यूपी की 10 राज्यसभा सीटों पर 16 अक्टूबर को चुनाव, 9 सीटों पर कार्यकाल होगा पूरा
Wasi Siddiqui
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2026-09-22 15:33:58
📍 लखनऊ, उत्तर प्रदेश 🗓️ 22 सितंबर 2026 ✍️ Wasi Siddiqui
यूपी की 10 राज्यसभा सीटों पर 16 अक्टूबर को मतदान
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव का कार्यक्रम घोषित हो गया है। भारत निर्वाचन आयोग के मुताबिक इन सीटों पर 16 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा। इसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना भी शुरू होगी।
राज्यसभा चुनाव की यह प्रक्रिया ऐसे वक्त शुरू हो रही है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर भी गतिविधियां तेज हैं। हालांकि, राज्यसभा चुनाव में मतदान विधायक करते हैं और इसका आधार विधानसभा में दलों की मौजूदा संख्या होती है।
29 सितंबर से शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार चुनाव की अधिसूचना 29 सितंबर को जारी होगी। उम्मीदवार 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे।
नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को होगी। उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा और उसी दिन शाम 5 बजे मतगणना शुरू होगी।
10 सीटों में 8 भाजपा, 1 सपा और 1 बसपा के पास
उत्तर प्रदेश की जिन 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव हो रहा है, उनमें मौजूदा राजनीतिक स्थिति के अनुसार 8 सीटें भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों के पास हैं। एक सीट समाजवादी पार्टी और एक सीट बहुजन समाज पार्टी के पास है।
इन सीटों पर होने वाला चुनाव उत्तर प्रदेश विधानसभा के मौजूदा दलगत आंकड़ों के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगा। राज्यसभा चुनाव में विधायक मतदान करते हैं, इसलिए उम्मीदवारों के चयन और दलों की रणनीति में संख्या बल की अहम भूमिका रहती है।
किन सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है
उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के जिन सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने वाला है, उनमें भाजपा के अरुण सिंह, गीता उर्फ चंद्रप्रभा, नीरज शेखर, बृजलाल, बीएल वर्मा, सीमा द्विवेदी और हरदीप सिंह पुरी शामिल हैं।
समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव और बहुजन समाज पार्टी के रामजी गौतम का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। इन 9 सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को पूरा होना है।
10वीं सीट पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। दिनेश शर्मा ने अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के उपराज्यपाल पद पर नियुक्ति के बाद राज्यसभा की सदस्यता छोड़ी थी। उनका इस्तीफा 11 सितंबर से प्रभावी हुआ।
चुनाव में संख्या बल की होगी अहम भूमिका
राज्यसभा के चुनाव में आम मतदाता सीधे मतदान नहीं करते। राज्यों से राज्यसभा सदस्यों का चुनाव संबंधित विधानसभा के निर्वाचित विधायक करते हैं। चुनाव में आनुपातिक प्रतिनिधित्व और एकल संक्रमणीय मत प्रणाली का इस्तेमाल होता है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा में दलों की मौजूदा संख्या इसलिए महत्वपूर्ण है कि प्रत्येक उम्मीदवार को निर्वाचित होने के लिए आवश्यक मतों का आंकड़ा इसी आधार पर तय होता है।
इस चुनाव में राजनीतिक दलों के सामने उम्मीदवारों के चयन के साथ-साथ अपने विधायकों के समर्थन को व्यवस्थित रखने की चुनौती भी होगी।
एक ही दिन होगी वोटिंग और काउंटिंग
निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट के लिए भी 16 अक्टूबर को मतदान तय किया है। इसी दिन पश्चिम बंगाल की एक रिक्त राज्यसभा सीट पर उपचुनाव भी होगा।
इस तरह तीन राज्यों से जुड़ी कुल 12 राज्यसभा सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया 16 अक्टूबर को मतदान के साथ अहम चरण में पहुंचेगी। उत्तर प्रदेश की 10 सीटें इस पूरे चुनाव कार्यक्रम का सबसे बड़ा हिस्सा हैं।
अब दलों की रणनीति पर नजर
चुनाव कार्यक्रम सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दल उम्मीदवारों के चयन और समर्थन जुटाने की रणनीति पर काम करेंगे। नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर होने के बाद तस्वीर ज्यादा स्पष्ट होगी।
मौजूदा सीटों की स्थिति में भाजपा के पास 8 सीटें हैं, जबकि सपा और बसपा के पास एक-एक सीट है। हालांकि नए चुनाव में कौन उम्मीदवार मैदान में उतरता है और किसे कितना समर्थन मिलता है, यह नामांकन तथा राजनीतिक दलों के फैसलों के बाद स्पष्ट होगा।
16 अक्टूबर को मतदान के साथ ही मतगणना होगी। इसके बाद उत्तर प्रदेश से राज्यसभा में अगले कार्यकाल के लिए चुने जाने वाले 10 सदस्यों की तस्वीर सामने आ जाएगी।
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Wasi Siddiqui
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।