गुरुवार, 09 July 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
EDITION:
BREAKING
#ShahTimes #Muzaffarnagar #Bijnor #Moradabad #BreakingNews #Politics #Education #Crime #Sports #Business
SmarterASP.NET Hosting
None

इतिहास में 12 फ़रवरी: सत्ता, स्वतंत्रता और बदलाव

None 2026-02-12 12:02:00
इतिहास में 12 फ़रवरी: सत्ता, स्वतंत्रता और बदलाव

आज का इतिहास: 12 फ़रवरी की प्रमुख घटनाएँ

12 फ़रवरी: विश्व और भारत के इतिहास की अहम तारीख

12 फ़रवरी का दिन विश्व इतिहास और भारतीय संदर्भ में कई निर्णायक घटनाओं से जुड़ा है।
इस तारीख ने राजनीति, विज्ञान, स्वतंत्रता आंदोलनों और संस्कृति में स्थायी छाप छोड़ी। 12 फ़रवरी को भारत और दुनिया में सत्ता परिवर्तन, आज़ादी की घोषणाएँ, आंदोलन, वैज्ञानिक योगदान और कला से जुड़ी घटनाएँ दर्ज हैं। इसी दिन कई प्रभावशाली व्यक्तित्वों का जन्म और निधन भी हुआ।

📍New Delhi ✍️ Asif Khan 

इतिहास में कुछ तारीखें ऐसी होती हैं जो अलग अलग देशों, समाजों और सभ्यताओं के लिए निर्णायक साबित होती हैं। 12 फ़रवरी भी ऐसी ही एक तारीख है। इस दिन यूरोप, एशिया, अमेरिका और भारत में सत्ता परिवर्तन, राजनीतिक निर्णय, औपनिवेशिक व्यवस्था के अंत, आज़ादी की घोषणाओं और सामाजिक आंदोलनों से जुड़ी घटनाएँ दर्ज हैं। इसके साथ ही विज्ञान, दर्शन, कला और सिनेमा से जुड़े कई महत्वपूर्ण नाम इसी दिन जन्मे या दुनिया से विदा हुए।

समुद्री यात्राएँ और औपनिवेशिक दौर

1502 में पुर्तगाल के नाविक वास्को द गामा लिस्बन से भारत की दूसरी समुद्री यात्रा के लिए रवाना हुए। यह यात्रा यूरोप और एशिया के बीच व्यापारिक रास्तों को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जाती है। इस दौर में समुद्री रास्तों से व्यापार और राजनीतिक प्रभाव बढ़ाने की प्रतिस्पर्धा तेज़ हो चुकी थी। भारत के तटों तक यूरोपीय शक्तियों की पहुँच ने आने वाले समय में उपनिवेशवाद की नींव रखी।

यूरोप में सत्ता और राजद्रोह

1554 में इंग्लैंड की पूर्व शासक लेडी जेन ग्रे को राजद्रोह के आरोप में मृत्युदंड दिया गया। उनका शासन बहुत अल्पकालिक रहा, लेकिन यह घटना इंग्लैंड के राजनैतिक संघर्षों और उत्तराधिकार विवादों को दर्शाती है। सत्ता के लिए चल रही खींचतान में यह एक निर्णायक और कठोर अध्याय माना जाता है।

ब्रिटेन का संवैधानिक बदलाव

1689 में ब्रिटेन में ग्लोरियस रिवोल्यूशन के बाद विलियम तृतीय और मैरी द्वितीय को संयुक्त शासक घोषित किया गया। इस घटना ने ब्रिटिश शासन प्रणाली में संवैधानिक राजशाही को मज़बूती दी। राजा की शक्तियों पर संसद की भूमिका स्पष्ट हुई और शासन का ढांचा अधिक संतुलित बना।

फ़ारस और उत्तरी यूरोप में सत्ता परिवर्तन

1736 में नादिरशाह फ़ारस का शासक बना। उसका शासन सैन्य अभियानों और क्षेत्रीय विस्तार के लिए जाना जाता है। वहीं 1771 में गुस्ताव तृतीय स्वीडन के राजा बने। उनके शासनकाल में प्रशासनिक सुधारों और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला।

दक्षिण अमेरिका की स्वतंत्रता

1818 में चिली ने स्पेन से स्वतंत्रता की घोषणा की। यह घोषणा लैटिन अमेरिका में औपनिवेशिक शासन के खिलाफ चल रहे संघर्षों का हिस्सा थी। इस कदम ने क्षेत्र में स्वतंत्र राष्ट्रों के उभरने की प्रक्रिया को गति दी।

एशिया में राजवंशों का अंत

1912 में चीन के अंतिम सम्राट पू यी ने गद्दी छोड़ी। इसके साथ ही किंग वंश का अंत हुआ और चीन में राजशाही युग समाप्त हुआ। यह घटना आधुनिक चीनी गणराज्य की स्थापना की दिशा में एक बड़ा मोड़ साबित हुई।

भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और निर्णायक फैसले

1922 में महात्मा गांधी ने चौरी चौरा की घटना के बाद असहयोग आंदोलन वापस लेने का निर्णय लिया। यह फैसला आंदोलन की दिशा और रणनीति में बदलाव को दर्शाता है। इस निर्णय ने अहिंसा को आंदोलन के केंद्र में बनाए रखने की नीति को स्पष्ट किया।

यूरोप में सैन्य गतिविधियाँ

1938 में जर्मन सेना ने ऑस्ट्रिया में प्रवेश किया। यह घटना आंशलुस की प्रक्रिया का हिस्सा थी, जो बाद में औपचारिक रूप से पूरी हुई। इस कदम ने यूरोप की राजनीति को गहराई से प्रभावित किया और आने वाले वैश्विक संघर्षों की पृष्ठभूमि तैयार की।

भारत में औपनिवेशिक प्रशासन का अंतिम चरण

1947 में लॉर्ड माउंटबेटन को भारत का अंतिम वायसराय नियुक्त किया गया। यह नियुक्ति ब्रिटिश शासन के अंतिम चरण का संकेत थी। इसी वर्ष भारत स्वतंत्र हुआ और औपनिवेशिक दौर का अंत हुआ।

अफ्रीका में स्वशासन की दिशा

1953 में मिस्र और ब्रिटेन के बीच सूडान को स्वशासन देने पर समझौता हुआ। यह समझौता अफ्रीकी देशों में आत्मनिर्णय और स्वतंत्र प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।

साहित्य और विचारों पर कार्रवाई

1974 में सोवियत लेखक और नोबेल पुरस्कार विजेता अलेक्जेंडर सोल्झेनित्सिन को गिरफ़्तार कर देश से बाहर भेज दिया गया। उनकी रचनाएँ और विचार उस समय की राजनीतिक व्यवस्था के लिए चुनौती मानी जाती थीं।

भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य उपलब्धि

1975 में भारत ने स्वयं को चेचक मुक्त राष्ट्र घोषित किया। यह घोषणा सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि थी। टीकाकरण और निगरानी कार्यक्रमों के ज़रिये यह लक्ष्य हासिल किया गया।

कला और अपराध

1994 में एडवर्ड मंक की प्रसिद्ध पेंटिंग द स्क्रीम नॉर्वे की नेशनल गैलरी से चोरी हो गई। यह घटना कला जगत में व्यापक चर्चा का विषय बनी और संग्रहालय सुरक्षा पर सवाल उठे।

12 फ़रवरी को जन्मे प्रमुख व्यक्ति

विज्ञान और राजनीति

1809 में चार्ल्स डार्विन का जन्म हुआ। उन्होंने जीवों के विकास से जुड़ा सिद्धांत प्रस्तुत किया, जिसने विज्ञान की दिशा बदल दी।
इसी वर्ष अब्राहम लिंकन का जन्म हुआ, जो बाद में अमेरिका के सोलहवें राष्ट्रपति बने और देश को गृहयुद्ध के दौर से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई।

सामाजिक और धार्मिक सुधार

1824 में स्वामी दयानंद सरस्वती का जन्म हुआ। उन्होंने सामाजिक सुधारों और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाई और आर्य समाज की स्थापना की।

समाज सेवा और सिनेमा

1871 में चार्ल्स फ्रीर एंड्रयूज का जन्म हुआ, जो सामाजिक कार्यों के लिए जाने जाते हैं।
1920 में अभिनेता प्राण का जन्म हुआ, जिन्होंने भारतीय सिनेमा में खलनायक और चरित्र भूमिकाओं से विशेष पहचान बनाई।

12 फ़रवरी को निधन

1804 में दार्शनिक इमैनुएल कांट का निधन हुआ। उनके विचार दर्शन और नैतिकता पर गहरा प्रभाव डालते हैं।
1919 में नवाब सैयद मोहम्मद बहादुर का निधन हुआ, जो भारतीय राजनीति में सक्रिय रहे।
1955 में अभिनेता टॉम मूर का निधन हुआ।
1998 में हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध हास्य अभिनेता ओम प्रकाश का निधन हुआ, जिनकी भूमिकाएँ आज भी याद की जाती हैं।

निष्कर्ष

12 फ़रवरी का दिन इतिहास में सत्ता परिवर्तन, स्वतंत्रता, आंदोलन, विज्ञान, कला और समाज से जुड़ी घटनाओं के लिए जाना जाता है। यह तारीख अलग अलग देशों और क्षेत्रों में बदलाव के संकेत के रूप में दर्ज है।

ADVERTISEMENT
None

None

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर