SYNOPSIS
लद्दाख के लेह क्षेत्र में गुरुवार सुबह कुछ घंटों के भीतर दो भूकंप दर्ज किए गए। पहले झटके की तीव्रता 5.5 और दूसरे की 4.3 रही। पहला भूकंप करीब 10 किलोमीटर गहराई पर आया। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है, जबकि स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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लेह, लद्दाख | 13 अगस्त 2026 | अपूर्वा चौधरी
लेह में कुछ घंटों के भीतर दो बार हिली धरती
लद्दाख के लेह क्षेत्र में गुरुवार की सुबह भूकंप के दो झटकों से लोगों में चिंता बढ़ गई। कुछ ही घंटों के अंतराल में दो अलग-अलग भूकंपीय घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें पहला झटका 5.5 तीव्रता का था, जबकि बाद में 4.3 तीव्रता का दूसरा भूकंप आया।
लगातार दो झटके महसूस होने के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों की नजर स्थिति पर बनी हुई है। हालांकि अभी तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है।
सुबह 6 बजकर 5 मिनट पर आया पहला झटका
दिन का पहला और ज्यादा शक्तिशाली भूकंप सुबह करीब 6 बजकर 5 मिनट पर दर्ज किया गया। इसकी तीव्रता 5.5 मापी गई और केंद्र लेह क्षेत्र में बताया गया।
इस भूकंप की गहराई करीब 10 किलोमीटर थी। कम गहराई पर आने वाले भूकंप के कंपन आसपास के इलाकों में अपेक्षाकृत अधिक महसूस हो सकते हैं। हालांकि किसी इलाके में नुकसान कितना होगा, यह सिर्फ भूकंप की तीव्रता पर निर्भर नहीं करता।
भूकंप की गहराई, केंद्र से दूरी, जमीन की संरचना और इमारतों की मजबूती भी इसके असर को तय करने में अहम भूमिका निभाती है।
करीब चार घंटे बाद फिर आया भूकंप
पहले झटके के करीब चार घंटे बाद लेह क्षेत्र में एक और भूकंप दर्ज किया गया। यह घटना सुबह 9 बजकर 54 मिनट पर सामने आई और इसकी तीव्रता 4.3 रही।
दोनों घटनाओं के बीच लगभग 3 घंटे 49 मिनट का अंतर था। कम समय में दो बार धरती हिलने से स्थानीय लोगों के बीच स्वाभाविक रूप से चिंता का माहौल बना।
फिलहाल बड़े नुकसान की खबर नहीं
दोनों भूकंपों के बाद उपलब्ध जानकारी के अनुसार अभी तक किसी बड़े नुकसान या जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है।
भूकंप के बाद किसी भी संभावित नुकसान का आकलन करने में समय लग सकता है। खासतौर पर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क, भवन और दूरदराज के इलाकों की स्थिति का जायजा लेने के लिए स्थानीय स्तर पर निगरानी जरूरी होती है।
फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है और किसी नए घटनाक्रम की स्थिति में जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
लद्दाख में भूकंपीय गतिविधियां क्यों महत्वपूर्ण हैं?
लद्दाख हिमालयी क्षेत्र का हिस्सा है और इसकी भौगोलिक स्थिति इसे भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील बनाती है। इस क्षेत्र में समय-समय पर अलग-अलग तीव्रता के भूकंप महसूस किए जाते रहे हैं।
हिमालयी क्षेत्र में जमीन के नीचे मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियां भूकंपीय हलचल का प्रमुख कारण हैं। इसी वजह से यहां रहने वाले लोगों के लिए भूकंप से जुड़ी बुनियादी सुरक्षा जानकारी बेहद जरूरी मानी जाती है।
लगातार दो झटकों के बाद सतर्कता जरूरी
एक ही सुबह में दो भूकंप दर्ज होने के बाद लोगों के लिए घबराने के बजाय सावधानी बरतना ज्यादा जरूरी है। घर या इमारत के अंदर भूकंप महसूस होने पर खिड़कियों, शीशों और भारी सामान से दूरी बनाए रखना चाहिए।
झटके के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहना और सिर तथा गर्दन को सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण है। अगर कोई व्यक्ति बाहर है तो उसे इमारतों, बिजली के खंभों और अन्य कमजोर संरचनाओं से दूरी बनाकर खुले स्थान की ओर जाना चाहिए।
अफवाहों से बचना भी जरूरी
भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा के दौरान सोशल मीडिया पर कई तरह की अपुष्ट जानकारियां तेजी से फैल सकती हैं। ऐसे में किसी भी बड़े नुकसान, नए भूकंप या राहत अभियान से जुड़ी जानकारी को सत्यापित किए बिना आगे साझा करने से बचना चाहिए।
आधिकारिक अपडेट और स्थानीय प्रशासन की जानकारी को प्राथमिकता देना ऐसी परिस्थितियों में सबसे बेहतर तरीका होता है।
लेह में स्थिति पर नजर
गुरुवार सुबह आए दोनों भूकंपों ने एक बार फिर लद्दाख की भूकंपीय संवेदनशीलता को सामने ला दिया है। पहला झटका 5.5 तीव्रता का था और उसके बाद 4.3 तीव्रता की दूसरी घटना दर्ज हुई।
फिलहाल सबसे बड़ी राहत यह है कि किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है। आने वाले समय में किसी अतिरिक्त भूकंपीय गतिविधि या नुकसान की जानकारी सामने आती है तो स्थिति का आकलन उसी के आधार पर किया जाएगा।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।