दिल्ली के सदर बाजार में 16 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में 56 वर्षीय दुकानदार गिरफ्तार हुआ। पुलिस के मुताबिक घटना 16 सितंबर की है और जांच जारी है।
📍 नई दिल्ली
🗓️ 21 सितंबर 2026
✍️ Wasi Siddiqui
दिल्ली के सदर बाजार से 16 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म के आरोप का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक घटना 16 सितंबर की है और इस मामले में 56 वर्षीय दुकानदार मकसूद को गिरफ्तार किया गया है। अदालत में पेश किए जाने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार किशोरी स्टेशनरी का सामान लेने के लिए घर से निकली थी। आरोप है कि इसी दौरान दुकानदार ने उसे अपनी दुकान के अंदर बुलाया और वहां उसके साथ यौन उत्पीड़न किया।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक घटना सदर बाजार के अंदरूनी हिस्से में मौजूद एक दुकान की है। पुलिस के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोपी ने किशोरी को दुकान के भीतर बुलाने के बाद उसे काबू किया और उसके हाथ-पैर बांध दिए। इसके बाद उसके साथ यौन उत्पीड़न का आरोप है।
इस मामले में पीड़िता की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। नाबालिग से जुड़े यौन अपराधों की रिपोर्टिंग में उसकी पहचान की गोपनीयता बनाए रखना आवश्यक है।
रिपोर्ट के अनुसार किशोरी जब काफी देर तक घर नहीं लौटी तो उसकी मां ने उसकी तलाश शुरू की। तलाश के दौरान वह आरोपी की दुकान तक पहुंची और दुकानदार से अपनी बेटी के बारे में जानकारी मांगी।
आरोप है कि उस समय किशोरी दुकान के अंदर मौजूद थी, लेकिन दुकानदार ने उसकी मां से कहा कि उसने लड़की को नहीं देखा। रिपोर्ट के मुताबिक मां के लगातार पूछताछ करने पर आरोपी घबरा गया और बाद में किशोरी को दुकान से बाहर कर दिया गया।
दुकान से बाहर आने के बाद किशोरी ने अपनी मां को घटना के बारे में बताया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अदालत में पेश किए जाने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
मामले की जांच जारी है। पुलिस घटना से जुड़े साक्ष्यों और परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है। उपलब्ध रिपोर्ट में जांच के अंतिम निष्कर्ष या अदालत की ओर से मामले पर कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है।
मामले की तफ्तीश में पुलिस के सामने घटना की परिस्थितियों और उससे जुड़े साक्ष्यों को स्थापित करने की चुनौती होगी। घटनास्थल से जुड़े उपलब्ध साक्ष्य, संबंधित लोगों के बयान और जांच में सामने आने वाली अन्य जानकारी मामले की आगे की कार्रवाई में अहम होगी।
फिलहाल उपलब्ध सूचना आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों और पुलिस की कार्रवाई तक सीमित है। अदालत में आरोपों की न्यायिक पड़ताल अभी बाकी है। इसलिए आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अंतिम रूप से सिद्ध तथ्य के तौर पर पेश नहीं किया जा सकता।
ऐसे मामलों में पीड़िता की पहचान से जुड़ी किसी भी जानकारी को सार्वजनिक करना उसके अधिकारों और कानूनी संरक्षण के लिहाज से गंभीर विषय है। इसलिए समाचार रिपोर्टिंग में नाम, पता, तस्वीर या ऐसी कोई जानकारी प्रकाशित नहीं की जानी चाहिए जिससे उसकी पहचान उजागर हो।
सदर बाजार का यह मामला एक बार फिर यह सवाल सामने लाता है कि सार्वजनिक और व्यावसायिक इलाकों में नाबालिगों की सुरक्षा के लिए निगरानी, शिकायत तंत्र और त्वरित पुलिस कार्रवाई कितनी अहम है। फिलहाल इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और पुलिस जांच पर नजर रहेगी।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।