मुंबई EOW के सामने डीनो मोरिया, मिठी नदी डीसिल्टिंग मामले में हुई पूछताछ
Mohammad Naved
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2026-10-02 13:47:09
मुंबई पुलिस EOW ने मिठी नदी डीसिल्टिंग मामले में डीनो मोरिया और उनके भाई से पूछताछ की थी। जांच कथित वित्तीय अनियमितताओं और सार्वजनिक धन के नुकसान से जुड़ी है।
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मुंबई, महाराष्ट्र
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26 मई 2025
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Mohd Naved
मुंबई के मिठी नदी डीसिल्टिंग प्रोजेक्ट से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में अभिनेता डीनो मोरिया का नाम जांच के दायरे में आया था। मुंबई पुलिस की Economic Offences Wing यानी EOW ने मई 2025 में मोरिया और उनके भाई सैंटिनो मोरिया से पूछताछ की थी।
यह मामला मिठी नदी की सफाई और डीसिल्टिंग के लिए दिए गए ठेकों में कथित गड़बड़ियों से जुड़ा है। जांच एजेंसी के अनुसार, मामले में नगर निकाय को ₹65.54 करोड़ से अधिक के कथित नुकसान की पड़ताल की जा रही थी।
जरूरी तथ्य
EOW की Special Investigation Team ने मई 2025 में 13 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इनमें निजी ठेकेदार, बिचौलिए, BMC के अधिकारी और निजी कंपनियों से जुड़े लोग शामिल थे।
जांच का केंद्र 2021-22 और 2022-23 के दौरान मिठी नदी की डीसिल्टिंग से जुड़े ठेके और कथित वित्तीय अनियमितताएं थीं। जांच में मशीनरी की नियुक्ति, टेंडर की शर्तों और कथित फर्जी बिलों की पड़ताल की गई।
डीनो मोरिया से क्यों हुई पूछताछ
जांचकर्ताओं ने आरोपी बिचौलिए केतन कदम के Call Records की जांच के दौरान डीनो मोरिया और उनके भाई के साथ संपर्क की जानकारी मिलने की बात कही थी। इसके बाद दोनों को EOW के सामने पेश होने के लिए बुलाया गया।
डीनो मोरिया और सैंटिनो मोरिया ने EOW के सामने पेश होकर पूछताछ का सामना किया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, पूछताछ का मकसद उनके संबंधों, कारोबारी संपर्कों और संबंधित वित्तीय लेनदेन की प्रकृति को समझना था।
वित्तीय लेनदेन भी जांच में
जांच के दौरान डीनो मोरिया से जुड़े लोगों और आरोपी केतन कदम के बीच कथित वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल की गई। एक रिपोर्ट के अनुसार, कई लेनदेन की राशि ₹14 लाख से ₹18 लाख के बीच बताई गई थी।
एक अन्य जांच रिपोर्ट में UBO Ridez नाम की कंपनी के खाते में ₹18 लाख के ट्रांसफर का जिक्र आया था। कंपनी से सैंटिनो मोरिया का कारोबारी संबंध बताया गया था। जांच एजेंसी इस रकम के स्रोत और उद्देश्य की पड़ताल कर रही थी।
इन वित्तीय लेनदेन का होना अपने आप में किसी व्यक्ति की आपराधिक संलिप्तता साबित नहीं करता। मामले में जांच एजेंसियों को लेनदेन की प्रकृति और उसके कथित प्रोजेक्ट से संबंध स्थापित करना होता है।
मिठी नदी प्रोजेक्ट में क्या जांच रही थी EOW
EOW के अनुसार, मिठी नदी की डीसिल्टिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली विशेष मशीनों से संबंधित टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच की गई। आरोप था कि टेंडर की कुछ शर्तें एक विशेष मशीनरी सप्लायर की जरूरतों के अनुरूप रखी गईं।
जांच में कथित फर्जी बिलों और नदी से निकली गाद को दूसरी जगह ले जाने से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की गई। पुलिस के अनुसार, कुछ दस्तावेजों और दावों की वास्तविकता की जांच जरूरी थी।
₹65.54 करोड़ के कथित नुकसान का मामला
उपलब्ध जांच रिपोर्टों के अनुसार, EOW ने इस मामले में BMC को ₹65.54 करोड़ से अधिक के कथित नुकसान की बात सामने रखी थी। इसके अलावा मिठी नदी से जुड़े करीब ₹1,100 करोड़ के डीसिल्टिंग और संबंधित कार्यों के व्यापक ठेकों की भी जांच का उल्लेख हुआ।
यहां ₹15 करोड़ की राशि को इस पूरे मामले की कुल स्कैम राशि बताना पुष्ट तथ्यों से मेल नहीं खाता। उपलब्ध स्रोतों में मुख्य जांच राशि ₹65.54 करोड़ से अधिक के कथित नुकसान से जुड़ी है।
आगे जांच कैसे बढ़ी
EOW की जांच के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने भी इसी मामले से जुड़े कथित Money Laundering पहलू की जांच शुरू की थी। जून 2025 में डीनो मोरिया के मुंबई स्थित आवास समेत कई ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई की गई थी।
इसके बाद डीनो मोरिया को ED के सामने भी पेश होना पड़ा था। जांच एजेंसियां कथित वित्तीय लेनदेन, कंपनियों और प्रोजेक्ट से जुड़े पैसों के प्रवाह की पड़ताल कर रही थीं।
क्या डीनो मोरिया आरोपी साबित हुए हैं
उपलब्ध जानकारी के आधार पर डीनो मोरिया से पूछताछ और जांच में उनका नाम सामने आना किसी अदालत द्वारा दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं है।
EOW की कार्रवाई जांच प्रक्रिया का हिस्सा थी। आरोपों की अंतिम कानूनी स्थिति अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों और आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करती है।
मिठी नदी डीसिल्टिंग मामला मुंबई में सार्वजनिक धन और नदी सफाई से जुड़े ठेकों की पारदर्शिता पर गंभीर सवालों की जांच से संबंधित है। EOW ने कई आरोपियों और संबंधित लोगों से पूछताछ की और वित्तीय दस्तावेजों की पड़ताल की।
डीनो मोरिया का नाम भी जांच के दौरान सामने आया और उनसे तथा उनके भाई से पूछताछ हुई। उपलब्ध रिकॉर्ड में मामले की मुख्य कथित वित्तीय क्षति ₹65.54 करोड़ से अधिक बताई गई है। इसलिए ₹15 करोड़ की राशि को इस केस की कुल रकम के रूप में प्रकाशित करना फिलहाल तथ्यात्मक रूप से सुरक्षित नहीं है।
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Mohammad Naved
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।