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FBI का दावा, पूर्व  RAW अफसर ने सिख टेररिस्ट पन्नू के क़त्ल की साज़िश की थी 

None 2024-10-18 16:03:42
FBI का दावा, पूर्व  RAW अफसर ने सिख टेररिस्ट पन्नू के क़त्ल की साज़िश की थी 

अमेरिका की एजेंसी अमेरिकन इन्वेस्टिगेशन एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI)का दावा है कि विकास यादव भारतीय खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) के लिए काम करता है।

नई दिल्ली,( Shah Times)। अमेरिका सरकार ने दावा किया है कि न्यूयॉर्क में रह रहे सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के आतंकी गुरुपतवंत सिंह पन्नू के क़त्ल की साजिश में पूर्व  RAW अफसर शामिल था। 

 अमेरिकन इन्वेस्टिगेशन एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने  विकास यादव का मोस्ट वॉन्टेड पोस्टर जारी किया है।  इसमें विकास की 3 फोटो हैं।

अमेरिका ने एक पूर्व भारतीय खुफिया अधिकारी पर खालिस्तानी अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू के क़त्ल की साजिश रचने का इल्ज़ाम लगाया है। दावा किया गया है कि अधिकारी की पहचान 39 साला विकास यादव के रूप में हुई है। अमेरिकी न्याय विभाग ने आरोप लगाया है कि यादव ने पैसे देकर मर्डर की साजिश रची थी।

 अमेरिका की एजेंसी अमेरिकन इन्वेस्टिगेशन एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI)का दावा है कि विकास यादव भारतीय खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) के लिए काम करता है। RAW ने पन्नू के मर्डर की साजिश रची थी। विकास पर क़त्ल के लिए एक किलर को किराए पर लेने और मनी लॉन्ड्रिंग का का भी इल्जाम है।

अमेरिका के इल्जामों का जवाब देते हुए भारत ने कहा था कि हमने जांच के लिए जांच समिति गठित की है। हालांकि भारत ने किसी भी साजिश में शामिल होने से इनकार किया है और अमेरिका ने भारत के सहयोग पर संतोष जताया है।

 इस साल सितंबर में अमेरिका की एक अदालत ने पन्नू मामले में भारत सरकार को समन जारी किया था, जिसमें हत्या की साजिश का आरोप लगाया गया था। भारत सरकार ने समन को "पूरी तरह से अनुचित" बताया था। समन में भारत सरकार, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, पूर्व रॉ प्रमुख सामंत गोयल, विकास यादव और निखिल गुप्ता का नाम था। उन्हें 21 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया था।

अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई द्वारा जारी पोस्टर में कहा गया है कि विकास यादव भारतीय मूल के एक अमेरिकी वकील और राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या की साजिश रचने के आरोप में अमेरिका में वांछित है। विकास एक भारतीय है और साजिश को अंजाम देने के लिए उसने अपने साथी और एक अन्य भारतीय नागरिक के साथ बातचीत में 'अमानत' उपनाम का इस्तेमाल किया।

आरोपों के अनुसार, विकास ने साजिश को आगे बढ़ाने के लिए पीड़ित (पन्नू) का आवासीय पता, फोन नंबर और अन्य पहचान संबंधी जानकारी भारतीय नागरिक को दी थी। यादव और उसके सहयोगी ने हत्या के लिए अग्रिम राशि के रूप में न्यूयॉर्क में 15,000 डॉलर नकद पहुंचाने के लिए एक सहयोगी की व्यवस्था की।

10 अक्टूबर, 2024 को साउथ न्यूयॉर्क डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने विकास के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके बाद विकास पर हत्या के लिए किराए पर लेने, असफल प्रयास और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया गया था।

अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारी विकास यादव के प्रत्यर्पण की मांग कर सकते हैं। यादव पर पन्नू की हत्या के लिए भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को किराए पर देने का आरोप है। निखिल गुप्ता को पिछले साल जून में प्राग में गिरफ्तार किया गया था और बाद में उसे अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया था। हालांकि, निखिल ने खुद को निर्दोष बताया था। अभियोग में विस्तार से बताया गया है कि कैसे रॉ एजेंट विकास यादव ने पन्नू की हत्या की साजिश रचने के लिए निखिल गुप्ता को काम पर रखा था। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि निखिल गुप्ता को लगा कि 2023 में कनाडा में निज्जर की हत्या के तुरंत बाद पन्नू को मार दिया जाना चाहिए। अभियोग के मुताबिक, निखिल गुप्ता का मानना ​​था कि निज्जर की हत्या के बाद पन्नू को मारने के लिए इंतजार करने की जरूरत नहीं है, विकास पर पन्नू की हत्या के लिए निखिल गुप्ता को किराए पर देने का आरोप है। गुप्ता को पिछले साल चेक गणराज्य में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसे अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया था।

भारत गुरपतवंत सिंह पन्नू को खालिस्तानी आतंकी मानता है। 2019 में भारत सरकार ने आतंकी गतिविधियां चलाने के आरोप में पन्नू के संगठन SFJ को गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत प्रतिबंधित कर दिया था। गृह मंत्रालय ने अपनी अधिसूचना में कहा था कि SFJ सिखों के लिए जनमत संग्रह की आड़ में पंजाब में अलगाववाद और चरमपंथी विचारधारा का समर्थन कर रहा है।

पन्नू पर साल 2020 में अलगाववाद को बढ़ावा देने और पंजाबी सिख युवाओं को हथियार उठाने के लिए उकसाने का आरोप लगा था। इसके बाद केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2020 को पन्नू को UAPA के तहत आतंकी घोषित कर दिया था। 2020 में सरकार ने SFJ से जुड़े 40 से ज्यादा वेब पेज और यूट्यूब चैनल पर प्रतिबंध लगा दिया था।

भारत में SFJ और पन्नू के खिलाफ 12 मामले दर्ज हैं। इनमें पंजाब में देशद्रोह के 3 मामले भी शामिल हैं। पंजाब पुलिस द्वारा तैयार किए गए डोजियर में SFJ द्वारा कई सालों से सोशल मीडिया पर विभिन्न अलगाववादी पोस्ट की जानकारी दी गई थी।  इसमें वह आतंकियों का समर्थन करता था।

पन्नू सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय है। वह पंजाबी भाषा में ऑडियो और वीडियो संदेश जारी करता है। इसमें वह पंजाबी युवाओं को भारत के खिलाफ भड़काता है। इतना ही नहीं, पैसों का लालच देकर उसने पंजाब-हरियाणा में सरकारी इमारतों में खालिस्तान का झंडा लगवाया है। इसके अलावा हाल ही में जी-20 मीटिंग के दौरान उसने दिल्ली में मेट्रो स्टेशन पर खालिस्तानी नारे भी लिखवाए हैं। वह सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को अपने जाल में फंसाता है।

एफबीआई के निदेशक क्रिस्टोफर रे ने एक बयान में कहा, "एफबीआई अमेरिका में रहने वालों के खिलाफ हिंसा या बदला लेने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं करेगी।

क्रिस्टोफर रे ने दावा किया कि साजिश कथित तौर पर मई 2023 में रची गई थी। उस समय कथित तौर पर भारत सरकार का कर्मचारी रहे विकास यादव ने हत्या के लिए भारत और विदेश में रहने वाले लोगों की मदद की थी। उसका निशाना गुरपतवंत सिंह पन्नू था, जो भारत में नामित आतंकवादी है, जो खालिस्तानी समर्थक है।

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शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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