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क्या बोतल बंद पानी की भी होती है एक्सपायरी डेट? जानिए सच

Neelam Saini 2026-08-15 13:58:56
क्या बोतल बंद पानी की भी होती है एक्सपायरी डेट? जानिए सच

बोतल बंद पानी की भी होती है एक्सपायरी डेट? जानिए नियम

क्या पुरानी पानी की बोतल पीना सुरक्षित है? समझिए पूरी बात

पानी की बोतल पर तारीख क्यों लिखी होती है? जानिए वजह

बोतल बंद पानी को लंबे समय तक सुरक्षित मानना सही नहीं है। भारत में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के लिए शेल्फ-लाइफ लेबल पर घोषित करनी होती है और मौजूदा बीआईएस मानक में यह कम से कम 30 दिन है। बोतल की तारीख, सील, पैकेजिंग और स्टोरेज की स्थिति देखकर ही पानी खरीदना और इस्तेमाल करना बेहतर है।

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भारत | 13 अगस्त 2026 | शाह टाइम्स डिजिटल डेस्क

क्या बोतल बंद पानी की भी होती है एक्सपायरी डेट?

गर्मी हो या बारिश, सफर हो या ऑफिस, बोतल बंद पानी यानी पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर आज रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। बहुत से लोग मानते हैं कि पानी तो खराब नहीं होता, इसलिए बोतल पर लिखी तारीख का कोई खास मतलब नहीं है। लेकिन हकीकत इससे थोड़ी अलग है। भारत में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के लिए शेल्फ-लाइफ घोषित करना जरूरी है। भारतीय मानक ब्यूरो यानी बीआईएस के मौजूदा आईएस 14543:2024 मानक के तहत पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की घोषित शेल्फ-लाइफ सभी प्रकार की पैकिंग सामग्री के लिए कम से कम 30 दिन होनी चाहिए। अगर निर्माता इससे लंबी शेल्फ-लाइफ घोषित करना चाहता है तो उसके लिए निर्धारित शेल्फ-लाइफ स्टडी जरूरी है। यानी बोतल पर दी गई तारीख को केवल औपचारिक जानकारी समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। पानी खरीदते समय निर्माण या पैकेजिंग की तारीख, शेल्फ-लाइफ और पैकेज की स्थिति देखना उपभोक्ता के लिए अहम है।

पानी की बोतल पर कौन-सी तारीख देखनी चाहिए?

बोतल के लेबल पर अलग-अलग तारीखें लिखी हो सकती हैं। बीआईएस के पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर संबंधी प्रावधानों में निर्माण या पैकेजिंग की तारीख तथा एक्सपायरी/यूज़ बाय से जुड़ी जानकारी का प्रावधान है। साथ ही, “बेस्ट बिफोर” तारीख को लेकर भी लेबलिंग प्रावधान मौजूद हैं। इसलिए ग्राहक को सिर्फ बोतल पर लिखी निर्माण तारीख देखकर अनुमान नहीं लगाना चाहिए। लेबल पर निर्माता की ओर से दी गई शेल्फ-लाइफ या उपयोग की अंतिम तारीख को प्राथमिकता देना ज्यादा उचित है।भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के लेबलिंग नियमों में भी खाद्य उत्पादों के लिए निर्माण, पैकिंग और “बेस्ट बिफोर” जैसी तारीख संबंधी जानकारी देने के प्रावधान हैं। 

आखिर पानी खराब कैसे हो सकता है?

यह सवाल अक्सर पूछा जाता है कि जब पानी अपने आप खराब नहीं होता तो बोतल बंद पानी की शेल्फ-लाइफ क्यों तय की जाती है। इसका जवाब सिर्फ पानी के रासायनिक स्वरूप में नहीं, बल्कि उसकी पैकेजिंग, स्टोरेज और स्वच्छता की पूरी प्रक्रिया में छिपा है।बोतल बंद पानी एक पैकेज्ड खाद्य उत्पाद है। पानी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए उसकी प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, सीलिंग और स्टोरेज सभी महत्वपूर्ण होते हैं। बीआईएस के मानकों में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के लिए माइक्रोबायोलॉजिकल और रासायनिक गुणवत्ता से जुड़े परीक्षण भी निर्धारित हैं। 
यही वजह है कि बोतल को अनिश्चित समय तक सुरक्षित मानना सही दृष्टिकोण नहीं है।

बंद बोतल और खुली बोतल में क्या अंतर है?

