरों में लोगों ने बर्तन, चाबियां और सीटी बजाकर प्रदर्शन किया। किरायेदार संगठनों ने संसद से आवास संबंधी उपायों को मंजूरी देने की मांग की।


    मैड्रिड, स्पेन | 1–2 अक्टूबर 2026

    By Mohd Haris


    बर्तनों की आवाज के साथ सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी


    स्पेन में बढ़ते आवास संकट को लेकर 1 अक्टूबर को मैड्रिड समेत कई शहरों में अनोखा लेकिन शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने बर्तन, चम्मच, चाबियां और सीटी बजाकर सरकार और सांसदों से आवास संबंधी प्रस्तावों पर कार्रवाई की मांग की।


    मैड्रिड में सैकड़ों लोग सिबेल्स इलाके में नगर परिषद के बाहर जमा हुए। यह प्रदर्शन संसद में आवास संकट से जुड़े सरकारी उपायों पर होने वाले मतदान से पहले आयोजित किया गया था।


    ‘कसेरोलादा’ क्या है


    स्पेन में बर्तन पीटकर किए जाने वाले इस तरह के विरोध को ‘कसेरोलादा’ कहा जाता है। इसमें प्रदर्शनकारी कड़ाही, प्लेट, चम्मच या दूसरे घरेलू सामान बजाकर सामूहिक तौर पर अपनी नाराजगी दर्ज कराते हैं।


    मैड्रिड में प्रदर्शनकारियों ने बर्तनों के साथ चाबियां और सीटी भी बजाईं। कार्यक्रम बिना किसी बड़ी घटना के समाप्त हुआ। सरकारी प्रतिनिधिमंडल के अनुसार राजधानी के प्रदर्शन में अधिकतम करीब 2,000 लोग शामिल हुए थे।


    आवास संकट क्यों बना मुद्दा


    स्पेन में लंबे समय से घरों की उपलब्धता और किराये की कीमतों को लेकर दबाव बना हुआ है। बड़े शहरों और पर्यटन वाले इलाकों में किराये बढ़ने तथा सस्ते घरों की कमी ने किरायेदारों के लिए मुश्किलें बढ़ाई हैं।


    हालिया विरोध की ताजा पृष्ठभूमि मैड्रिड की 87 वर्षीय मारिकरमेन अबास्कल की बेदखली बनी। वह करीब 70 साल से अपने घर में रह रही थीं। उनकी बेदखली के बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया और आवास नीति को लेकर प्रदर्शन तेज हुए।


    संसद से कानून पास करने की मांग


    प्रदर्शनकारी संगठनों ने संसद से सरकार द्वारा पेश किए गए आवास संबंधी 2 डिक्री को मंजूरी देने की मांग की।


    इन प्रस्तावों में कमजोर स्थिति वाले किरायेदारों की बेदखली पर सुरक्षा बढ़ाने और किराये के अनुबंधों से जुड़े नियमों में बदलाव जैसे प्रावधान शामिल हैं। सरकार ने इन उपायों को आवास संकट से निपटने की तत्काल कोशिश के तौर पर पेश किया है।


    किरायेदार संगठनों का कहना है कि मौजूदा उपाय पर्याप्त नहीं हैं। वे दीर्घकालिक आवास सुरक्षा और किराये की स्थिरता की मांग कर रहे हैं।


    मैड्रिड के अलावा दूसरे शहरों में भी प्रदर्शन


    आंदोलन राजधानी तक सीमित नहीं रहा। बार्सिलोना, कॉर्डोबा, जारागोजा, वालेंसिया, सेंटेंडर और दूसरे शहरों में भी आवास को लेकर विरोध कार्यक्रम आयोजित हुए।


    सेंटेंडर में करीब 100 लोगों ने बर्तन और दूसरे घरेलू सामान बजाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आवास नीति और सम्मानजनक घर की उपलब्धता को लेकर अपनी मांगें रखीं।


