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फातिमा अल मंसूरी बनीं मोरक्को की पहली महिला प्रधानमंत्री, जानिए पूरा सियासी सफर

Harish Qureshi • 2026-09-30 11:35:32
फातिमा अल मंसूरी बनीं मोरक्को की पहली महिला प्रधानमंत्री, जानिए पूरा सियासी सफर

मोरक्को में फातिमा एज्जहरा अल मंसूरी पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। 2009 में माराकेश की पहली महिला मेयर बनने के बाद उन्होंने संसद, मंत्रालय और पार्टी नेतृत्व में अहम जिम्मेदारियां संभालीं।


रबात, मोरक्को | 29 सितंबर 2026

By Mohd Haris


फातिमा मंसूरी बनीं मोरक्को की पहली महिला प्रधानमंत्री, जानिए कौन हैं


मोरक्को ने 29 सितंबर 2026 को अपनी सियासी तारीख में एक नया अध्याय जोड़ा। राजा मोहम्मद VI ने फातिमा एज्जहरा अल मंसूरी को देश की नई प्रधानमंत्री यानी सरकार की प्रमुख नियुक्त किया और नई सरकार बनाने की जिम्मेदारी सौंपी। यह मोरक्को के इतिहास में पहली बार है, जब किसी महिला को सरकार के शीर्ष पद की जिम्मेदारी मिली है।


राजमहल की ओर से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, राजा ने रबात स्थित रॉयल पैलेस में अल मंसूरी से मुलाकात की। इसके बाद उन्हें संविधान के अनुच्छेद 47 के तहत प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया। उन्हें नई सरकार के गठन का जिम्मा भी दिया गया है।


फातिमा एज्जहरा अल मंसूरी की उम्र 50 साल है। उनका जन्म 3 जनवरी 1976 को माराकेश में हुआ था। राजनीति में आने से पहले उन्होंने कानून की पढ़ाई की और वकालत के क्षेत्र में काम किया।


2009 में बनी थीं माराकेश की पहली महिला मेयर


फातिमा मंसूरी का राजनीतिक सफर प्रधानमंत्री पद से शुरू नहीं हुआ। वर्ष 2009 में उन्होंने माराकेश नगर परिषद की अध्यक्ष बनकर स्थानीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। वह शहर की पहली महिला मेयर बनी थीं।


2009 से 2015 तक उन्होंने माराकेश नगर परिषद का नेतृत्व किया। वर्ष 2021 में वह दोबारा नगर परिषद की अध्यक्ष चुनी गईं। उनका मौजूदा स्थानीय कार्यकाल 2027 तक निर्धारित था।


इस तरह स्थानीय शासन से शुरू हुआ उनका सियासी सफर संसद, मंत्रालय और पार्टी नेतृत्व तक पहुंचा। अब वही राजनीतिक अनुभव उन्हें राष्ट्रीय सरकार की कमान तक ले आया है।


कानून की पढ़ाई से राजनीति तक


अल मंसूरी पेशे से कानून की विशेषज्ञ हैं। उन्होंने रबात की मोहम्मद पंचम यूनिवर्सिटी से निजी कानून में डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने फ्रांस की मोंपेलिये यूनिवर्सिटी से कारोबारी अनुबंध कानून में उच्च शिक्षा प्राप्त की। उनके पास अमेरिका की पेस यूनिवर्सिटी से एंग्लो-सैक्सन कानून की पढ़ाई से जुड़ी योग्यता भी है।


वह 2005 से माराकेश बार से जुड़ी रही हैं। उनके पेशेवर अनुभव में संपत्ति और रियल एस्टेट कानून से जुड़ा काम भी शामिल रहा है।


राजनीतिक तौर पर उनका सफर 2007 में शुरू हुआ। वर्ष 2008 में वह ऑथेंटिसिटी एंड मॉडर्निटी पार्टी की संस्थापक सदस्य बनीं। बाद में पार्टी के भीतर उनकी भूमिका लगातार मजबूत होती गई।


संसद और पार्टी संगठन में भी निभाई जिम्मेदारी


स्थानीय राजनीति के बाद अल मंसूरी राष्ट्रीय राजनीति में पहुंचीं। वह 2011 से 2016 तक सांसद रहीं। इसके बाद 2016 से 2021 तक दोबारा संसद का हिस्सा रहीं।


पार्टी संगठन में भी उनका कद बढ़ता गया। उन्होंने 2015 से 2024 तक पार्टी की नेशनल काउंसिल की अध्यक्षता की। 2024 से वह पार्टी की सामूहिक नेतृत्व व्यवस्था की समन्वयक के तौर पर काम कर रही थीं।


23 सितंबर 2026 को हुए संसदीय चुनाव में उनकी पार्टी ने प्रतिनिधि सभा की 395 सीटों में 97 सीटें हासिल कर सबसे अधिक सीटें जीतीं। पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला। इसलिए नई सरकार बनाने के लिए गठबंधन की जरूरत होगी।


2021 में बनीं थीं कैबिनेट मंत्री


अल मंसूरी के सियासी करियर में 2021 एक अहम पड़ाव रहा। उन्हें राष्ट्रीय क्षेत्रीय योजना, शहरी नियोजन, आवास और शहर नीति से जुड़े मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली।


वर्ष 2021 से 2026 तक वह इस मंत्रालय में रहीं। इस दौरान उनका काम शहरी विकास, आवास और क्षेत्रीय नियोजन जैसे मुद्दों से जुड़ा रहा।


अब प्रधानमंत्री के तौर पर उनका दायरा काफी बड़ा हो गया है। उन्हें नई कैबिनेट तैयार करनी होगी और विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ सरकार बनाने के लिए बातचीत करनी होगी।


