Drishyam 3: अजय देवगन Vs मोहनलाल, विजय सालगांवकर और जॉर्जकुट्टी की कहानी अब अलग राह पर
Mohammad Naved
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2026-09-29 12:23:50
अजय देवगन ने साफ किया है कि Drishyam 3 की कहानी मोहनलाल वाली फिल्म का रीमेक नहीं है। दोनों फिल्मों में अलग स्क्रीनप्ले और अलग नैरेटिव रखा गया है।
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गोवा / मुंबई
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29 September 2026
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Mohd Naved
Drishyam 3 में पहली बार बदली कहानी की दिशा
Drishyam फ्रेंचाइजी के तीसरे अध्याय को लेकर सबसे बड़ा सवाल अब कहानी से जुड़ा है। अजय देवगन की हिंदी फिल्म Drishyam: The Conclusion और मोहनलाल की मलयालम Drishyam 3 एक ही फ्रेंचाइजी का हिस्सा हैं, लेकिन इस बार दोनों फिल्मों की कहानी एक जैसी नहीं है।
अजय देवगन ने सितंबर 2026 में फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के दौरान स्पष्ट किया कि हिंदी फिल्म का स्क्रीनप्ले मलयालम संस्करण से अलग है। उनके मुताबिक तीसरे पार्ट के लिए पूरी तरह नई स्क्रिप्ट लिखी गई है।
इस बयान ने फ्रेंचाइजी के दर्शकों के सामने एक नई स्थिति पैदा कर दी है। पहली 2 हिंदी फिल्मों ने मलयालम फिल्मों की मूल कहानी को आधार बनाया था। तीसरे पार्ट में हिंदी और मलयालम संस्करण अलग नैरेटिव लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
मोहनलाल की Drishyam 3 पहले ही रिलीज हो चुकी है
मोहनलाल की Drishyam 3, निर्देशक जीथू जोसेफ के साथ, 21 मई 2026 को रिलीज हुई थी। इसमें मोहनलाल ने जॉर्जकुट्टी की भूमिका दोबारा निभाई। फिल्म का स्क्रीनप्ले और कहानी जीथू जोसेफ ने लिखी है। CBFC के रिकॉर्ड में भी फिल्म के लेखक और निर्देशक के रूप में जीथू जोसेफ का नाम दर्ज है।
मलयालम फिल्म की कहानी में Drishyam 2 के घटनाक्रम के 13 साल बाद जॉर्जकुट्टी और उसके परिवार की स्थिति को आगे बढ़ाया गया है। आधिकारिक सेंसर रिकॉर्ड के प्लॉट सारांश में भी जॉर्जकुट्टी के अतीत और उसके परिवार पर पड़े असर को कहानी का अहम हिस्सा बताया गया है।
फिल्म में जॉर्जकुट्टी, रानी और उनके परिवार के पुराने संघर्ष को आगे बढ़ाया गया है। नई कहानी में परिवार के भावनात्मक दबाव और पुराने मामले से जुड़े खतरे पर ज्यादा फोकस है।
अजय देवगन की फिल्म में क्या बदला है?
