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इराक की अल-नूरी मस्जिद की दीवार में गड़े मिले पांच बड़े बम

None • 2024-06-30 15:17:47
इराक की अल-नूरी मस्जिद की दीवार में गड़े मिले पांच बड़े बम

2017 में इराक ने अमेरिका के साथ मिलकर ISIL को मिटाने के लिए एक अभियान चलाया था। इसी जंग के दौरान अल-नूरी मस्जिद तबाह हुई थी।

New Delhi,(Shah Times)। इराक के उत्तरी शहर मोसुल की अल-नूरी मस्जिद में 5 बड़े बम मिलने से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है की आतंकी संगठन ISIL ने ये बम दीवार में गाड़ रखे थे। अल जजीरा के मुताबिक, इन बमों का वजन 1.5 किलोग्राम है। इनमें से एक को दीवार से निकाल दिया गया है, जबकि बाकी बमों को हटाने की कोशिश की जा रही है।

यूनेस्को ने कहा कि मस्जिद में नमाज वाले हॉल की दक्षिणी दीवार में पांच बड़े साइज के बम पाए गए हैं। जाहिर सी बात है कि बड़े स्तर पर तबाही करने के लिए इन बमों को लगाया गया था। ये पांचों बम जिंदा बताए गए हैं। इराक के प्रशासन का कहना है कि एक बम को तत्काल निष्क्रिय कर दिया गया था। वहीं बाकी के चार बम आपस में जुड़े हुए हैं और कुछ दिन में उन्हें भी निष्क्रिय किया जाएगा। फिलहाल पूरे इलाके में अलर्ट जारी कर दिया गया है।

दरअसल, जुलाई 2014 में इस्लामिक स्टेट के चीफ अबु बक्र अल-बगदादी ने अल-नूरी मस्जिद पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद आतंकी संगठन ने इराक और सीरिया के बड़े हिस्से को अपने कंट्रोल में ले लिया था। अनुमान लगाया गया है कि उसी दौरान ISIL यानी ISIS की शाखा ने मस्जिद में बम लगाए होंगे, जिसे बाद में डेटोनेट कर दिया गया।

2017 में इराक ने अमेरिका के साथ मिलकर ISIL को मिटाने के लिए एक अभियान चलाया था। इसी जंग के दौरान अल-नूरी मस्जिद तबाह हुई थी। साल 2020 में ISIL के खात्मे के बाद इराक की सेना ने पूरे देश में सर्च ऑपरेशन चलाया था। हालांकि, दीवार में गड़े होने के कारण ये बम तब नहीं मिले थे।

जानकारी के अनुसार UNESCO को पांचों बम 25 जून को मिले थे, लेकिन इनकी जानकारी शनिवार को दी गई है। 12वीं सदी में बनी यह मस्जिद अपनी झुकी हुई मीनार के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। इस मस्जिद का नाम नूरेदीन अल-जिंकी के नाम पर रखा गया था, जिन्होंने सीरिया का एकीकरण किया था। उन्होंने ने ही साल 1172 में इस मस्जिद को बनाने का आदेश दिया था।

बाद में कई जंगों के बीच यह मस्जिद कई बार निशाने पर आई। इसका ज्यादातर मूल ढांचा नष्ट हो गया था। हालांकि, इसकी मीनार फिर भी खड़ी रही। बाद में मस्जिद के मलबे से 45 हजार ईंटों को निकालकर इसे दोबारा बनाया गया था। इसे ISIL ने 2017 में दोबारा तबाह कर दिया था।

2017 में इराक ने अमेरिका के साथ मिलकर ISIL को मिटाने के लिए एक अभियान चलाया था। इसी जंग के दौरान अल-नूरी मस्जिद तबाह हुई थी।

New Delhi,(Shah Times)। इराक के उत्तरी शहर मोसुल की अल-नूरी मस्जिद में 5 बड़े बम मिलने से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है की आतंकी संगठन ISIL ने ये बम दीवार में गाड़ रखे थे। अल जजीरा के मुताबिक, इन बमों का वजन 1.5 किलोग्राम है। इनमें से एक को दीवार से निकाल दिया गया है, जबकि बाकी बमों को हटाने की कोशिश की जा रही है।

यूनेस्को ने कहा कि मस्जिद में नमाज वाले हॉल की दक्षिणी दीवार में पांच बड़े साइज के बम पाए गए हैं। जाहिर सी बात है कि बड़े स्तर पर तबाही करने के लिए इन बमों को लगाया गया था। ये पांचों बम जिंदा बताए गए हैं। इराक के प्रशासन का कहना है कि एक बम को तत्काल निष्क्रिय कर दिया गया था। वहीं बाकी के चार बम आपस में जुड़े हुए हैं और कुछ दिन में उन्हें भी निष्क्रिय किया जाएगा। फिलहाल पूरे इलाके में अलर्ट जारी कर दिया गया है।

दरअसल, जुलाई 2014 में इस्लामिक स्टेट के चीफ अबु बक्र अल-बगदादी ने अल-नूरी मस्जिद पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद आतंकी संगठन ने इराक और सीरिया के बड़े हिस्से को अपने कंट्रोल में ले लिया था। अनुमान लगाया गया है कि उसी दौरान ISIL यानी ISIS की शाखा ने मस्जिद में बम लगाए होंगे, जिसे बाद में डेटोनेट कर दिया गया।

2017 में इराक ने अमेरिका के साथ मिलकर ISIL को मिटाने के लिए एक अभियान चलाया था। इसी जंग के दौरान अल-नूरी मस्जिद तबाह हुई थी। साल 2020 में ISIL के खात्मे के बाद इराक की सेना ने पूरे देश में सर्च ऑपरेशन चलाया था। हालांकि, दीवार में गड़े होने के कारण ये बम तब नहीं मिले थे।

जानकारी के अनुसार UNESCO को पांचों बम 25 जून को मिले थे, लेकिन इनकी जानकारी शनिवार को दी गई है। 12वीं सदी में बनी यह मस्जिद अपनी झुकी हुई मीनार के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। इस मस्जिद का नाम नूरेदीन अल-जिंकी के नाम पर रखा गया था, जिन्होंने सीरिया का एकीकरण किया था। उन्होंने ने ही साल 1172 में इस मस्जिद को बनाने का आदेश दिया था।

बाद में कई जंगों के बीच यह मस्जिद कई बार निशाने पर आई। इसका ज्यादातर मूल ढांचा नष्ट हो गया था। हालांकि, इसकी मीनार फिर भी खड़ी रही। बाद में मस्जिद के मलबे से 45 हजार ईंटों को निकालकर इसे दोबारा बनाया गया था। इसे ISIL ने 2017 में दोबारा तबाह कर दिया था।

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Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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