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उत्तराखंड में जंगलों की आगः चीड़ की सुखी पत्ती पिरूल को 50 रु. किलो खरीदेगी धामी सरकार,

None • 2024-05-09 09:10:52
उत्तराखंड में जंगलों की आगः चीड़ की सुखी पत्ती पिरूल को 50 रु. किलो खरीदेगी धामी सरकार,

वनाग्नि भड़काने के लिए पिरूल होता है सबसे बड़ा कारण

रुद्रप्रयाग (Shah Times)।वनाग्नि को रोकने के लिए पुष्कर सिंह धामी सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने चीड़ की सूखी पत्तियों के पिरूल को 50 रुपये प्रति किलो खरीदने की घोषणा की है। ये पिरूल अभी तक कलेक्शन सेंटर पर 3 रुपये किलो की दर से खरीदा जाता था। मुख्यमंत्री ने कहा है कि वनाग्नि को रोकने के लिए सरकार 'पिरूल लाओ-पैसे पाओ' मिशन पर भी कार्य कर रही है। इस मिशन के तहत जंगल की आग को कम करने के उद्देश्य से पिरूल कलेक्शन सेंटर पर अब रुपये 50 (पचास रुपये) प्रति किलो की दर से पिरूल खरीदे जाएंगे।

इस मिशन का संचालन पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा किया जाएगा इसके लिए 50 करोड़ रुपये का कार्पस फंड पृथक रूप से रखा जाएगा। बुधवार को देहरादून से रुद्रप्रयाग पहुंचकर मुख्यमंत्री धामी जंगल में बिखरी हुई पिरूल की पत्तियों को एकत्र करते हुए जन-जन को इसके साथ जुड़ने का संदेश दिया। पिरूल की सूखी पत्तियां वनाग्नि का सबसे बड़ा कारण होती हैं। मुख्यमंत्री धामी ने संदेश देते हुए कहा कि मेरा प्रदेश की समस्त जनता से अनुरोध है कि आप भी अपने आस-पास के जंगलों को बचाने के लिए युवक मंगल दल, महिला मंगल दल और स्वयं सहायता समूहों के साथ मिलकर बड़े स्तर पर इसे अभियान के रुप में संचालित करने का प्रयास करें।

वनाग्नि भड़काने के लिए पिरूल होता है सबसे बड़ा कारण

रुद्रप्रयाग (Shah Times)।वनाग्नि को रोकने के लिए पुष्कर सिंह धामी सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने चीड़ की सूखी पत्तियों के पिरूल को 50 रुपये प्रति किलो खरीदने की घोषणा की है। ये पिरूल अभी तक कलेक्शन सेंटर पर 3 रुपये किलो की दर से खरीदा जाता था। मुख्यमंत्री ने कहा है कि वनाग्नि को रोकने के लिए सरकार 'पिरूल लाओ-पैसे पाओ' मिशन पर भी कार्य कर रही है। इस मिशन के तहत जंगल की आग को कम करने के उद्देश्य से पिरूल कलेक्शन सेंटर पर अब रुपये 50 (पचास रुपये) प्रति किलो की दर से पिरूल खरीदे जाएंगे।

इस मिशन का संचालन पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा किया जाएगा इसके लिए 50 करोड़ रुपये का कार्पस फंड पृथक रूप से रखा जाएगा। बुधवार को देहरादून से रुद्रप्रयाग पहुंचकर मुख्यमंत्री धामी जंगल में बिखरी हुई पिरूल की पत्तियों को एकत्र करते हुए जन-जन को इसके साथ जुड़ने का संदेश दिया। पिरूल की सूखी पत्तियां वनाग्नि का सबसे बड़ा कारण होती हैं। मुख्यमंत्री धामी ने संदेश देते हुए कहा कि मेरा प्रदेश की समस्त जनता से अनुरोध है कि आप भी अपने आस-पास के जंगलों को बचाने के लिए युवक मंगल दल, महिला मंगल दल और स्वयं सहायता समूहों के साथ मिलकर बड़े स्तर पर इसे अभियान के रुप में संचालित करने का प्रयास करें।

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Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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