छत्रपति संभाजीनगर । महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले में मराठा आरक्षण कार्यकर्ताओं के तीव्र विरोध के बीच बुधवार को अन्य पिछड़ा वर्ग (कुनबी) प्रमाणपत्रों का वितरण शुरू हो गया।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रमाणपत्र कलेक्टर कार्यालय में रेजिडेंट उप कलेक्टर जर्नादन विधाते, उपविभागीय अधिकारी रामेश्वर रोडगे, उप कलेक्टर प्रभोदय मुले, तलाथी सुवर्णा पाटिल की उपस्थिति में जारी किए गए।
छत्रपति संभाजीनगर के चौका गांव के रिया कांताराव पवार, विराट विजय पवार, जय विजय पवार और सौरभ साईनाथ पवार को यह प्रमाण पत्र दिया गया।
उपविभागीय अधिकारी पैठन और फुलंबरी के कार्यालयों में भी जाति प्रमाण पत्र जारी किए गए।
बताया गया कि 1951 के खसरा निरीक्षण पत्रक में मराठा कुनबी जाति की प्रविष्टि के आधार पर प्रमाण पत्र दिया गया।
इस बीच, आरक्षण आंदोलन के कार्यकर्ता मनोज जारांगे-पाटिल आठ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने बुधवार शाम को दावा किया कि उन्होंने पानी भी पीना बंद कर दिया है और आरक्षण मिलने तक अपना पूर्ण उपवास वापस नहीं लेंगे।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा मुबंई में बुलाई गई एक सर्वदलीय बैठक में समुदाय को कोटा प्रदान करने का संकल्प लिया गया और राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए एक प्रस्ताव भी पारित किया गया।
महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा अपलोड किए गए एक पत्र में कहा गया है कि समुदाय की मांग के अनुसार कोटा प्रदान करने के लिए सभी कानूनी उपाय किए जाएंगे। हालाँकि, पत्र में यह भी कहा गया है कि प्रक्रिया में समय लगेगा और कोटा की मांग करने वालों से इसे पूरा करने के लिए सरकार को समय देने के लिए कहा गया है।
पत्र में श्री जारांगे-पाटिल से अपना अनशन समाप्त करने और सरकार के साथ सहयोग करने की अपील की गई।
दूसरी ओर, मराठा आंदोलन के हिंसक हो जाने और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायकों के घरों में आग लगा दिए जाने और उनकी संपत्ति में तोड़फोड़ किए जाने के बाद जालना जिले में इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहीं।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।