हिंदी Drishyam 3 का नाम Drishyam: The Conclusion है। फिल्म में अजय देवगन विजय सालगांवकर की भूमिका में लौट रहे हैं।
अजय देवगन ने कहा है कि यह फ्रेंचाइजी की पहली फिल्म है जिसकी स्क्रिप्ट मलयालम संस्करण के आधार पर बदलाव करके नहीं बनाई गई, बल्कि अलग कहानी के लिए नई स्क्रिप्ट तैयार की गई है।
निर्देशक अभिषेक पाठक ने भी इस अंतर की पुष्टि की है। मई 2026 में निर्माताओं की ओर से कहा गया था कि मलयालम संस्करण का ट्रीटमेंट ज्यादा फैमिली ड्रामा की दिशा में है, जबकि हिंदी फिल्म फैमिली थ्रिलर के रूप में आगे बढ़ रही है।
यानी इस बार दर्शकों के सामने केवल भाषा बदलने वाला रीमेक नहीं है। दोनों फिल्मों ने एक ही फ्रेंचाइजी के किरदारों और पुराने घटनाक्रम से अलग-अलग कहानी की दिशा पकड़ी है।
विजय सालगांवकर और जॉर्जकुट्टी में मूल अंतर
विजय सालगांवकर और जॉर्जकुट्टी दोनों किरदार परिवार को बचाने की कोशिश में कानून और जांच की जटिल परिस्थितियों से गुजरते हैं। पहली 2 फिल्मों में दोनों की कहानियों का केंद्रीय ढांचा काफी हद तक समान रहा।
लेकिन तीसरे पार्ट में यह समानता सीमित हो गई है।
मलयालम फिल्म में जॉर्जकुट्टी की कहानी 13 साल पुराने घटनाक्रम और उसके परिवार पर पड़े लंबे असर के साथ आगे बढ़ती है। आधिकारिक रिकॉर्ड भी इस समय अंतराल को कहानी का हिस्सा बताता है।
हिंदी फिल्म में विजय सालगांवकर की कहानी का निष्कर्ष अलग स्क्रीनप्ले के जरिए तैयार किया गया है। इसलिए मलयालम फिल्म देखने वाले दर्शक हिंदी संस्करण के क्लाइमैक्स को पहले से तय मानकर नहीं चल सकते।
पहली 2 फिल्मों से तीसरा पार्ट क्यों अलग है?
Drishyam की पहली फिल्म 2013 में मलयालम में रिलीज हुई थी। हिंदी संस्करण 2015 में आया। इसके बाद मलयालम Drishyam 2 और हिंदी Drishyam 2 ने भी मूल कहानी को अलग-अलग भाषाई और सिनेमाई संदर्भों में पेश किया।
मई 2026 में निर्माताओं ने बताया था कि तीसरे पार्ट में दोनों संस्करणों की कहानियों को अलग दिशा देने का फैसला किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि Drishyam 2 के दौरान हिंदी फिल्म मलयालम कहानी के ज्यादा करीब थी, जबकि Drishyam 3 में दोनों फिल्मों का नैरेटिव अलग रखा गया है।
यह बदलाव फ्रेंचाइजी के लिए अहम है, क्योंकि अब एक भाषा के संस्करण को देखकर दूसरी फिल्म के पूरे घटनाक्रम का अनुमान लगाना मुश्किल होगा।
मोहनलाल की फिल्म में कहानी किस दिशा में गई?
मलयालम Drishyam 3 में जॉर्जकुट्टी और रानी की जिंदगी पुराने मामले के साये में आगे बढ़ती है। फिल्म में परिवार की भावनात्मक स्थिति को भी प्रमुखता दी गई है।
CBFC के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक कहानी में 13 साल पुराने घटनाक्रम के बाद जॉर्जकुट्टी और उसके परिवार की स्थिति को केंद्र में रखा गया है।
फिल्म में मोहनलाल के साथ मीना, सिद्धीक, आशा शरथ, मुरली गोपी, अंसिबा हसन और एस्थर अनिल प्रमुख भूमिकाओं में हैं।
यह फिल्म 21 मई 2026 को सिनेमाघरों में पहुंच चुकी है।
हिंदी फिल्म में कौन-कौन लौट रहा है?
Drishyam: The Conclusion में अजय देवगन के साथ तब्बू, श्रिया सरन और रजत कपूर अपनी भूमिकाओं में लौट रहे हैं। जयदीप अहलावत और प्रकाश राज फ्रेंचाइजी में नए प्रमुख चेहरों के रूप में जुड़े हैं। फिल्म का निर्देशन अभिषेक पाठक ने किया है।
फिल्म की रिलीज 2 अक्टूबर 2026 के लिए निर्धारित है।
अभिषेक पाठक ने इसे हिंदी फ्रेंचाइजी का निष्कर्ष बताया है। उन्होंने यह भी कहा है कि यह कहानी मलयालम संस्करण की राह पर नहीं जाएगी।
क्या मलयालम फिल्म देखने से हिंदी फिल्म का क्लाइमैक्स पता चलेगा?