मोरक्को में प्रधानमंत्री की नियुक्ति कैसे होती है


मोरक्को की संवैधानिक व्यवस्था में प्रधानमंत्री की नियुक्ति राजा करते हैं। संविधान के अनुच्छेद 47 के तहत प्रतिनिधि सभा के चुनाव में सबसे अधिक सीटें हासिल करने वाली पार्टी से सरकार प्रमुख चुना जाता है।


इसी संवैधानिक प्रक्रिया के तहत राजा मोहम्मद VI ने अल मंसूरी को सरकार बनाने का जिम्मा दिया है।


यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि अल मंसूरी का प्रधानमंत्री बनना केवल महिला प्रतिनिधित्व से जुड़ा घटनाक्रम नहीं है। इसके पीछे चुनावी नतीजे और संवैधानिक प्रक्रिया भी है। उनकी पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें मिलीं, लेकिन बहुमत नहीं मिला। अब असली सियासी चुनौती गठबंधन तैयार करने की है।


नई सरकार के सामने बड़ी चुनौतियां


अल मंसूरी के सामने कई अहम घरेलू और अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियां होंगी। इनमें रोजगार, महंगाई, युवाओं की अपेक्षाएं और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े सवाल प्रमुख हैं।


इसके अलावा 2030 फीफा विश्व कप की मेजबानी मोरक्को के लिए बड़ा राष्ट्रीय प्रोजेक्ट है। मोरक्को स्पेन और पुर्तगाल के साथ मिलकर 2030 विश्व कप की मेजबानी करेगा। नई सरकार को इससे जुड़े बुनियादी ढांचे और निवेश की योजनाओं को आगे बढ़ाना होगा।


मोरक्को के सामने आर्थिक विकास के साथ रोजगार पैदा करने और युवाओं की सामाजिक-आर्थिक चिंताओं को संबोधित करने की चुनौती भी है।


महिला नेतृत्व के लिहाज से क्यों अहम है यह नियुक्ति


फातिमा मंसूरी की नियुक्ति मोरक्को की राजनीतिक व्यवस्था में महिला नेतृत्व के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इससे पहले किसी महिला ने देश की सरकार का नेतृत्व नहीं किया था।


वह अरब दुनिया में सरकार का नेतृत्व करने वाली दूसरी महिला भी बनी हैं। उनसे पहले ट्यूनीशिया में नजला बूदेन ने अक्टूबर 2021 से अगस्त 2023 तक प्रधानमंत्री के रूप में काम किया था।


मोरक्को में इससे पहले भी महिलाएं प्रशासन, न्यायपालिका, संसद और सरकार के विभिन्न अहम पदों पर पहुंचती रही हैं। लेकिन प्रधानमंत्री पद तक किसी महिला की पहुंच नहीं हुई थी।

इस लिहाज से अल मंसूरी की नियुक्ति प्रतीकात्मक और संस्थागत दोनों स्तरों पर अहम है।


राजनीतिक सफर में स्थानीय अनुभव की भूमिका


अल मंसूरी की सियासी यात्रा की खासियत उनका स्थानीय शासन का अनुभव है। उन्होंने माराकेश जैसे बड़े पर्यटन शहर की नगर परिषद का नेतृत्व किया। इसके बाद संसद में काम किया और फिर केंद्र सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी संभाली।


उनका राजनीतिक अनुभव चार अलग स्तरों से होकर गुजरा है। स्थानीय निकाय, संसद, सरकार और पार्टी संगठन। प्रधानमंत्री पद संभालते समय यही अनुभव उनके राजनीतिक प्रोफाइल का महत्वपूर्ण हिस्सा है।


हालांकि नई सरकार की सफलता या नाकामी का आकलन अभी करना जल्दबाजी होगा। उन्हें पहले गठबंधन तैयार करना है और फिर सरकार का कार्यक्रम सामने रखना है।


अब आगे क्या होगा


प्रधानमंत्री नियुक्त होने के बाद अल मंसूरी को नई सरकार के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ानी होगी। उनकी पार्टी के पास 97 सीटें हैं, इसलिए सरकार चलाने के लिए अन्य दलों का समर्थन जरूरी होगा।


गठबंधन वार्ता में अलग-अलग राजनीतिक दलों के बीच नीति और मंत्रालयों को लेकर सहमति बनाना महत्वपूर्ण होगा। इसके बाद नई कैबिनेट की संरचना सामने आएगी।


अल मंसूरी के सामने एक तरफ ऐतिहासिक महिला नेतृत्व की उम्मीदें होंगी, तो दूसरी तरफ रोजगार, अर्थव्यवस्था, सार्वजनिक सेवाओं और 2030 विश्व कप से जुड़े बड़े प्रशासनिक काम होंगे।


मोरक्को की राजनीति में नया अध्याय


फातिमा एज्जहरा अल मंसूरी का प्रधानमंत्री बनना उनके लंबे राजनीतिक सफर की अगली कड़ी है। 2009 में माराकेश की पहली महिला मेयर बनने से लेकर संसद और मंत्रालय तक पहुंचने के बाद अब वह मोरक्को की पहली महिला सरकार प्रमुख बनी हैं।


29 सितंबर 2026 की नियुक्ति ने उनके व्यक्तिगत राजनीतिक सफर के साथ मोरक्को की संवैधानिक और राजनीतिक व्यवस्था में भी एक नया अध्याय जोड़ा है।


अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि वह गठबंधन सरकार किस तरह बनाती हैं, उसकी प्राथमिकताएं क्या रहती हैं और रोजगार, आर्थिक दबाव, सार्वजनिक सेवाओं तथा 2030 विश्व कप की तैयारियों जैसे मुद्दों पर नई सरकार किस दिशा में आगे बढ़ती है।

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Harish Qureshi

Harish Qureshi

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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