Donald Trump's Tariff Bomb: डोनाल्ड ट्रंप ने तांबे पर 50% और फार्मास्यूटिकल्स पर 200% टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है. भारत की इकोनॉमी और एक्सपोर्ट इंडस्ट्री पर क्या होगा असर? पढ़ें Shah Times विश्लेषण।
Donald Trump's Tariff Bomb: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर टैरिफ बम फोड़ने को तैयार हैं. हाल ही में उन्होंने तांबे पर 50% और फार्मास्यूटिकल्स पर 200% टैक्स लगाने का ऐलान किया है. यह ऐलान केवल अमेरिका की ट्रेड पॉलिसी को नहीं बदलता, बल्कि भारत जैसे मित्र देशों की इकोनॉमी पर भी बड़ा असर डालता है.
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि 1 अगस्त 2025 के बाद ये नए टैरिफ लागू हो जाएंगे. कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लुटनिक के अनुसार तांबे पर टैरिफ की घोषणा जुलाई के अंत तक फाइनल हो सकती है. वहीं फार्मा सेक्टर को ट्रंप ने 1.5 साल की छूट दी है ताकि कंपनियां अमेरिका में उत्पादन शुरू कर सकें. लेकिन बाद में, 200% तक का आयात शुल्क लगाया जाएगा.
इससे साफ है कि ट्रंप प्रशासन का उद्देश्य अमेरिका में निर्माण (manufacturing) को बढ़ावा देना है, जो उनके "America First" एजेंडे से मेल खाता है.
ट्रंप ने BRICS को “गंभीर समूह नहीं” कहा और 10% टैरिफ लगाने की धमकी दी. उनका मानना है कि यह समूह अमेरिकी डॉलर को चुनौती देने की कोशिश कर रहा है.
भारत BRICS का हिस्सा होने के नाते इस टारगेटिंग से भी अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हो सकता है, खासकर जब वित्तीय सिस्टम में डॉलर के विकल्प की चर्चा हो रही है.
Shah Times E-Paper 9 July 2025
भारत और अमेरिका के बीच मिनी ट्रेड डील की चर्चा पिछले कुछ समय से चल रही है. अगर यह डील 1 अगस्त से पहले हो जाती है, तो हो सकता है कि ये टैरिफ भारत पर लागू न हों.
इसमें शामिल हो सकते हैं:
इसलिए भारत सरकार की डिप्लोमैटिक सक्रियता इस समय बेहद अहम है.
ट्रंप के इस कदम के पीछे अमेरिका में 2025 के राष्ट्रपति चुनाव हैं, जहां वे खुद को “मजबूत राष्ट्रवादी नेता” के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं. भारत के लिए यह समय संधि, रणनीति और सजगता का है. अगर भारत सही समय पर अपनी कूटनीति का इस्तेमाल करता है, तो वह इस झटके को अवसर में बदल सकता है.
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।