मौजूदा सत्यापित बयानों के आधार पर ऐसा निष्कर्ष निकालने की वजह नहीं है।
अजय देवगन ने स्पष्ट तौर पर हिंदी फिल्म को अलग स्क्रिप्ट बताया है। निर्माताओं ने भी दोनों संस्करणों के अलग नैरेटिव की पुष्टि की है। इसलिए मोहनलाल की फिल्म देखने के बाद अजय देवगन की फिल्म का पूरा निष्कर्ष पहले से जानने का दावा करना सही नहीं होगा।
हालांकि दोनों फिल्मों का शुरुआती फ्रेंचाइजी संदर्भ और प्रमुख किरदारों की बुनियादी पृष्ठभूमि एक ही विरासत से आती है। इसलिए कुछ thematic समानताएं रहना स्वाभाविक है।
अजय देवगन की दिलचस्पी मोहनलाल की प्रतिक्रिया में
अजय देवगन ने ट्रेलर लॉन्च के दौरान यह भी कहा कि वह चाहते हैं कि मोहनलाल फिल्म देखें। उन्होंने जॉर्जकुट्टी का किरदार निभाने वाले अभिनेता की प्रतिक्रिया को खास महत्व दिया।
यह बयान दोनों फिल्मों के बीच रचनात्मक रिश्ते को भी दिखाता है। मलयालम फिल्म मूल फ्रेंचाइजी की कहानी का आधार रही है, जबकि हिंदी संस्करण ने पहले 2 अध्यायों के बाद अब अपनी स्वतंत्र कथा तैयार की है।
अब दर्शकों के सामने असली सवाल
Drishyam 3 को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह नहीं है कि अजय देवगन की फिल्म मोहनलाल की फिल्म जैसी है या नहीं। अब अहम सवाल यह है कि विजय सालगांवकर की कहानी को किस तरह अंतिम मुकाम दिया गया है।
पहली 2 फिल्मों में दर्शकों की दिलचस्पी इस बात में थी कि विजय अपने परिवार को कानून से कैसे बचाता है। तीसरे पार्ट में कहानी का नया स्क्रीनप्ले इस केंद्रीय विचार को किस दिशा में ले जाता है, यही फिल्म का सबसे बड़ा नैरेटिव सवाल है।
मलयालम संस्करण पहले ही अपनी कहानी पेश कर चुका है। हिंदी संस्करण 2 अक्टूबर 2026 को दर्शकों के सामने आएगा। दोनों फिल्मों की अलग पटकथा की आधिकारिक पुष्टि के बाद इतना स्पष्ट है कि इस बार एक फिल्म का अनुभव दूसरी फिल्म का सीधा विकल्प नहीं होगा।
Drishyam फ्रेंचाइजी के तीसरे अध्याय में पहली बार हिंदी और मलयालम संस्करण अपनी अलग कहानी लेकर आगे बढ़ रहे हैं। मोहनलाल की जॉर्जकुट्टी कहानी 13 साल पुराने घटनाक्रम के बाद आगे बढ़ी, जबकि अजय देवगन की विजय सालगांवकर कहानी के लिए नई स्क्रिप्ट तैयार की गई है।
इसलिए Drishyam: The Conclusion को केवल मलयालम Drishyam 3 का हिंदी रूपांतरण मानना सही नहीं होगा। फिल्म 2 अक्टूबर 2026 को रिलीज होने के बाद ही यह साफ करेगी कि विजय सालगांवकर की कहानी को अभिषेक पाठक और उनकी टीम ने किस नए नैरेटिव और निष्कर्ष तक पहुंचाया है।
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Mohammad Naved
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।