सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के सैन्य प्रमुखों की आपात बैठक आयोजित करने की तैयारी है। सऊदी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में यमन के हूती हमलों के बीच सऊदी अरब को समर्थन देने के तरीकों पर चर्चा होगी। यह बैठक तीनों देशों के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के तहत प्रस्तावित की गई है।
रियाद | 25 सितंबर 2026
By Mohd Haris
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब सऊदी अरब ने यमन से हुए नए मिसाइल और ड्रोन हमलों की जानकारी दी है। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, गुरुवार को छह बैलिस्टिक मिसाइलों को रोका गया। हूती समूह ने भी सऊदी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों का दावा किया है।
न्यूयॉर्क में हुई विदेश मंत्रियों की बैठक
सैन्य प्रमुखों की प्रस्तावित बैठक का फैसला न्यूयॉर्क में तीनों देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद सामने आया। सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान, पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार और तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के तहत क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की।
सऊदी विदेश मंत्रालय के अनुसार, तीनों मंत्रियों ने मक्का और सऊदी अरब के नागरिक तथा आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने की निंदा की। बैठक में सऊदी अरब के आत्मरक्षा के अधिकार की भी पुष्टि की गई।
क्या है मक्का संयुक्त रक्षा समझौता?
सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने 7 अगस्त 2026 को मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। समझौते के मुताबिक, तीनों में से किसी एक देश पर सशस्त्र हमला होने को सभी पक्षों पर हमला माना जाएगा।
31 अगस्त को इस्तांबुल में इस समझौते के तहत रणनीतिक राजनीतिक और रक्षा समिति की पहली बैठक हुई थी। तीनों देशों ने सैन्य सहयोग को मजबूत करने और समझौते से जुड़ा स्थायी सचिवालय सऊदी अरब में स्थापित करने पर सहमति जताई थी।
हूती हमलों के बीच बढ़ी चिंता
यमन के हूती समूह ने गुरुवार को सऊदी अरब के कुछ ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। सऊदी अधिकारियों ने मक्का, जेद्दा और यान्बू समेत कई इलाकों में सुरक्षा चेतावनियां जारी की थीं। यान्बू लाल सागर के तट पर स्थित सऊदी अरब का प्रमुख तेल बंदरगाह है।
रिपोर्ट के अनुसार, हूती हमले व्यापक मध्य पूर्व युद्ध के बीच सामने आए हैं, जिसकी शुरुआत फरवरी में ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद हुई थी। हालांकि, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने एक अमेरिकी टेलीविजन इंटरव्यू में हूतियों की कार्रवाइयों से ईरान को अलग बताया। उन्होंने कहा कि हूती अपने फैसलों के लिए स्वयं जिम्मेदार हैं।
प्रस्तावित सैन्य प्रमुखों की बैठक की तारीख और संभावित सैन्य समर्थन का स्वरूप अभी घोषित नहीं किया गया है। सऊदी विदेश मंत्रालय ने इतना बताया है कि बैठक का उद्देश्य मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के तहत सऊदी अरब को समर्थन देने के तरीकों पर चर्चा करना है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।