जब बोतल फैक्ट्री से सील होकर आती है तो उसकी पैकेजिंग बाहरी संपर्क से पानी को अलग रखने में मदद करती है। लेकिन बोतल खोलने के बाद स्थिति बदल जाती है।बोतल खोलने के बाद उसके मुंह का संपर्क हाथ, होंठ, हवा या आसपास की सतहों से हो सकता है। ऐसे में पानी को लंबे समय तक खुला छोड़ने के बजाय जल्द इस्तेमाल करना बेहतर होता है।विशेषकर गर्म वातावरण में खुली बोतल को लंबे समय तक रखने के बजाय स्वच्छ तरीके से और कम समय में इस्तेमाल करना ज्यादा उचित है। अगर पानी का स्वाद, गंध या रंग असामान्य लगे तो उसे पीने से बचना चाहिए।

धूप और गर्मी में क्यों नहीं रखनी चाहिए बोतल?

पानी की बोतल को लंबे समय तक तेज धूप या अत्यधिक गर्म जगह पर रखना उचित नहीं माना जाता। बीआईएस के मानकों में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की पैकेजिंग और गुणवत्ता के लिए निर्धारित आवश्यकताएं हैं, जबकि सामान्य स्टोरेज के लिहाज से भी ठंडी, साफ और धूप से दूर जगह बेहतर विकल्प है।
अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र की स्टोरेज गाइडलाइन भी बोतलबंद पानी को ठंडी और सूखी जगह, सीधी धूप से दूर रखने की सलाह देती है। इसलिए कार की डिक्की, खिड़की के पास या लंबे समय तक धूप में पड़ी बोतल को देखकर केवल यह मान लेना सही नहीं है कि उसकी गुणवत्ता वही होगी जो सही परिस्थितियों में रखी बोतल की होती है।

बोतल की सील खराब हो तो क्या करें?

बोतल खरीदते समय सिर्फ तारीख ही नहीं, उसकी सील भी देखना जरूरी है। अगर कैप ढीला है, सील टूटी हुई दिखाई देती है या बोतल से पानी रिस रहा है तो उसे खरीदने से बचना बेहतर है।
पैकेजिंग में असामान्य बदलाव भी ध्यान देने योग्य हैं। बोतल फूली हुई दिखाई दे, पानी का रंग या गंध असामान्य हो या अंदर कोई कण दिखाई दे तो ऐसे पानी का सेवन नहीं करना चाहिए।
यह सावधानी इसलिए जरूरी है क्योंकि लेबल पर सही तारीख लिखी होने के बावजूद पैकेजिंग की स्थिति खराब हो तो उत्पाद की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।

क्या प्लास्टिक की बोतल से पानी में कुछ मिल सकता है?

पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की बोतलें खाद्य-ग्रेड पैकेजिंग सामग्री से बनाई जानी चाहिए। बीआईएस के मानकों में पैकेजिंग सामग्री और उससे जुड़े परीक्षणों के लिए प्रावधान मौजूद हैं। इसका मतलब यह नहीं कि हर प्लास्टिक की बोतल खतरनाक है। लेकिन बोतल को निर्माता द्वारा बताए गए इस्तेमाल और स्टोरेज के अनुरूप रखना जरूरी है।
खास तौर पर एक बार इस्तेमाल के लिए बनी बोतल को बार-बार भरकर लंबे समय तक इस्तेमाल करने के बजाय उचित और स्वच्छ पेयजल कंटेनर का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प हो सकता है।

क्या एक्सपायरी के बाद पानी तुरंत जहरीला हो जाता है?

यह समझना भी जरूरी है कि एक्सपायरी या शेल्फ-लाइफ पार होने का मतलब यह नहीं है कि पानी उसी क्षण जहरीला हो जाता है। शेल्फ-लाइफ वह अवधि है जिसके दौरान निर्माता निर्धारित परिस्थितियों में उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने का दावा करता है।भारत में बीआईएस मानक पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की घोषित शेल्फ-लाइफ के लिए न्यूनतम 30 दिन का प्रावधान करता है, जबकि इससे अधिक अवधि के लिए निर्माता को अध्ययन के आधार पर शेल्फ-लाइफ घोषित करनी होती है। इसलिए उपभोक्ता के लिए सुरक्षित तरीका यही है कि वह लेबल पर दी गई निर्माता की घोषित तारीख का पालन करे, बजाय इसके कि तारीख निकल जाने के बाद खुद पानी की सुरक्षा का अनुमान लगाए।

“बेस्ट बिफोर” और “एक्सपायरी” में क्या फर्क है?

खाद्य लेबलिंग में “बेस्ट बिफोर” और “यूज़ बाय” जैसी शब्दावली का अलग संदर्भ हो सकता है। सामान्य तौर पर “बेस्ट बिफोर” उत्पाद की गुणवत्ता से जुड़ी अवधि को दर्शाता है, जबकि “यूज़ बाय” अधिक सख्त सुरक्षा संदर्भ में इस्तेमाल किया जाता है।पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के मामले में बीआईएस के नियम लेबल पर तारीख संबंधी जानकारी के लिए विशिष्ट प्रावधान देते हैं। इसलिए ग्राहक को बोतल पर लिखे शब्दों को देखकर ही फैसला लेना चाहिए, न कि हर तारीख को एक ही अर्थ देना चाहिए। 

पानी खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान?

बोतल बंद पानी खरीदते समय सबसे पहले पैकेजिंग की सील, लेबल और तारीख देखना चाहिए। बोतल क्षतिग्रस्त न हो और पानी सामान्य दिखाई दे, यह भी देखना जरूरी है। भारत में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के लिए बीआईएस का आईएस 14543:2024 मानक लागू है और बीआईएस की प्रयोगशाला प्रणाली में इस मानक के तहत माइक्रोबायोलॉजिकल, रासायनिक और अन्य गुणवत्ता परीक्षण दर्ज हैं। 
अगर किसी उत्पाद को लेकर गंभीर संदेह हो तो केवल ब्रांड के नाम पर भरोसा करने के बजाय पैकेजिंग, लेबल और वैध प्रमाणन से जुड़ी जानकारी देखना ज्यादा समझदारी है।

क्या पानी की बोतल को फ्रिज में रखना जरूरी है?

सीलबंद बोतलबंद पानी को पीने से पहले फ्रिज में रखना अनिवार्य नहीं है। असली बात यह है कि उसे निर्माता की बताई परिस्थितियों के अनुसार साफ, सूखी और अत्यधिक गर्मी व सीधी धूप से दूर जगह पर रखा जाए।
अगर बोतल खोल दी गई है तो उसे साफ-सुथरी स्थिति में रखना और लंबे समय तक खुला न छोड़ना बेहतर है। ठंडा पानी पीने की पसंद अलग विषय है, जबकि पानी की सुरक्षा के लिए स्वच्छता और सही स्टोरेज ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।

क्या घर में रखी पुरानी पानी की बोतल पी सकते हैं?

अगर बोतल लंबे समय से घर में रखी है तो सबसे पहले उसकी लेबल पर दी गई तारीख देखें। अगर घोषित शेल्फ-लाइफ पार हो चुकी है तो उसे पीने के बजाय नई बोत NEWS TITLE

पांच सवालों के सीधे जवाब

क्या बोतल बंद पानी की एक्सपायरी डेट होती है?

हां। भारत में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के लिए निर्माता को शेल्फ-लाइफ घोषित करनी होती है। मौजूदा बीआईएस मानक के अनुसार यह कम से कम 30 दिन होनी चाहिए। 

बोतल पर कौन-सी तारीख देखनी चाहिए?

निर्माण या पैकेजिंग की तारीख के साथ निर्माता द्वारा घोषित शेल्फ-लाइफ, एक्सपायरी/यूज़ बाय या संबंधित लेबल जानकारी देखें। 

क्या एक्सपायरी के बाद पानी पीना चाहिए?

नहीं। घोषित शेल्फ-लाइफ पार होने के बाद पानी को पीने के बजाय नई बोतल लेना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है।

बोतल बंद पानी को कहां रखना चाहिए?

इसे साफ, सूखी और ठंडी जगह पर, खासकर सीधी धूप और अत्यधिक गर्मी से दूर रखना बेहतर है। 

बोतल खोलने के बाद क्या सावधानी रखें?

खुली बोतल को स्वच्छ तरीके से रखें और लंबे समय तक इस्तेमाल के लिए खुला न छोड़ें। पानी में असामान्य गंध, स्वाद, रंग या कोई कण दिखे तो उसका सेवन न करें।

निष्कर्ष

बोतल बंद पानी की एक्सपायरी डेट को लेकर सबसे बड़ी गलतफहमी यही है कि पानी होने के कारण इसकी कोई शेल्फ-लाइफ नहीं होती। भारत में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के लिए बीआईएस ने शेल्फ-लाइफ घोषित करने का स्पष्ट प्रावधान रखा है और मौजूदा आईएस 14543:2024 के तहत घोषित शेल्फ-लाइफ कम से कम 30 दिन होनी चाहिए। हालांकि पानी की गुणवत्ता केवल तारीख पर निर्भर नहीं करती। पैकेजिंग की सील, स्टोरेज, धूप और गर्मी से बचाव तथा बोतल खुलने के बाद की स्वच्छता भी महत्वपूर्ण हैं। इसलिए अगली बार बोतल बंद पानी खरीदते समय सिर्फ ब्रांड और कीमत न देखें। लेबल की तारीख, सील और बोतल की स्थिति की जांच करना ही जागरूक उपभोक्ता का सही नज़रिया है।



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Neelam Saini

Neelam Saini

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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