    बार्सिलोना में भी बड़ी संख्या में लोग सेंट जॉम्स स्क्वायर में जमा हुए। अलग-अलग शहरों में स्थानीय किरायेदार संगठनों ने संसद और राजनीतिक दलों पर आवास संबंधी प्रस्तावों को समर्थन देने का दबाव बनाया।


    मैड्रिड की घटना बनी आंदोलन का प्रतीक


    मारिकरमेन अबास्कल की बेदखली ने स्पेन में आवास सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी। अबास्कल को बाद में अपने मकान में वापस लौटने की अनुमति मिली, लेकिन उनके मामले ने किरायेदारों की असुरक्षा और बेदखली के मुद्दे को राष्ट्रीय बहस में ला दिया।


    प्रदर्शनकारी संगठनों ने उनके मामले को व्यापक आवास संकट के प्रतीक के तौर पर पेश किया है। हालांकि, एक व्यक्तिगत मामले से पूरे स्पेन के आवास बाजार की स्थिति का पूर्ण आकलन नहीं किया जा सकता।


    सरकार के सामने राजनीतिक चुनौती


    स्पेन की सरकार ने आवास संकट से जुड़े 2 डिक्री संसद के सामने रखे हैं। इनके प्रभावी होने के लिए संसदीय मंजूरी जरूरी है।


    संसद में राजनीतिक समीकरण जटिल हैं। 2 अक्टूबर को प्रस्तावों पर मतदान से पहले अलग-अलग राजनीतिक दलों की स्थिति अलग रही। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के मुताबिक कुछ प्रमुख दलों ने प्रस्तावों का विरोध करने का संकेत दिया है।


    इस वजह से सड़क पर हो रहा प्रदर्शन सीधे संसदीय प्रक्रिया से जुड़ गया है।


    किरायेदार संगठन क्या चाहते हैं


    किरायेदार संगठनों की प्रमुख मांग आवास में अधिक सुरक्षा है। इसमें कमजोर किरायेदारों की बेदखली रोकना, किराये के अनुबंधों में स्थिरता बढ़ाना और घरों को केवल निवेश की वस्तु के रूप में इस्तेमाल करने पर नियंत्रण जैसे मुद्दे शामिल हैं।


    संगठनों का कहना है कि मौजूदा संकट के लिए केवल अस्थायी राहत पर्याप्त नहीं है। वे दीर्घकालिक आवास नीति में बदलाव की मांग कर रहे हैं।


    विरोध शांतिपूर्ण रहा


    मैड्रिड में 1 अक्टूबर की कसेरोलादा के दौरान बर्तनों, चाबियों और सीटी की आवाज के बीच प्रदर्शन हुआ। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार वहां कोई बड़ी हिंसक घटना दर्ज नहीं हुई।


    पुलिस की पर्याप्त मौजूदगी जरूर थी। नगर परिषद के आसपास सुरक्षा के लिए पुलिस वाहन तैनात किए गए थे।


    इसलिए मौजूदा घटनाक्रम को मुख्य रूप से शांतिपूर्ण जनविरोध और राजनीतिक दबाव की कार्रवाई के तौर पर दर्ज किया जाना चाहिए।


    आगे की नजर संसद पर


    अब आंदोलन की निगाह संसद की प्रक्रिया पर है। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि आवास संकट से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी मिले और किरायेदारों को ज्यादा सुरक्षा मिले।


    दूसरी तरफ सरकार को संसद में अलग-अलग राजनीतिक दलों का समर्थन जुटाना होगा। प्रस्तावों की संसदीय स्थिति तय करेगी कि हालिया सड़क आंदोलन से उठी मांगों में से कितनी मांगें नीति का हिस्सा बनती हैं।


    स्पेन में आवास संकट का मुद्दा इससे आगे भी राजनीतिक और सामाजिक बहस में बना रहने की संभावना रखता है, क्योंकि किराये, घरों की उपलब्धता और बेदखली को लेकर दबाव कई शहरों में लगातार चर्चा का विषय है।

    वीडियो देखें

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    Harish Qureshi

    Harish Qureshi

    Shah Times Reporter

    शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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