नई दिल्ली
Date 5/9/2026
By Mohd Naved
नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए चयनित शिक्षकों से मुलाकात की। यह मुलाकात शिक्षक दिवस से एक दिन पहले हुई, जब देशभर से चुने गए शिक्षक राजधानी में राष्ट्रीय सम्मान समारोह के लिए पहुंचे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने शिक्षकों के शैक्षणिक योगदान और विद्यार्थियों के बीच उनके काम की सराहना की।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार देश में स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित करने की एक प्रमुख व्यवस्था है। वर्ष 2026 के लिए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने 48 शिक्षकों का चयन किया है। इन शिक्षकों को 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सम्मानित करेंगी।
शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए चयनित 48 शिक्षक 27 राज्यों, सात केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्र सरकार के छह संगठनों से हैं। इनमें 26 पुरुष और 22 महिला शिक्षक शामिल हैं। चयन प्रक्रिया जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तीन चरणों में पूरी की गई।
इस प्रक्रिया में शिक्षकों के काम, नवाचार, शिक्षण पद्धति और विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास में योगदान को अहम आधार बनाया गया। मंत्रालय ने इसके लिए ऑनलाइन नामांकन प्रक्रिया भी अपनाई थी। योग्य शिक्षकों से 15 जून से 20 जुलाई 2026 के बीच नामांकन आमंत्रित किए गए थे।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के चयन में पहले जिला और क्षेत्रीय स्तर पर उम्मीदवारों की छंटनी की गई। इसके बाद राज्य और संगठन स्तर की समितियों ने चयनित नामों की समीक्षा की। अंतिम चरण में स्वतंत्र राष्ट्रीय ज्यूरी ने उम्मीदवारों का मूल्यांकन किया।
शिक्षा मंत्रालय के कार्यक्रम के मुताबिक, राष्ट्रीय ज्यूरी की चयन प्रक्रिया 3 से 7 अगस्त के बीच हुई थी। इसके बाद 8 अगस्त को अंतिम सिफारिशें तैयार की गईं। चयनित शिक्षकों को अगस्त में इसकी जानकारी दी गई। पुरस्कार समारोह के लिए 4 और 5 सितंबर की तारीख तय की गई थी।
5 सितंबर को विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 48 स्कूली शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान करेंगी। समारोह में पुरस्कार विजेताओं के कार्यों पर आधारित लघु वृत्तचित्र भी प्रदर्शित किए जाने हैं। कार्यक्रम का प्रसारण दूरदर्शन और शिक्षा मंत्रालय के स्वयम् प्रभा चैनलों के जरिए किया जाना है।
यह सम्मान केवल शिक्षण कार्य तक सीमित उपलब्धियों को रेखांकित नहीं करता। इसका उद्देश्य ऐसे शिक्षकों को सार्वजनिक पहचान देना भी है, जिन्होंने अपने संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने और विद्यार्थियों के जीवन को प्रभावित करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार की पूरी प्रक्रिया में शिक्षकों के समर्पण और नवाचार को प्रमुखता दी जाती है। स्कूली शिक्षा में शिक्षक की भूमिका केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं रहती। सीखने के नतीजे, विद्यार्थियों की भागीदारी, प्रयोगात्मक शिक्षा और समुदाय के साथ जुड़ाव जैसे पहलू भी शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं।
वर्ष 2026 के पुरस्कारों में अलग-अलग राज्यों और विभिन्न प्रकार के विद्यालयों से शिक्षक शामिल हैं। सूची में पीएम श्री विद्यालयों के साथ केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय और सैनिक विद्यालयों से जुड़े शिक्षक भी शामिल हैं।
2026 में राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षकों को सम्मानित करने का दायरा स्कूली शिक्षा तक सीमित नहीं है। उच्च शिक्षा संस्थानों और पॉलिटेक्निक से जुड़े 21 शिक्षकों और संकाय सदस्यों को भी राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चुना गया है।
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन 21 शिक्षकों में केंद्रीय उच्च शिक्षा संस्थानों से 12, राज्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से पांच तथा पॉलिटेक्निक संस्थानों से चार शिक्षक शामिल हैं। इन पुरस्कारों में शिक्षण, अनुसंधान, नवाचार और अकादमिक योगदान जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
इस श्रेणी में तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ड्रोन, फोरेंसिक विज्ञान, जलवायु तकनीक और सतत वास्तुकला जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले शिक्षाविद भी शामिल हैं। इससे उच्च शिक्षा में शोध और व्यावहारिक समस्याओं के बीच बढ़ते जुड़ाव की तस्वीर सामने आती है।
भारत में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन देश के पूर्व राष्ट्रपति, दार्शनिक और शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती से जुड़ा है।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार की शुरुआत 1958 में हुई थी। इसका मूल उद्देश्य ऐसे शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को पहचान देना था, जिन्होंने स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों के सीखने के अनुभव को बेहतर बनाने में उल्लेखनीय काम किया।
समय के साथ पुरस्कार की चयन प्रक्रिया में बदलाव हुए हैं। ऑनलाइन नामांकन और बहुस्तरीय चयन व्यवस्था ने इसे अधिक संस्थागत रूप दिया है। शिक्षा मंत्रालय की मौजूदा व्यवस्था में जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की जांच के बाद अंतिम चयन किया जाता है।
प्रधानमंत्री के साथ चयनित शिक्षकों की मुलाकात राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार कार्यक्रम का एक अहम हिस्सा है। इससे पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों को देश के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व के साथ सीधे संवाद का अवसर मिलता है।
ऐसी मुलाकातों में शिक्षकों के अनुभव, विद्यालय स्तर की चुनौतियां और शिक्षा में नवाचार चर्चा के प्रमुख विषय रहते हैं। हालांकि, इस वर्ष प्रधानमंत्री और शिक्षकों के बीच हुई बातचीत के सभी विस्तृत बिंदु सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक सामग्री में दर्ज नहीं हैं। इसलिए संवाद के दौरान कही गई किसी विशिष्ट बात को बिना आधिकारिक पुष्टि के तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।
अब 5 सितंबर को विज्ञान भवन में मुख्य पुरस्कार समारोह आयोजित होगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 48 स्कूली शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान करेंगी। इसके साथ ही उच्च शिक्षा संस्थानों और पॉलिटेक्निक से चुने गए 21 शिक्षक एवं संकाय सदस्य भी राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करेंगे।
इस तरह 2026 के शिक्षक सम्मान कार्यक्रम में स्कूली और उच्च शिक्षा क्षेत्र के कुल 69 शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। यह आयोजन शिक्षा व्यवस्था में उत्कृष्ट शिक्षण, शोध, नवाचार और विद्यार्थियों के विकास से जुड़े काम को सामने लाने का अवसर भी देता है।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के चयनित शिक्षकों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात शिक्षक दिवस से पहले आयोजित महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल रही। इसके बाद 5 सितंबर को राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया जाएगा।
48 स्कूली शिक्षकों का चयन देश के अलग-अलग हिस्सों से हुआ है, जबकि 21 पुरस्कार उच्च शिक्षा और पॉलिटेक्निक क्षेत्र के शिक्षकों को दिए जा रहे हैं। ऐसे राष्ट्रीय सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों को सार्वजनिक मंच देते हैं और शिक्षकों के योगदान को राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाते हैं।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।