दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और 4 दिन के नवजात शिशु को रेस्क्यू किया। आरोपी राजस्थान व गुजरात से बच्चे लाकर दिल्ली के अमीरों को बेचते थे।
नई दिल्ली (शाह टाइम्स) राजधानी दिल्ली में मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस ने एक अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक नवजात शिशु को भी बरामद किया है, जिसकी उम्र महज 3 से 4 दिन बताई जा रही है।
पकड़े गए आरोपियों में दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। पुलिस के अनुसार इनमें से एक महिला पहले भी इसी तरह के मामले में शामिल रह चुकी है। आरोपियों पर आरोप है कि वे राजस्थान और गुजरात से नवजात बच्चों को लाकर दिल्ली के संपन्न परिवारों को 5 से 10 लाख रुपये में बेचते थे।
20 दिनों की निगरानी के बाद कार्रवाई
द्वारका जिले की स्पेशल स्टाफ टीम को इस गिरोह के बारे में एक अहम सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने 20 से अधिक संदिग्ध मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल्स खंगाली और करीब 20 दिनों तक लगातार निगरानी की। आखिरकार 8 अप्रैल, 2025 को पुलिस ने उत्तम नगर इलाके में छापेमारी कर तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के पास से एक नवजात शिशु भी मिला, जिसे तुरंत रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। मामले को लेकर उत्तम नगर थाने में एफआईआर संख्या 178/25 दर्ज की गई है। आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 143(4), 61(2), और 3(5) के अलावा, किशोर न्याय अधिनियम की धारा 81 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
गिरोह की सरगना 'सरोज' की तलाश जारी
द्वारका के पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि वे इस कार्य को 'सरोज' नामक महिला के निर्देश पर अंजाम दे रहे थे। सरोज ही गिरोह की सरगना है, जो राजस्थान और गुजरात से नवजात बच्चों की तस्करी करवाती थी और फिर दिल्ली-एनसीआर के अमीर परिवारों को लाखों रुपये में बेचती थी।
पुलिस अब सरोज और इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। साथ ही उस नवजात के माता-पिता की पहचान करने की कोशिश भी की जा रही है।
मानवता को झकझोर देने वाला मामला
यह घटना न सिर्फ कानून व्यवस्था के लिए बल्कि समाज के नैतिक मूल्यों के लिए भी एक बड़ी चेतावनी है। यह मामला इस बात की गवाही देता है कि लालच और अपराध की दुनिया किस हद तक गिर सकती है। पुलिस की सजगता और लगातार निगरानी के चलते एक मासूम की जान बचाई जा सकी, लेकिन यह भी जरूरी है कि ऐसे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचकर उसे पूरी तरह खत्म किया जाए।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।